सुनवाई के दौरान क्या हुआ?
- आपत्ति का आधार: सुनवाई के दौरान एक वकील ने आपत्ति जताते हुए कहा कि जस्टिस जयश्री ठाकुर पंजाब और हरियाणा बार काउंसिल चुनावों के लिए रिटर्निंग ऑफिसर (Returning Officer) थीं और अब उन्हें ही सदस्य के रूप में नामांकित कर दिया गया है।
- CJI की टिप्पणी: चीफ जस्टिस सूर्य कांत ने तुरंत इस आपत्ति को खारिज करते हुए कहा:“आप लोगों को क्या समस्या है? पंजाब के लिए सबसे बेहतरीन और मजबूत न्यायाधीशों में से एक को नामांकित किया गया है। लोग वहां उनके नाम से इतने खुश हैं। लोग उनसे डरते हैं।” — CJI सूर्य कांत
पृष्ठभूमि: बार काउंसिलों में महिला आरक्षण का सुप्रीम कोर्ट का फॉर्मूला
- 30% महिला प्रतिनिधित्व का आदेश (दिसंबर 2025): योगमाया एमजी बनाम भारत संघ मामले में शीर्ष अदालत ने आदेश दिया था कि सभी राज्य बार काउंसिलों में महिलाओं के लिए 30% प्रतिनिधित्व अनिवार्य होना चाहिए।
- आरक्षण का ब्रेकअप (अगस्त 2026 निर्देश): सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि इस 30% आरक्षण में से:
- 20% सीटें: प्रत्यक्ष चुनाव (Elections) के माध्यम से भरी जाएंगी।
- 10% सीटें: सह-चयन (Co-option) द्वारा भरी जाएंगी।
- सह-चयन (Co-option) का नियम: 10% सह-चयन के तहत संबंधित उच्च न्यायालय की पूर्व महिला न्यायाधीशों या प्रतिष्ठित वरिष्ठ महिला अधिवक्ताओं में से 2 महिलाओं को बार काउंसिल में मनोनीत किया जाना तय हुआ था।
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने देश भर की राज्य बार काउंसिलों (State Bar Councils) में महिला अधिवक्ताओं और पूर्व महिला न्यायाधीशों के 30% प्रतिनिधित्व के ऐतिहासिक आदेश के क्रियान्वयन के दौरान पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस जयश्री ठाकुर के नामांकन पर उठाई गई तकनीकी आपत्ति को सिरे से खारिज कर दिया है।
मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की तीन सदस्यीय विशेष पीठ ने आपत्ति जताने वाले वकील को कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्ट किया कि बार काउंसिल में एक अत्यंत सक्षम, निर्भीक और सत्यनिष्ठ पूर्व न्यायाधीश की मौजूदगी संस्था की गरिमा और निष्पक्षता को सुदृढ़ करेगी।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के प्रमुख अवलोकन एवं तीखी टिप्पणी
1. ‘पंजाब को सबसे मजबूत जजों में से एक मिली हैं, आपको क्या समस्या है?’: CJI सूर्यकांत जब एक वकील ने आपत्ति जताते हुए अदालत के समक्ष यह तर्क रखना शुरू किया कि जस्टिस जयश्री ठाकुर पंजाब और हरियाणा बार काउंसिल के आगामी चुनावों के लिए पूर्व में रिटर्निंग ऑफिसर (Returning Officer) थीं और अब उन्हें ही सदस्य के रूप में सह-चयनित (Co-opted) कर दिया गया है: “पंजाब और हरियाणा बार काउंसिल में, रिटर्निंग ऑफिसर को ही सदस्य के रूप में नामांकित कर दिया गया है…”
इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने वकील को तुरंत टोकते हुए तीखा सवाल किया और आपत्ति को खारिज करते हुए कहा: “आप लोगों को क्या समस्या है? पंजाब के लिए सबसे बेहतरीन और सबसे मजबूत जजों में से एक (One of the finest and strongest judges) को मनोनीत किया गया है। वे लोग इतने खुश हैं कि वह वहां हैं। लोग उनसे डरते हैं (People are afraid of her)।”
पीठ ने स्पष्ट किया कि जस्टिस ठाकुर जैसी प्रतिष्ठित न्यायिक हस्ती का बार काउंसिल में सह-चयन संस्थागत शुचिता और चुनावी पारदर्शिता को बनाए रखने में अत्यंत सकारात्मक भूमिका निभाएगा।
राज्य बार काउंसिलों में महिला आरक्षण का विधिक ढांचा एवं समयरेखा
यह पूरी कार्यवाही शीर्ष अदालत द्वारा राज्य बार काउंसिलों में महिलाओं के अनिवार्य प्रतिनिधित्व के संबंध में जारी ऐतिहासिक निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा के दौरान सामने आई:
1. 8 दिसंबर 2025 का ऐतिहासिक आदेश (30% महिला कोटा):
- सुप्रीम कोर्ट ने योगमाया एम.जी. बनाम भारत संघ मामले में एक ऐतिहासिक निर्देश पारित करते हुए आदेश दिया था कि देश की प्रत्येक राज्य बार काउंसिल में महिलाओं के लिए न्यूनतम 30% प्रतिनिधित्व अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।
- इसका विभाजन दो श्रेणियों में किया गया:
- 20% सीटें: सीधे लोकतांत्रिक चुनाव (Election) के माध्यम से भरी जाएंगी।
- 10% सीटें: सह-चयन (Co-option) की विशेष प्रक्रिया द्वारा भरी जाएंगी।
2. 4 अगस्त 2026 का निर्देशात्मक तंत्र (10% Co-option Mechanism):
- 4 अगस्त 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने 10% सह-चयन वाले घटक के लिए विशिष्ट पात्रता और चयन तंत्र निर्धारित किया था।
- अदालत ने निर्देश दिया था कि प्रत्येक राज्य बार काउंसिल में दो (2) प्रतिष्ठित महिलाओं को सह-चयनित किया जाएगा, जिनका चयन:
- संबंधित क्षेत्राधिकार वाले उच्च न्यायालय (Jurisdictional High Court) की पूर्व महिला न्यायाधीशों में से किया जाएगा, अथवा
- संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश से ताल्लुक रखने वाली निष्कलंक छवि और पर्याप्त अनुभव वाली वरिष्ठ महिला अधिवक्ताओं (Senior Women Advocates of fair standing) में से किया जाएगा।
3. पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा नामांकन:
- सुप्रीम कोर्ट के 4 अगस्त के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने आधिकारिक तौर पर दो प्रमुख हस्तियों को बार काउंसिल ऑफ पंजाब एवं हरियाणा के लिए नामित किया:
- सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति जयश्री ठाकुर (पूर्व न्यायाधीश, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट)
- वरिष्ठ अधिवक्ता गुरशरण कौर मान (Senior Advocate Gursharan Kaur Mann)
विधिक महत्व एवं प्रभाव
- चुनावी प्रक्रिया पर प्रभाव: राज्य बार काउंसिलों में महिला आरक्षण और सह-चयन की यह प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद राज्य बार काउंसिलें बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के लिए अपने नए प्रतिनिधियों का चुनाव करेंगी, जिससे बीसीआई के लोकतांत्रिक पुनर्गठन का मार्ग प्रशस्त होगा।
- अखंडता और निष्पक्षता: शीर्ष अदालत ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि न्यायिक पृष्ठभूमि वाली पूर्व महिला न्यायाधीशों के सह-चयन से बार काउंसिलों के आंतरिक प्रशासन, अनुशासनिक समितियों और चुनावी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता व उच्च नैतिक मानक स्थापित होंगे।
विधिक विवरण
- केस संदर्भ: योगमाया एम.जी. बनाम भारत संघ एवं अन्य [W.P.(C) – भारत का सर्वोच्च न्यायालय]
- प्रासंगिक कानून एवं विनियम:
- अधिवक्ता अधिनियम, 1961 (Advocates Act, 1961) की धारा 3 (राज्य बार काउंसिलों का गठन) एवं धारा 8 (काउंसिल का कार्यकाल)
- बार काउंसिल ऑफ इंडिया रूल्स (BCI Rules)
- भारत का संविधान – अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार), अनुच्छेद 15(3) (महिलाओं के पक्ष में सकारात्मक विभेद/विशेष प्रावधान) एवं अनुच्छेद 142 (पूर्ण न्याय करने की असाधारण शक्ति)
- सह-चयनित सदस्य (पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल):
- पूर्व न्यायमूर्ति जयश्री ठाकुर (सेवानिवृत्त न्यायाधीश, P&H हाईकोर्ट)
- वरिष्ठ अधिवक्ता गुरशरण कौर मान
- पीठ: मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना (सर्वोच्च न्यायालय)
- आदेश तिथि: 23 सितंबर 2026
Justice Jaishree Thakur: मामले का संक्षिप्त विवरण (At a Glance)
| विवरण | जानकारी |
| संबंधित अदालत | भारत का सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court of India) |
| पीठ (Judges) | CJI सूर्य कांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना |
| संबंधित संस्था | पंजाब और हरियाणा बार काउंसिल (Bar Council of Punjab & Haryana) |
| नामित सदस्य | सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति जयश्री ठाकुर एवं वरिष्ठ अधिवक्ता गुरशरण कौर मान |
| मुख्य विषय | राज्य बार काउंसिलों में महिलाओं के लिए 30% आरक्षण/सह-चयन की व्यवस्था |

