Monday, June 1, 2026
HomeHigh CourtLucknow HC: भूख और थकान से बेहाल हूं…जज ने कोर्ट ऑर्डर में...

Lucknow HC: भूख और थकान से बेहाल हूं…जज ने कोर्ट ऑर्डर में लिखी दिल की बात

Lucknow HC: न्यायिक इतिहास में शायद ही कभी ऐसा हुआ हो जब किसी जज ने अपने लिखित आदेश में अपनी शारीरिक और मानसिक स्थिति का इतना स्पष्ट जिक्र किया हो।

इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच के जस्टिस सुभाष विद्यार्थी ने 24 फरवरी को एक आदेश पारित करते हुए स्वीकार किया कि वह फैसला सुनाने की स्थिति में नहीं हैं क्योंकि वह “भूखे और थके” हुए हैं।

बिंदुओं में समझें पूरे मामले को

  • जस्टिस विद्यार्थी एक ऐसे मामले की सुनवाई कर रहे थे जिसे सुप्रीम कोर्ट ने 6 महीने के भीतर निपटाने का निर्देश दिया था।
  • डेडलाइन का दबाव: सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय की गई 6 महीने की समय सीमा उसी दिन (24 फरवरी) खत्म हो रही थी।
  • काम का भारी बोझ: उस दिन जस्टिस विद्यार्थी के सामने कुल 235 मामले (92 फ्रेश, 101 रेगुलर और अन्य) लिस्टेड थे। नियमित समय में वह केवल 29 मामलों तक ही पहुँच पाए थे।

शाम 7 बजे तक चली बहस

  • सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सम्मान करने के लिए जज ने अदालती समय खत्म होने के बाद शाम 4:15 बजे इस विशेष मामले की सुनवाई शुरू की।
  • 3 घंटे की सुनवाई: दलीलें लगातार तीन घंटे तक चलीं और शाम 7:10 बजे समाप्त हुईं।
  • कैंडिड ऑर्डर: बहस खत्म होने के बाद जज ने फैसला सुनाने के बजाय उसे ‘रिजर्व’ (सुरक्षित) रख लिया।

कोर्ट ने अपने आदेश में लिखा

चूंकि मैं भूख और थकान महसूस कर रहा हूँ और फैसला लिखवाने (Dictate) के लिए शारीरिक रूप से अक्षम हूँ, इसलिए निर्णय सुरक्षित रखा जाता है।

विवाद की पृष्ठभूमि

  • यह मामला सितंबर 2024 के एक डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल (DRT) के आदेश से जुड़ा है।
  • हाई कोर्ट का पिछला रुख: मई 2025 में हाई कोर्ट ने DRT के आदेश को ‘संदिग्ध’ बताया था।
  • सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप: अगस्त 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि हाई कोर्ट ने दूसरे पक्ष को सुने बिना ही आदेश रद्द कर दिया था। इसे ‘प्राकृतिक न्याय का उल्लंघन’ बताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मामले को वापस हाई कोर्ट भेज दिया और 6 महीने में फैसला करने को कहा।

घटनाक्रम से निकला निष्कर्ष

यह घटना भारतीय न्यायपालिका में जजों पर काम के भारी दबाव और मानवीय सीमाओं को दर्शाती है। 235 मामलों की लिस्ट और उसके बाद 3 घंटे की मैराथन सुनवाई किसी भी व्यक्ति को थका देने के लिए काफी है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Patna
haze
31 ° C
31 °
31 °
66 %
0kmh
20 %
Mon
33 °
Tue
42 °
Wed
43 °
Thu
44 °
Fri
44 °

Recent Comments