Friday, November 6, 2026
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NALSA Directives: LADCS वकीलों के अनुबंध का नहीं होगा नवीनीकरण…वकीलों की हड़ताल के बाद NALSA का फैसला, सभी पढ़ें

केस/नीति मैट्रिक्स एवं सारांश (Policy Overview)

प्रशासनिक एवं विधिक बिंदुNALSA की नई घोषणा (4 अगस्त 2026)
संबंधित प्राधिकरणराष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण (NALSA)
प्रभावित क्षेत्रपंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ (तत्काल प्रभाव से सितंबर बाद) और अन्य राज्य (कार्यकाल पूरा होने पर)
मुख्य निर्णयLADCS डिफेंस काउंसिल्स के कांट्रैक्ट्स का नवीनीकरण न करना।
वैकल्पिक व्यवस्थाजिला न्यायाधीशों द्वारा सीधे बार के सदस्यों (विशेषकर युवा वकीलों) को केस सौंपना।
भविष्य की योजनाCJI के आश्वासन अनुसार परामर्श के बाद नई ‘लीगल एड स्कीम’ का गठन होगा।

NALSA Directives: पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम (LADCS) के खिलाफ वकीलों की लगभग एक महीने लंबी चली हड़ताल के बाद राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण (NALSA) ने एक बड़ा कदम उठाया है।

NALSA ने 4 अगस्त 2026 को घोषणा की कि पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में LADCS योजना के तहत नियुक्त अधिवक्ताओं के अनुबंधों का सितंबर 2026 के बाद नवीनीकरण (Renewal) नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही, NALSA ने निर्देश जारी किया है कि देश के अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी LADCS वकीलों का वर्तमान कार्यकाल पूरा होने के बाद उनके अनुबंध का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा।

NALSA Directives: नई व्यवस्था और मामलों का आवंटन

राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरणों (SLSAs) को भेजे गए एक संचार में NALSA ने स्पष्ट किया।

  • युवा वकीलों को प्राथमिकता: NALSA ने कहा, “संबंधित जिलों के जिला न्यायाधीश विधिक सहायता (Legal Aid) के मामले बार के सदस्यों, विशेष रूप से युवा वकीलों को सौंपेंगे।”
  • नई रूपरेखा तक वैकल्पिक व्यवस्था: पंजाब और हरियाणा बार काउंसिल के अनुसार, जब तक कोई नया ढांचा तैयार नहीं हो जाता, तब तक जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंजाब और हरियाणा बार काउंसिल व संबंधित बार एसोसिएशनों के परामर्श से बार के सदस्यों को कानूनी सहायता के मामले आवंटित करेंगे।

विवाद का कारण और हड़ताल की पृष्ठभूमि

  1. समानांतर आपराधिक न्याय प्रणाली का आरोप: पंजाब के वकीलों ने LADCS योजना के खिलाफ यह तर्क देते हुए मोर्चा खोला था कि यह योजना एक ‘राज्य-वित्तपोषित समानांतर आपराधिक रक्षा प्रणाली’ खड़ी कर रही है, जिससे स्वतंत्र वकीलों और विशेष रूप से नए/युवा अधिवक्ताओं की आजीविका व प्रैक्टिस प्रभावित हो रही थी।
  2. आंदोलन का विस्तार: पंजाब से शुरू हुई यह हड़ताल धीरे-धीरे हरियाणा, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश के जिला न्यायालयों तक फैल गई। पिछले हफ्ते पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन भी इस हड़ताल में शामिल हो गया था।
  3. CJI और NALSA अध्यक्ष से बैठक: बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा और विभिन्न बार एसोसिएशनों के नेताओं ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और NALSA के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस विक्रम नाथ से मुलाकात की थी। CJI सूर्यकांत ने वकीलों को आश्वासन दिया कि उचित परामर्श और हितधारकों से चर्चा के बाद एक नई विधिक सहायता योजना (Fresh Scheme) तैयार की जाएगी।

NALSA Directives: काम-काज सामान्य हुआ

NALSA द्वारा LADCS अनुबंधों को आगे न बढ़ाने और नई नियुक्तियों पर रोक लगाने के आश्वासन के बाद:

  • पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने 3 अगस्त 2026 से काम फिर से शुरू कर दिया।
  • जिला अदालतों की बार संस्थाओं ने भी अपनी हड़ताल स्थगित कर दी है और पंजाब व हरियाणा क्षेत्र की सभी अदालतों में सामान्य कामकाज बहाल हो गया है।

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