Thursday, September 24, 2026
HomeLaworder HindiSupreme View: हमें पहले ही संसद व कार्यपालिका के कार्यों में दखल...

Supreme View: हमें पहले ही संसद व कार्यपालिका के कार्यों में दखल देने का आरोप लग रहा…यह रही सुप्रीम टिप्पणी

Supreme View: सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति बी. आर. गवई ने कहा, हमें पहले ही संसद और कार्यपालिका के कार्यों में दखल देने का आरोप लगाया जा रहा है।

उपराष्ट्रपति व भाजपा सांसद ने न्यायपालिका पर बयान दिए

हाल ही में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने न्यायपालिका के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिए। धनखड़ ने सवाल उठाया कि न्यायपालिका कैसे राष्ट्रपति को फैसले लेने की समयसीमा निर्धारित कर सकती है और संसद से ऊपर कार्य कर सकती है, यह कहते हुए कि सुप्रीम कोर्ट लोकतांत्रिक ताकतों पर “परमाणु मिसाइल” नहीं चला सकता। इसके तुरंत बाद, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट को ही कानून बनाने हैं तो संसद और विधानसभाओं को बंद कर देना चाहिए। उन्होंने भारत में धार्मिक युद्धों के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना को जिम्मेदार ठहराया।

शंकर जैन की ओर से पश्चिम बंगाल में हिंसा पर पीआईएल दायर

सोमवार को हालिया न्यायपालिका पर हुए हमलों की ओर इशारा करते हुए न्यायमूर्ति गवई की यह टिप्पणी आई है। सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह के साथ उनकी पीठ पश्चिम बंगाल में वक्फ कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की जांच की मांग वाली एक नई याचिका पर विचार कर रही थी। अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन, जिन्होंने 2021 में विधानसभा चुनावों के बाद हुई हिंसा के मद्देनजर पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग को लेकर एक जनहित याचिका दायर की थी, ने पीठ से अनुरोध किया कि मंगलवार को एक नई याचिका पर सुनवाई की जाए।

अर्धसैनिक बलों की तैनाती और त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता

जैन ने कहा कि 2021 की याचिका पहले से ही सूचीबद्ध है और उसमें उन्होंने एक नया आवेदन (IA) दायर किया है जिसमें पश्चिम बंगाल में हुई और हिंसक घटनाओं का उल्लेख किया गया है। उन्होंने कहा, “कल की सूची में आइटम 42 पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू करने से संबंधित है। वह याचिका मैंने दायर की है। उस याचिका में मैंने एक दिशा-निर्देश और पक्षकार बनाने हेतु आवेदन दायर किया है, जिसमें और अधिक हिंसा की घटनाएं सामने लाई गई हैं। जैन ने यह भी कहा कि अर्धसैनिक बलों की तैनाती और त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 355 का हवाला दिया, जिसमें संघ की राज्यों को बाहरी आक्रमण और आंतरिक अशांति से सुरक्षा की जिम्मेदारी का उल्लेख है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट राज्य में क्या हो रहा है, इसकी रिपोर्ट मांग सकता है।

जैन ने कहा- मैं दिखाऊंगा कि हिंसा कैसे हुई…

जैन ने यह भी बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने 2021 की याचिका पर पहले ही नोटिस जारी किया था। जब मामला सामने आएगा, मैं दिखाऊंगा कि हिंसा कैसे हुई। जुलाई 2021 में, सुप्रीम कोर्ट ने उस PIL पर सुनवाई के लिए सहमति दी थी, जिसमें केंद्र सरकार को राज्य में सशस्त्र/अर्धसैनिक बल तैनात करने का निर्देश देने की मांग की गई थी। अदालत ने उस समय केंद्र, पश्चिम बंगाल सरकार और चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया था। हाल ही में, सुप्रीम कोर्ट में दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की गईं, जिनमें पश्चिम बंगाल में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के विरोध में हुई हिंसा की न्यायालय-निगरानी में जांच की मांग की गई।

14 अप्रैल को वक्फ कानून को लेकर नई हिंसा भड़क उठी

14 अप्रैल को दक्षिण 24 परगना जिले के भांगड़ क्षेत्र में वक्फ कानून को लेकर नई हिंसा भड़क उठी, जबकि पुलिस का दावा था कि पिछले दंगाग्रस्त क्षेत्र मुर्शिदाबाद में कानून-व्यवस्था की स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में है। 11 और 12 अप्रैल को मुर्शिदाबाद जिले के कई हिस्सों में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान कम से कम तीन लोगों की मौत हुई और सैकड़ों लोग बेघर हो गए।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Patna
moderate rain
26 ° C
26 °
26 °
89 %
4.1kmh
100 %
Thu
25 °
Fri
26 °
Sat
29 °
Sun
32 °
Mon
31 °

Recent Comments