Sunday, October 4, 2026
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TMC Abhisekh Banerjee: क्या ग्राहकों के साथ इस तरह व्यवहार किया जाता है? अभिषेक बनर्जी का बैंक खाता ब्लॉक करने पर बैंक को यूं फटकारा

मामला सारांश (At a Glance)

पहलूविवरण
माननीय पीठCalcutta High Court (न्यायमूर्ति कृष्णा राव)
संबंधित बैंकHDFC Bank
याचिकाकर्तातृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी
मुख्य विवादसुप्रीम कोर्ट द्वारा विदेश यात्रा की अनुमति मिलने के दिन ही e-KYC के नाम पर बैंक खाता और कार्ड ब्लॉक करना।
कोर्ट का आदेशसांसद को बैंक नहीं जाना पड़ेगा; बैंक अधिकारी घर जाकर KYC औपचारिकताएं पूरी करेंगे।

TMC Abhisekh Banerjee: कलकत्ता हाईकोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता अभिषेक बनर्जी के बैंक खाते और क्रेडिट-डेबिट कार्ड को ब्लॉक किए जाने के तरीके पर HDFC Bank को कड़ी फटकार लगाई है। न्यायालय ने सख्त टिप्पणी करते हुए पूछा कि क्या बैंक अपने ग्राहकों के साथ इस तरह का बर्ताव करते हैं।

TMC Abhisekh Banerjee:पीठ और मामले की पृष्ठभूमि

न्यायमूर्ति कृष्ण राव की एकल पीठ अभिषेक बनर्जी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

अभिषेक बनर्जी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अयन भट्टाचार्य ने अदालत को बताया कि 10 अगस्त को जिस दिन सुप्रीम कोर्ट ने बनर्जी को आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति दी थी, उसी दिन एचडीएफसी बैंक ने उनके बैंक खाते के साथ-साथ उनके क्रेडिट और डेबिट कार्ड भी ब्लॉक कर दिए।

बैंक ने एक संदेश में कहा था कि एक ‘अतिरिक्त ड्यू डिलिजेंस प्रक्रिया’ (Additional Due Diligence) के कारण खाते को अस्थायी रूप से निलंबित किया जा रहा है और इस समस्या के समाधान के लिए बनर्जी को व्यक्तिगत रूप से बैंक शाखा में आना होगा।

TMC Abhisekh Banerjee:अदालत की तीखी टिप्पणियां

सुनवाई के दौरान जब बैंक के वकील ने कहा कि केवाईसी (KYC) सत्यापन के लिए कुछ अतिरिक्त दस्तावेजों और व्यक्तिगत उपस्थिति की आवश्यकता थी, तो न्यायमूर्ति कृष्ण राव ने कड़ी आपत्ति जताई:

“क्या आपका बैंक ई-केवाईसी (e-KYC) का उपयोग नहीं करता? आपका बैंक व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से देखने के लिए बहुत उत्सुक है। यदि बैंक ग्राहक का चेहरा देखने में इतना ही रुचि रखता है, तो क्या एक तस्वीर पर्याप्त नहीं होगी? आजकल सरकारी दफ्तर भी सब कुछ ऑनलाइन कर रहे हैं। आपके पत्र से ऐसा लगता है कि आप केवल व्यक्ति का चेहरा देखना चाहते हैं… क्या ग्राहकों के साथ बैंक इसी तरह से कारोबार करते हैं? मुझे बताएं, आप इसे कब हल करेंगे? जो भी दस्तावेज चाहिए, उनके वकील को बताएं और वह जमा कर देंगे।””

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बैंक का बदला हुआ रुख और अदालत की नाराजगी

याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि बनर्जी का नियमित केवाईसी पुनः सत्यापन (Re-verification) दिसंबर 2026 में देय है।

इसके जवाब में बैंक के वकील ने दलील दी कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा शुरू किए गए मामलों से नाम, मोबाइल नंबर और पैन लिंक होने के कारण सिस्टम वेरिफिकेशन के तहत यह खाता ब्लॉक हो गया था।

न्यायमूर्ति राव ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि कल की सुनवाई या बैंक द्वारा भेजे गए पत्रों में इस बात का कोई जिक्र नहीं था। जब बैंक के वकील ने कहा कि तस्वीर लेने के लिए बनर्जी की भौतिक उपस्थिति जरूरी है, तो न्यायाधीश ने कहा:

“अपने बैंक मैनेजर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए कहें, मैं पहले उनकी तस्वीर लूंगा। आप बार-बार अपना रुख नहीं बदल सकते!”

अंतरिम आदेश और अगली कार्यवाही

कड़ी फटकार के बाद बैंक के वकील ने अदालत को आश्वासन दिया कि अभिषेक बनर्जी को बैंक शाखा जाने की आवश्यकता नहीं होगी। चूंकि खाता अस्थायी रूप से ब्लॉक है और यह प्रक्रिया ऑनलाइन नहीं हो सकती, इसलिए बैंक के अधिकारी खुद सांसद के आवास पर जाकर केवाईसी की औपचारिकताएं पूरी करेंगे।

  • अदालत का अंतरिम निर्देश: न्यायालय ने बनर्जी को निर्देश दिया कि वे बैंक द्वारा मांगे गए आवश्यक केवाईसी दस्तावेज आज ही सौंप दें।
  • घर पर सत्यापन: बैंक अधिकारियों को समय तय करके आज ही बनर्जी के आवास पर जाकर औपचारिकताएं पूरी करने को कहा गया है, जिस दौरान बनर्जी घर पर उपस्थित रहेंगे।
  • वरिष्ठ अधिवक्ता अयन भट्टाचार्य ने बैंक के पिछले सभी नोटिसों को रद्द करने और केवाईसी पूरी होते ही क्रेडिट कार्ड सुविधाएं तत्काल बहाल करने की मांग की है।

इस मामले की विस्तृत सुनवाई अब सोमवार (24 अगस्त) को होगी।

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