मामला सारांश (At a Glance)
| पहलू | विवरण |
| माननीय पीठ | न्यायमूर्ति राजन राय एवं न्यायमूर्ति मनजीव शुक्ला |
| याचिकाकर्ता | दिव्य त्रिपाठी और मिथलेश श्रीवास्तव (जनहित याचिकाएँ – PIL) |
| संबंधित संस्था | अवध बार एसोसिएशन (Oudh Bar Association), लखनऊ पीठ |
| कुल सीटें व आरक्षण | 22 में से कम से कम 7 सीटें (30%) महिलाओं के लिए |
| अध्यक्ष पद का आरक्षण | 2028 से शुरू होकर प्रत्येक 3 वर्ष में चक्रीय (Rotational) आधार पर |
Women Reservation: इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) की लखनऊ पीठ ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए अवध बार एसोसिएशन (Oudh Bar Association – OBA) की कार्यकारिणी/गवर्निंग काउंसिल में महिला अधिवक्ताओं के लिए 30% (कम से कम 7 पद) आरक्षण लागू करने का निर्देश दिया है।
न्यायमूर्ति राजन राय (Justice Rajan Roy) और न्यायमूर्ति मनजीव शुक्ला (Justice Manjive Shukla) की पीठ ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत बार एसोसिएशनों में महिलाओं के 30% प्रतिनिधित्व का दिया गया आदेश सभी बार निकायों पर बाध्यकारी है और इसका ‘अक्षरशः एवं भावना’ के साथ पालन किया जाना चाहिए।
पदवार आरक्षण एवं चक्रानुक्रम (Rotation Schedule) की समय-सारणी
अवध बार एसोसिएशन की 22 सदस्यीय कार्यकारिणी के लिए अदालत द्वारा तय किया गया आरक्षण ढांचा निम्नलिखित है।
- जूनियर एग्जीक्यूटिव (Junior Executive): 6 में से 2 पद महिला अधिवक्ताओं के लिए 2026 चुनाव से और आगे भी आरक्षित रहेंगे।
- सीनियर एग्जीक्यूटिव (Senior Executive): 6 में से 2 पद महिला अधिवक्ताओं के लिए 2026 चुनाव से लगातार आरक्षित रहेंगे।
- संयुक्त सचिव (Joint Secretary): 3 में से 1 पद 2026 से महिला अधिवक्ताओं के लिए आरक्षित रहेगा।
- कोषाध्यक्ष (Treasurer): 2026 चुनाव के लिए आरक्षित; इसके बाद चक्रीय आधार पर 2029, 2032 और आगे हर 3 साल में आरक्षित रहेगा।
- वरिष्ठ उपाध्यक्ष (Senior Vice President – 20 वर्ष अनुभव): 2026 चुनाव में महिला के लिए आरक्षित; इसके बाद 2029, 2032 में चक्रीय आधार पर आरक्षित रहेगा।
- उपाध्यक्ष (Vice President – 10 वर्ष अनुभव): 2 पदों में से 1 पद 2027, 2030 और 2033 में आरक्षित रहेगा।
- उपाध्यक्ष (Vice President – 10 वर्ष से कम अनुभव): 1 पद 2028, 2031 और 2034 में आरक्षित रहेगा।
- महामंत्री (General Secretary): वर्ष 2027 में महिला अधिवक्ता के लिए आरक्षित; इसके बाद 2030, 2033 और आगे चक्रीय आधार पर आरक्षित रहेगा।
- अध्यक्ष (President): वर्ष 2028 के चुनाव में महिला के लिए पहली बार आरक्षित होगा; इसके बाद 2031, 2034 और आगे हर 3 साल में चक्रीय आधार पर आरक्षित किया जाएगा।
महत्वपूर्ण अतिरिक्त निर्देश
- उम्मीदवार न मिलने पर नामांकन: यदि किसी वर्ष आरक्षित पद के लिए कोई पात्र महिला उम्मीदवार उपलब्ध नहीं होती है, तो उस पद पर इलाहाबाद हाई कोर्ट (लखनऊ पीठ) के वरिष्ठतम न्यायाधीश द्वारा महिला अधिवक्ता को नामित (Nominated) किया जाएगा।
- बाय-लॉज में स्वतः समावेश: हाई कोर्ट के ये निर्देश अवध बार एसोसिएशन के मौजूदा बाय-लॉज (Rules) का हिस्सा माने जाएंगे।
- आपराधिक मामले (FIR) का प्रकटीकरण mandatory: बार एसोसिएशन का चुनाव लड़ने वाले प्रत्येक प्रत्याशी को नामांकन पत्र में अपने खिलाफ दर्ज किसी भी FIR या लंबित/निस्तारित आपराधिक मामले का पूरा ब्योरा देना होगा। किसी भी जानकारी को छिपाने या गलत बयानबाजी पर उम्मीदवारी/चुनाव रद्द किया जा सकता है।

