Tuesday, September 29, 2026
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Coal vanishes: मेघालय में 4 हजार मीट्रिक टन कोयला गायब…, कोर्ट ने जिम्मेदार अफसरों की पहचान करें

Coal vanishes: मेघालय हाईकोर्ट ने कहा, राज्य के दो कोयला डिपो से करीब 4 हजार मीट्रिक टन अवैध रूप से खनन किया गया कोयला कैसे गायब हो गया। यह कोयला पहले सरकारी सर्वे में दर्ज किया गया था।

31वीं अंतरिम रिपोर्ट में हुआ खुलासा

न्यायमूर्ति एचएस थांगखिउ की अध्यक्षता वाली बेंच ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि जिन लोगों या अफसरों की लापरवाही से यह कोयला गायब हुआ है, उनकी पहचान कर कार्रवाई की जाए। कोर्ट ने राज्य सरकार और उसकी एजेंसियों से जवाब मांगा है। यह खुलासा रिटायर्ड जस्टिस बीपी काटेकी कमेटी की 31वीं अंतरिम रिपोर्ट में हुआ है, जो राज्य में कोयला खनन और परिवहन की निगरानी कर रही है।

डिपो में दर्ज मात्रा से बेहद कम कोयला मिला

रिपोर्ट के मुताबिक, डिएंगनगन गांव में जहां पहले 1,839.03 मीट्रिक टन कोयला दर्ज था, वहां अब सिर्फ 2.5 मीट्रिक टन मिला। वहीं, राजाजू गांव में 2,121.62 मीट्रिक टन दर्ज कोयले में से सिर्फ 8 मीट्रिक टन ही बचा है। कोर्ट ने कहा कि यह कोयला पहले ही पकड़ा जा चुका था, फिर भी अज्ञात लोग इसे उठा ले गए। इससे जमीन पर निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

कोयला नीलामी और स्टॉक से जुड़ी कई समस्याएं

रिपोर्ट में कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) के डिपो में रखे गए कोयले की नीलामी और निपटान से जुड़ी कई समस्याएं भी बताई गई हैं। कोर्ट के 2 जून के आदेश के बाद CIL और अन्य पक्षों के साथ बैठकें हुईं।
CIL ने चार प्रस्ताव दिए, जिनमें से तीन पहले से ही 2022 की संशोधित योजना का हिस्सा हैं। कमेटी ने दो नए नियम जोड़ने की सिफारिश की है—पूरा भुगतान 120 दिन में हो और भुगतान के 120 दिन के भीतर कोयला उठा लिया जाए।

यह है अन्य प्रमुख बिंदु

  1. स्थानीय कोयला आधारित उद्योगों को नीलामी में शामिल करने के लिए बैठकें बुलाने की सिफारिश की गई है।
  2. थोक खरीदारों को रियायती दर देने का सुझाव भी दिया गया है।
  3. CIL ने सुझाव दिया है कि जब तक लंबित मुद्दे हल नहीं होते, तब तक नीलामी रोकी जाए। राज्य सरकार ने यह सुझाव मान लिया है।

UAV सर्वे में कोयला स्टॉक न दिखने पर 21 लोगों ने आवेदन दिए

कमेटी ने 21 लोगों के आवेदन जांचे, जिनका दावा था कि उनके कोयले का स्टॉक UAV सर्वे में नहीं दिखा। इनमें से सिर्फ एक का दावा सही पाया गया। बाकी 14 के स्टॉक सर्वे कोऑर्डिनेट से मेल नहीं खाए, 6 ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा नहीं दिया था और एक का कोयला सरकारी सूची में नहीं था। राज्य सरकार ने बताया कि राजाजू, डिएंगनगन और साउथ गारो हिल्स में कोयला गायब होने पर FIR दर्ज की गई है, लेकिन जांच की स्थिति स्पष्ट नहीं की गई। कमेटी ने सभी डिप्टी कमिश्नरों को UAV सर्वे और भौतिक स्टॉक का मिलान कर अंतर मिलने पर FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।

यह है अन्य अहम जानकारियां

  • ट्रक नंबर और ट्रांसपोर्ट चालान में अंतर तकनीकी कारणों से हुआ, फर्जीवाड़ा नहीं।
  • कोयला ओवरलोडिंग पर निगरानी टीम काम कर रही है।
  • मुसियांग गांव में कोयला मजदूर की मौत की खबर झूठी पाई गई।
  • कोक ओवन प्लांट्स का सोर्स ऑडिट जारी है, रिपोर्ट अगली सुनवाई में पेश की जाएगी।
  • स्मार्ट चेक गेट्स को कस्टम गेट्स से जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है।
  • डेमरेज चार्ज के 13.49 लाख रुपए में से 5.01 लाख अब भी बकाया हैं, वसूली के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।
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