Wednesday, September 30, 2026
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Gen Alpha Protest: हमीरपुर ‘जेन अल्फा’ स्कूली बच्चों का 5 किमी पैदल प्रदर्शन…यह तो कठिनाईयों की भयावहता दर्शाता है, स्वत: संज्ञान पर दी टिप्पणी

मामला सारांश (At a Glance

पहलूविवरण
माननीय पीठमुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली एवं न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र
मामले का शीर्षकIn Re: Road to School, Hamirpur Vs. State of U.P. and others
घटनास्थलचंदूपुर गांव, जिला हमीरपुर (उत्तर प्रदेश)
मूल समस्यास्कूल के लिए 1.5 किमी खस्ताहाल सड़क, वन विभाग से NOC की कमी (लागत: ₹1.81 करोड़)
सुनवाई की अगली तिथि24 अगस्त 2026

Gen Alpha Protest: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के चंदूपुर गांव में स्कूल के लिए सड़क न होने पर 200 से अधिक ‘जेन अल्फा’ स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों द्वारा 5 किलोमीटर पैदल चलकर जिलाधिकारी (DM) कार्यालय पर किए गए प्रदर्शन पर इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने स्वतः संज्ञान लिया है।

मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली (Chief Justice Arun Bhansali) और न्यायाधीश क्षितिज शैलेंद्र (Justice Kshitij Shailendra) की पीठ ने 12 अगस्त 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए कहा: छोटे-छोटे स्कूली बच्चों का अपनी बुनियादी समस्याओं और सड़क के लिए जिलाधिकारी कार्यालय तक 5 किलोमीटर पैदल चलकर विरोध प्रदर्शन करना उनके द्वारा सामना की जा रही कठिनाइयों की भयावहता को दर्शाता है। राज्य की जिम्मेदारी वाले काम के लिए बच्चों को आंदोलन करने पर मजबूर होना स्वीकार्य नहीं है।

हाई कोर्ट ने इस मामले को जनहित याचिका के रूप में पंजीकृत करने का निर्देश दिया और इसका शीर्षक रखा: ‘In Re: Road to School, Hamirpur Vs. State of U.P. and others’।

अदालत द्वारा जारी निर्देश एवं मुख्य बिंदु

  1. नोटिस जारी
    • अदालत ने उत्तर प्रदेश राज्य, जिलाधिकारी (हमीपुर), लोक निर्माण विभाग (PWD) के मुख्य सचिव, PWD के कार्यकारी इंजीनियर, और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
  2. राज्य सरकार से जवाब
    • राज्य सरकार के अतिरिक्त अधिवक्ता सामान्य (AAG) को निर्देश दिया गया है कि वे बिना किसी विलंब के स्थिति पर अपनी प्रतिक्रिया प्रस्तुत करें और बताएं कि समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
  3. अगली सुनवाई: मामले की अगली सुनवाई 24 अगस्त 2026 को तय की गई है।

प्रशासनिक अड़चनें और समस्या की पृष्ठभूमि

  • प्रशासन एवं PWD का रुख: दैनिक रिपोर्ट के अनुसार PWD के कार्यकारी इंजीनियर ने माना कि लगभग 1.5 किलोमीटर लंबी सड़क बेहद खस्ताहाल स्थिति में है। इसके लिए ₹1.81 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया गया है, लेकिन वन विभाग (Forest Department) से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) न मिलने के कारण काम अटका हुआ है।
  • बच्चों की परेशानी: चंदूपुर गांव के 200 से अधिक छात्र और 50 से अधिक अभिभावक तिरंगा लेकर 11 अगस्त 2026 को नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे थे।
  • कच्चा और कीचड़युक्त रास्ता: ग्रामीणों के अनुसार बारिश और मानसून के दौरान कच्ची सड़क पूरी तरह से कीचड़ में तब्दील हो जाती है, जिससे बच्चों का स्कूल जाना और बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाना बेहद मुश्किल हो जाता है।
  • वैकल्पिक मार्ग बंद: ग्रामीणों द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला एक अन्य वैकल्पिक रास्ता भी वन विभाग द्वारा बंद कर दिए जाने से समस्या और बढ़ गई।

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