Sunday, October 4, 2026
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Limitation Period: पुरानी संपत्ति बेचने से पहले नए मकान के निर्माण पर धारा 54 विवाद; ITAT दिल्ली ने रद्द किया आयकर नोटिस, जानिए मामला

मामला सारांश (At a Glance)

पहलूविवरण
अपीलीय प्राधिकरणITAT, Delhi Bench ‘A’ (Pronounced: 3 August 2026)
संबंधित धाराएंIncome Tax Act Sec 54, Sec 147, Sec 148 & TOLA
मूल विवादपुरानी संपत्ति बेचने से पहले नए मकान का निर्माण शुरू करने पर धारा 54 की छूट।
अंतिम निर्णयधारा 148 का नोटिस समय-बाधित (Time-Barred) होने के कारण पुनर्मूल्यांकन रद्द; करदाता की अपील स्वीकार।

Limitation Period: आयकर अपीलीय अधिकरण (ITAT) की दिल्ली पीठ ने राज कुमार बनाम आयकर अधिकारी (Raj Kumar vs ITO, ITA No. 3396/Del/2026) मामले में करदाता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए आयकर विभाग द्वारा जारी किए गए पुनर्मूल्यांकन (Reassessment) नोटिस को रद्द कर दिया है। ट्रिब्यूनल ने पाया कि आयकर अधिनियम की धारा 148 (Section 148) के तहत जारी किया गया नोटिस समय सीमा (Limitation Period) समाप्त होने के बाद भेजा गया था।

Limitation Period: सीमा समयावधि (Limitation Issue) पर ट्रिब्यूनल का निष्कर्ष

  • समय-बाधित (Time-Barred) नोटिस
    • सर्वोच्च न्यायालय के राजीव बंसल (Rajeev Bansal) मामले के फैसले और TOLA (कराधान और अन्य कानून) के प्रावधानों के तहत करदाता के जवाब के बाद विभाग के पास नोटिस जारी करने के लिए 33 दिनों की शेष अवधि उपलब्ध थी।
    • करदाता द्वारा 6 जून 2022 को जवाब दाखिल किए जाने के बाद यह समय सीमा 9 जुलाई 2022 को समाप्त हो गई थी।
    • हालांकि, आंकलन अधिकारी (AO) ने धारा 148A(d) के तहत आदेश और धारा 148 का नया नोटिस 23 जुलाई 2022 को जारी किया।
  • पुनर्मूल्यांकन आदेश अमान्य
    • ITAT ने माना कि चूंकि धारा 148 का नोटिस निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद जारी किया गया था, इसलिए धारा 147 के तहत किया गया पूरा पुनर्मूल्यांकन (Reassessment) कानूनी रूप से अमान्य हो जाता है।

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Limitation Period: मामले की पृष्ठभूमि और धारा 54 (Section 54) विवाद

  1. संपत्ति की बिक्री: पश्चिम विहार (दिल्ली) निवासी राज कुमार ने जुलाई 2005 में ₹6.48 लाख में खरीदा गया एक फ्लैट 9 अक्टूबर 2013 को ₹53 लाख में बेचा था।
  2. नए मकान का निर्माण: उन्होंने तिलक नगर में एक नए रिहायशी मकान के निर्माण और जमीन में ₹47.38 लाख का निवेश किया और धारा 54 के तहत दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ (LTCG) में छूट का दावा किया।
  3. आयकर विभाग की आपत्ति: विभाग ने इस आधार पर धारा 54 की छूट खारिज कर दी कि नए मकान का निर्माण 31 अक्टूबर 2012 को शुरू हुआ था, जो कि पुरानी संपत्ति की बिक्री (9 अक्टूबर 2013) से लगभग एक साल पहले था। AO ने पूरे बिक्री मूल्य को अल्पकालिक पूंजीगत लाभ (STCG) मान लिया था।

Limitation Period: महत्वपूर्ण कानूनी टेकअवे (Key Takeaway)

ITAT का यह आदेश केवल क्षेत्राधिकार और समय सीमा (Jurisdictional Ground) के आधार पर दिया गया है। ट्रिब्यूनल ने इस मेरिट (Merits) पर कोई फैसला नहीं सुनाया है कि “संपत्ति बेचने से पहले निर्माण शुरू करने पर धारा 54 की छूट मिलेगी या नहीं”। इसलिए, इस फैसले को पूर्व-बिक्री निर्माण के तहत धारा 54 की स्वतः स्वीकृति के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

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