अदालत की मुख्य टिप्पणियां
- साजिश और ‘Proceeds of Crime’:विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने माना कि प्रथम दृष्टया यह साबित होता है कि पटना की जमीन की डील अपराध की आय (Proceeds of Crime) थी, जिसका सीधा फायदा यादव परिवार को मिला। “कुछ संदिग्ध सौदे सबके सामने किए जाते हैं। इस बात का मजबूत संदेह है कि यादव परिवार के सदस्यों के नाम पर अपराध की आय जुटाई गई और उसका आनंद लिया गया।” — कोर्ट की टिप्पणी
- राजनीतिक बदले की भावना की दलील खारिज:अदालत ने बचाव पक्ष की इस दलील को खारिज कर दिया कि यह जांच राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित थी। कोर्ट ने कहा कि जांच के समय, प्रकृति और साक्ष्यों को देखते हुए राजनीतिक दुर्भावना का कोई आधार नजर नहीं आता।
नई दिल्ली: दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित विशेष सीबीआई व पीएमएलए अदालत ने चर्चित आईआरसीटीसी (IRCTC) होटल घोटाला मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव, बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और 6 अन्य आरोपियों के खिलाफ ‘धन शोधन निवारण अधिनियम’ (PMLA) के तहत आरोप तय (Framing of Charges) करने का आदेश दिया है [प्रवर्तन निदेशालय बनाम लालू प्रसाद यादव एवं अन्य]।
विशेष न्यायाधीश (PC Act) विशाल गोगने ने प्रथम दृष्टया सामग्री को ट्रायल चलाने के लिए पर्याप्त पाते हुए मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय करने का आदेश पारित किया। अदालत ने बचाव पक्ष की राजनीतिक प्रतिशोध (Political Vendetta) वाली दलील को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि मामले में पद के गंभीर दुरुपयोग और अपराध की कमाई के मजबूत साक्ष्य मौजूद हैं। मामले में औपचारिक रूप से आरोप 3 अक्टूबर 2026 को तय किए जाएंगे।
विशेष अदालत की प्रमुख विधिक टिप्पणियां
1. ‘संदिग्ध सौदे दिनदहाड़े किए जाते हैं’ (Proceeds of Crime)
अदालत ने आदेश में तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा: “कुछ संदिग्ध सौदे दिन के उजाले में खुलेआम किए जाते हैं (Some dubious deals are cut in plain sight)। इस बात का बहुत मजबूत संदेह (Strong Suspicion) मौजूद है कि अपराध की आय (Proceeds of Crime) यादव परिवार के सदस्यों के नाम पर सृजित की गई और वे आज भी इसका उपभोग कर रहे हैं। रिकॉर्ड से स्पष्ट संकेत मिलता है कि राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के हाथों में पद के दुरुपयोग से हासिल दागी संपत्ति मौजूद है, जो लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहने के दौरान (2004-2009) उन्हें हस्तांतरित की गई थी।”
2. राजनीतिक दुर्भावना की दलील खारिज
अदालत ने बचाव पक्ष के राजनीतिक पूर्वाग्रह के दावे को नकारते हुए कहा कि जांच की प्रकृति, समयसीमा और प्रक्रिया किसी भी प्रकार के राजनीतिक प्रतिशोध के निष्कर्ष का समर्थन नहीं करती।
किन आरोपियों पर चलेगा केस और किसे मिली राहत?
| वर्ग | आरोपियों के नाम | स्थिति |
| चार्ज फ्रेम (ट्रायल का सामना करेंगे) | 9 आरोपी: लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, प्रेम चंद गुप्ता, सरला गुप्ता, विनय कोचर, विजय कोचर, मैसर्स लारा प्रोजेक्ट्स (LARA Projects LLP) और सुजाता होटल्स। | आरोप तय करने का आदेश (ट्रायल चलेगा) |
| डिस्चार्ज (आरोप मुक्त हुए) | 7 आरोपी: राहुल यादव (लालू यादव के दामाद), गौरव गुप्ता, नाथ मल कांकरिया, विजय त्रिपाठी, देवकी नंदन तुलस्यान, राजीव रेलन और मैसर्स अभिषेक फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड। | आरोप मुक्त (Discharged) |
मामले की पृष्ठभूमि (IRCTC होटल लीज एवं लारा प्रोजेक्ट्स विवाद)
- 2004-2009 का रेल मंत्री कार्यकाल: आरोप है कि लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहते हुए रांची और पुरी स्थित आईआरसीटीसी के दो प्रमुख हेरिटेज होटलों (बीएनआर होटल्स) के सब-लीज अधिकारों को मैसर्स सुजाता होटल्स प्राइवेट लिमिटेड (कोचर बंधुओं) को सौंपने के लिए टेंडर प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर हेरफेर किया गया।
- क्विड प्रो क्वो (Quid Pro Quo): केंद्रीय एजेंसियों (CBI और ED) का आरोप है कि टेंडर में अनुचित लाभ पहुंचाने के बदले पटना में स्थित करोड़ों रुपये मूल्य की 3 एकड़ बेशकीमती जमीन कौड़ियों के दाम एक बेनामी/शेल कंपनी (डिलाइट मार्केटिंग, जिसे बाद में लारा प्रोजेक्ट्स एलएलपी बनाया गया) को ट्रांसफर की गई।
- शेयरों का ट्रांसफर: बाद में उस कंपनी के अधिकांश शेयर और स्वामित्व नाममात्र की कीमत पर राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के नाम स्थानांतरित कर दिए गए, जिससे वे उस बहुमूल्य जमीन के वास्तविक मालिक बन गए।
- CBI केस में पहले ही आरोप तय (13 अक्टूबर 2025): इसी मामले में सीबीआई द्वारा दर्ज मूल भ्रष्टाचार केस में राउज एवेन्यू कोर्ट ने पिछले वर्ष 13 अक्टूबर 2025 को लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) और आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी) व 120B (आपराधिक साजिश) के तहत आरोप तय किए थे। अब ईडी के मनी लॉन्ड्रिंग केस में भी दोनों मुकदमे समानांतर चलेंगे।
विधिक प्रतिनिधित्व
- याचिकाकर्ताओं (लालू यादव, तेजस्वी यादव, राबड़ी देवी, राहुल यादव) की ओर से: अधिवक्ता वरुण जैन, नवीन कुमार, सुमित सिंह और सतीश कुमार।
- जांच एजेंसी की ओर से: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के विशेष लोक अभियोजक।
- अदालत: विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने, राउज एवेन्यू कोर्ट, नई दिल्ली।
Lalu’s IRCTC Scam:मामले का संक्षिप्त विवरण (At a Glance)
| विवरण | जानकारी |
| संबंधित अदालत | विशेष जज (PC Act) विशाल गोगने, राउज एवेन्यू कोर्ट, नई दिल्ली |
| मुख्य आरोपी जिनके खिलाफ आरोप तय | लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, पीसी गुप्ता, सरला गुप्ता, विनय कोचर, विजय कोचर, M/s लारा प्रोजेक्ट्स LLP और M/s सुजाता होटल्स |
| बरी किए गए 7 आरोपी | राहुल यादव (लालू यादव के दामाद), गौरव गुप्ता, नाथमल कांकरिया, विजय त्रिपाठी, देवकी नंदन तुलस्यान, राजीव रेलन और अभिषेक फाइनेंस |
| मुख्य जांच एजेंसियां | प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) |
| अगली सुनवाई (औपचारिक आरोप तय करने की तिथि) | 3 अक्टूबर 2026 |

