Friday, October 2, 2026
HomeLaworder HindiSC-INDIABULLS: सीबीआई में इतनी हिम्मत है कि वह हमारे सामने पेश न...

SC-INDIABULLS: सीबीआई में इतनी हिम्मत है कि वह हमारे सामने पेश न हो?…किस केस में कहा सुप्रीम कोर्ट ने

SC-INDIABULLS: सुप्रीम कोर्ट ने फर्जी लोन के एक मामले में कहा, सीबीआई में इतनी हिम्मत है कि वह हमारे सामने पेश न हो?

सीबीआई के हाजिर न हाेने पर नाराज

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (अब सम्मान कैपिटल लिमिटेड) के खिलाफ फर्जी लोन देने के मामले में सीबीआई की गैरमौजूदगी पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने पूछा कि नोटिस जारी होने के बावजूद सीबीआई पेश क्यों नहीं हुई? क्या सीबीआई को कोर्ट में पेश न होने की हिम्मत कैसे हुई? न्यायमूर्ति सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने कहा, “सीबीआई के कुछ सीनियर अधिकारी कोर्ट में पेश हों। हम उनसे कुछ सवाल पूछना चाहते हैं।”

एनजीओ सिटिजन्स व्हिसलब्लोअर फोरम ने दलील दी

एनजीओ सिटिजन्स व्हिसलब्लोअर फोरम की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण ने आरोप लगाया कि इंडियाबुल्स, जो एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी है, ने हजारों करोड़ रुपए के लोन कॉरपोरेट कंपनियों को दिए। इन कंपनियों ने बाद में सैकड़ों करोड़ रुपए बिना किसी गारंटी के इंडियाबुल्स के प्रमोटर्स को ट्रांसफर कर दिए।

यह एक बड़ा घोटाला है: प्रशांत भूषण

भूषण ने कहा, “यह एक बड़ा घोटाला है। ईडी ने भी अपने हलफनामे में माना है कि कंपनी में गड़बड़ियां हुई हैं और जांच जारी है। सेबी ने भी माना कि उसने जांच की, लेकिन वह इस मामले की जांच के लिए सक्षम अथॉरिटी नहीं है, इसलिए मामला दूसरी एजेंसियों को भेजा गया।”

कॉरपोरेट कंपनियों को दिए गए फर्जी लोन

याचिकाकर्ता एनजीओ ने आरोप लगाया कि इंडियाबुल्स और उसके मालिकों ने बड़ी कॉरपोरेट कंपनियों को फर्जी लोन दिए। इन कंपनियों ने यह पैसा घुमा-फिराकर इंडियाबुल्स के प्रमोटर्स की कंपनियों में डाला, जिससे उनकी निजी संपत्ति बढ़ी।
ईडी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू ने कहा कि एजेंसी मामले की जांच कर रही है। जहां तक सीबीआई की बात है, वह तभी जांच कर सकती है जब राज्य सरकार से अनुमति मिले या कोई औपचारिक शिकायत हो।

कानून से कोई ऊपर नहीं है: अदालत

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “सीबीआई न्यायिक रिकॉर्ड के आधार पर भी केस दर्ज कर सकती है। अगर कुछ गलत हुआ है तो केंद्रीय जांच एजेंसियों को रिपोर्ट देनी चाहिए थी। एफआईआर या शिकायत का इंतजार क्यों? कानून से कोई ऊपर नहीं है।”

इंडियाबुल्स ने NGO को बताया ब्लैकमेलर

इंडियाबुल्स की ओर से पेश सीनियर वकील मुकुल रोहतगी ने एनजीओ को ब्लैकमेलर बताया और कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट ने पहले ही उसकी याचिका खारिज कर दी थी। राजू ने कोर्ट को बताया कि अब तक किसी निवेशक या आम जनता ने फंड के दुरुपयोग या धोखाधड़ी की शिकायत नहीं की है। इस पर भूषण ने कहा कि इस मामले में बैंकों को धोखा दिया गया है।

सुनवाई की अगली तारीख 30 जुलाई

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 30 जुलाई को तय की है। इससे पहले 13 मई को कोर्ट ने सीबीआई से जवाब मांगा था। याचिका में 2 फरवरी 2024 को हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई है। कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय और सेबी ने भी माना कि इंडियाबुल्स में अनियमितताएं हुई हैं। ईडी ने महाराष्ट्र के एक मामले में जांच के दौरान पाया कि करीब 300 करोड़ रुपए की सार्वजनिक राशि को विदेश भेजा गया और निवेशकों को धोखा दिया गया।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Patna
clear sky
26 ° C
26 °
26 °
94 %
0kmh
6 %
Thu
27 °
Fri
33 °
Sat
33 °
Sun
33 °
Mon
33 °

Recent Comments