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Bribe means: अब रिश्वत लेना मनी लॉन्ड्रिंग के दायरे में…बॉम्बे हाई कोर्ट ने कह दी बड़ी बात, पूरा केस पढ़ें

Bribe means: बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण व्यवस्था देते हुए कहा है कि यदि कोई व्यक्ति रिश्वत लेता है, तो वह ‘अपराध की कमाई’ (Proceeds of Crime) अर्जित करता है।

चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अनखाड की पीठ ने सोमवार को नगर नियोजन विभाग के पूर्व उप निदेशक वाई. शिवा रेड्डी की याचिका पर यह फैसला सुनाया। इसी के साथ अदालत ने वसई विरार शहर नगर निगम (VVCMC) के एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने अपनी गिरफ्तारी को अवैध घोषित करने की मांग की थी।

मामले की पृष्ठभूमि और आरोप

  • अवैध निर्माण का घोटाला: आरोप है कि 2019 से 2023 के बीच डेवलपर्स ने जाली दस्तावेजों और फर्जी अनुमतियों के जरिए 41 इमारतों का अवैध निर्माण किया। यह निर्माण उन जमीनों पर किया गया जो ‘सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट’ और ‘डंपिंग ग्राउंड’ के लिए आरक्षित थीं।
  • ED की छापेमारी: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रेड्डी के आवासों पर छापेमारी के दौरान 8.23 करोड़ रुपये नकद और 23.28 करोड़ रुपये के जेवर बरामद किए थे।
  • गिरफ्तारी: रेड्डी को अगस्त 2025 में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया गया था और वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

हाई कोर्ट की मुख्य टिप्पणियां

  • रिश्वत और अपराध की कमाई: कोर्ट ने स्पष्ट किया कि धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत ‘अपराध की कमाई’ की परिभाषा बहुत व्यापक है। कोर्ट ने कहा, “यदि कोई व्यक्ति रिश्वत लेता है, तो वह अपराध की कमाई प्राप्त करता है।”
  • साक्ष्यों की पर्याप्तता: पीठ ने कहा कि बेहिसाब नकदी, आभूषण और गवाहों के बयान यह मानने के लिए पर्याप्त आधार देते हैं कि रेड्डी प्रथम दृष्टया मनी लॉन्ड्रिंग के दोषी हैं।
  • प्रक्रिया का पालन: कोर्ट ने रेड्डी के इस दावे को खारिज कर दिया कि उनकी गिरफ्तारी अवैध थी। अदालत ने कहा कि ED ने 13 अगस्त, 2025 को रेड्डी को गिरफ्तार करने से पहले कानून की उचित प्रक्रिया का पालन किया था।

रेड्डी का पक्ष और कोर्ट का जवाब

रेड्डी ने तर्क दिया था कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत उनके खिलाफ मामला ED की छापेमारी के बाद दर्ज किया गया था, और बरामद नकदी को अपराध की कमाई साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं। हालांकि, हाई कोर्ट ने इसे खारिज करते हुए कहा कि जांच आगे बढ़ने के साथ अपराध की कमाई की मात्रा और उसके स्रोतों का विवरण बदल सकता है, लेकिन शुरुआती सबूत गिरफ्तारी के लिए पर्याप्त थे।

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