Friday, October 30, 2026
HomeHigh CourtNational Honour Row: वंदे मातरम् का अपमान संवैधानिक कर्तव्यों का उल्लंघन…कांग्रेस के...

National Honour Row: वंदे मातरम् का अपमान संवैधानिक कर्तव्यों का उल्लंघन…कांग्रेस के दो पार्षदों के इस नए कारनामा पर कोर्ट की टिप्पणी

National Honour Row: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ ने नगर निगम की बैठक के दौरान ‘वंदे मातरम्’ गाने से इनकार करने वाली कांग्रेस की दो महिला पार्षदों को ‘कारण बताओ’ (Show-cause) नोटिस जारी किया है।

हाईकोर्ट के जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की बेंच ने एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम और रुबिना इकबाल खान के साथ-साथ राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। अदालत इस मामले में न केवल इन पार्षदों के आचरण, बल्कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के सम्मान को लेकर एक स्पष्ट कानूनी ढांचे की आवश्यकता पर भी विचार कर रही है।

मामला क्या था? (The Incident)

  • घटना: 8 अप्रैल, 2026 को इंदौर नगर निगम (IMC) की बजट बैठक के दौरान जब राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ गाया जा रहा था, तब इन दोनों पार्षदों ने गाने से इनकार कर दिया।
  • तर्क: पार्षद फौजिया अलीम ने अपनी ‘इस्लामी मान्यताओं’ का हवाला देते हुए राष्ट्रगीत गाने से मना किया, जिसका रुबिना खान ने समर्थन किया।
  • आरोप: याचिकाकर्ता वकील योगेश हेमनानी का आरोप है कि पार्षदों ने न केवल गीत गाने से मना किया, बल्कि अपमानजनक टिप्पणियां भी कीं, जो राष्ट्रगीत का अपमान है।

कानूनी और संवैधानिक पेंच

  • याचिका में इस आचरण को गंभीर कानूनी उल्लंघन बताया गया है।
  • मौलिक कर्तव्य (Fundamental Duties): संविधान के अनुच्छेद 51A के तहत राष्ट्रगान और राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
  • राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम, 1971: याचिका में तर्क दिया गया कि राष्ट्रगीत का जानबूझकर अनादर करना इस अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है।
  • पुलिस कार्रवाई: पुलिस ने दोनों पार्षदों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 (विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी या नफरत फैलाना) के तहत पहले ही मामला दर्ज कर लिया है।

याचिका की मुख्य मांग: एक स्पष्ट नियम (Legal Framework)

  • यह याचिका केवल सजा दिलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य के लिए एक व्यवस्था चाहती है।
  • दिशानिर्देश: याचिकाकर्ता ने मांग की है कि सरकारी आयोजनों या सार्वजनिक मंचों पर वंदे मातरम् गाते समय उपस्थित लोगों के “गरिमापूर्ण आचरण” को सुनिश्चित करने के लिए एक स्पष्ट कानूनी ढांचा तैयार किया जाए।

केस के मुख्य बिंदु (Key Highlights)

बिंदुविवरण
प्रतिवादीदो कांग्रेस पार्षद और मध्य प्रदेश सरकार।
अगली सुनवाई11 मई, 2026।
विवाद का केंद्रक्या धार्मिक मान्यताओं के आधार पर राष्ट्रगीत गाने से इनकार करना ‘राष्ट्रीय अपमान’ है?
कोर्ट का रुखफिलहाल नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

आस्था बनाम राष्ट्रगीत का सम्मान

यह मामला एक बार फिर व्यक्तिगत धार्मिक मान्यताओं और नागरिक कर्तव्यों के बीच के संघर्ष को अदालती गलियारे में ले आया है। इससे पहले भी राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को लेकर कई बार अदालतों ने स्पष्टीकरण दिए हैं, लेकिन इंदौर का यह मामला नगर निगम जैसे संवैधानिक पदों पर बैठे जन प्रतिनिधियों के आचरण पर केंद्रित है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Patna
moderate rain
21 ° C
21 °
21 °
87 %
5.4kmh
100 %
Fri
21 °
Sat
28 °
Sun
29 °
Mon
30 °
Tue
30 °

Recent Comments