Friday, August 14, 2026
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Chinese Manjha: चाइनीज मांझे पर रोक लगाने की मांग…फिर पतंग एसोसिएशन ने क्या लगा दी आपत्ति, पढ़ें पूरा मामला

Chinese Manjha: इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने जानलेवा ‘चाइनीज मांझा’ (नायलॉन और लेड-कोटेड पतंग की डोर) की बिक्री और उपयोग पर कड़ा रुख अपनाया है।


अधिवक्ता एम.एल. यादव की जनहित याचिका पर सुनवाई

जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस मंजीव शुक्ला की पीठ ने स्पष्ट किया कि केवल प्रतिबंध लगाना काफी नहीं है, बल्कि उसका जमीनी स्तर पर पालन सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से पूछा है कि इस पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए उनके पास क्या ठोस कार्ययोजना (Action Plan) है। यह आदेश स्थानीय अधिवक्ता एम.एल. यादव द्वारा दायर एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई के दौरान आया। चाइनीज मांझा न केवल पक्षियों के लिए घातक है, बल्कि दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों के लिए भी जानलेवा साबित हो रहा है।

सरकार का जवाब: नया कानून और समिति

  • सुनवाई के दौरान यूपी सरकार ने कोर्ट को अपनी तैयारियों के बारे में बताया।
  • नया कानून: राज्य सरकार ऐसे मांझे को प्रतिबंधित करने के लिए एक विशेष कानून बनाने की प्रक्रिया में है।
  • विशेष समिति: इस कानून का मसौदा तैयार करने और प्रभावी कदम उठाने के लिए एक 6 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है।

अधिकारियों की पेशी का निर्देश

  • कोर्ट सरकार के जवाब से पूरी तरह संतुष्ट नहीं दिखा और अधिकारियों की जवाबदेही तय की।
  • वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग: कोर्ट ने गृह (Home) और पर्यावरण (Environment) विभागों के सचिवों (या उनसे ऊपर के रैंक के अधिकारियों) को अगली सुनवाई की तारीख, 13 जुलाई, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया है।
  • NGT का प्रतिबंध: केंद्र सरकार के वकील ने कोर्ट को याद दिलाया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) पहले ही लेड-कोटेड और नायलॉन मांझे पर प्रतिबंध लगा चुका है।

पतंग एसोसिएशन की चिंता और कोर्ट का रुख

  • शहर के पतंग संघ (Kite Association) ने एक हस्तक्षेप आवेदन दायर कर आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई के नाम पर उनके सदस्यों को परेशान कर रही है।
  • सहयोग की अपील: कोर्ट ने कहा कि एसोसिएशन के सदस्यों को भी प्रतिबंधित मांझे के खिलाफ अभियान में सहयोग करना चाहिए।
  • संतुलित कार्रवाई: कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करते समय यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी निर्दोष को बेवजह परेशान न किया जाए।

मामले का सारांश (Quick Highlights)

मुख्य बिंदुविवरण
प्रतिबंधित वस्तुचाइनीज मांझा (नॉन-बायोडिग्रेडेबल नायलॉन और लेड कोटिंग)।
कोर्ट की आपत्तिकेवल कागजी प्रतिबंध के बजाय विनिर्माण और बिक्री केंद्रों पर छापेमारी की जरूरत।
सरकारी कदमकानून बनाने के लिए 6 सदस्यीय समिति गठित।
अगली सुनवाई13 जुलाई, 2026 (शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी अनिवार्य)।

जन सुरक्षा सर्वोपरि

अदालत का यह हस्तक्षेप इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि हर साल पतंगबाजी के सीजन में नायलॉन के मांझे से गले कटने की दर्जनों घटनाएं सामने आती हैं। कोर्ट का जोर अब ‘प्रतिक्रियात्मक’ (Reactive) कार्रवाई के बजाय ‘निवारक’ (Preventive) कानून पर है, ताकि इसके निर्माण और आयात को ही जड़ से खत्म किया जा सके।

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