Tuesday, August 25, 2026
HomeLatest NewsCigarette Packs: पैकेट पर निकोटीन और टार की मात्रा छापना उल्टा पड़ सकता...

Cigarette Packs: पैकेट पर निकोटीन और टार की मात्रा छापना उल्टा पड़ सकता है…लाइट और माइल्ड सिगरेट में कैसे करेंगे अंतर, यह तर्क में समझाया

Cigarette Packs: सिगरेट पैकेटों पर निकोटीन और टार के स्तर को वैधानिक रूप से छापने की मांग वाली जनहित याचिका पर केंद्र सरकार ने केरल हाईकोर्ट के समक्ष एक बेहद महत्वपूर्ण और नीतिगत रुख अपनाया है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने अदालत में दायर किया हलफनामा

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (Union Ministry of Health and Family Welfare) ने अदालत में हलफनामा दाखिल कर स्पष्ट किया है कि सरकार जानबूझकर इस प्रावधान को लागू करने से बच रही है। केंद्र सरकार ने कहा, तंबाकू के सेवन का कोई भी स्तर ‘सुरक्षित’ नहीं होता। यदि सिगरेट के पैकेटों पर निकोटीन या टार की मात्रा को अंकों (जैसे- 0.5mg या 10mg) में दर्शाना अनिवार्य कर दिया गया, तो इससे आम जनता के बीच यह गलत संदेश जा सकता है कि कम मात्रा वाले कुछ तंबाकू उत्पाद दूसरों की तुलना में ‘कम हानिकारक’ या ‘सुरक्षित’ हैं। यह कदम फायदे के बजाय नुकसानदेह (Counter-productive) साबित हो सकता है।

मामला क्या है?: 2003 के कानून (COTPA) की अटकी हुई धारा

यह कानूनी विवाद अधिवक्ता संगीतना एम. द्वारा व्यक्तिगत रूप से (Party-in-person) दायर एक जनहित याचिका संगीतना एम. बनाम भारत संघ व अन्य से जुड़ा है।

मूल मांग: याचिका में तंबाकू उत्पाद अधिनियम, 2003 (COTPA) की धारा 7(5) को लागू करने की मांग की गई है। यह विशिष्ट प्रावधान कहता है कि प्रत्येक सिगरेट पैकेट पर उसमें मौजूद निकोटीन और टार की वास्तविक मात्रा को दर्शाया जाना चाहिए।

अधूरी अधिसूचना: यह कानून तो 2003 में पास हो गया था, लेकिन केंद्र सरकार ने इस विशिष्ट धारा 7(5) को देश में लागू करने के लिए आज तक कोई आधिकारिक अधिसूचना (Notification) जारी नहीं की है।

हाई कोर्ट का निर्देश: इससे पहले मुख्य न्यायाधीश सौमेन सेन और जस्टिस श्याम कुमार वी.एम. की खंडपीठ ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया था कि वह इस बात पर पुनर्विचार करे कि क्या इन नंबरों को पैकेट पर छापना जरूरी है।

केंद्र सरकार के मुख्य तर्क: नंबर क्यों भ्रामक हो सकते हैं?

संक्षिप्त सुनवाई के दौरान डिप्टी सॉलिसिटर जनरल ओ.एम. शालिना ने कोर्ट को केंद्र सरकार के हलफनामे के मुख्य बिंदुओं से अवगत कराया।

भ्रामक ‘लाइट’ या ‘माइल्ड’ सिगरेट का भ्रम

विशेषज्ञों की चेतावनियों का हवाला देते हुए केंद्र ने कहा कि जब लोग पैकेट पर निकोटीन या टार की मात्रा कम देखते हैं, तो वे उसे ‘लाइट’ या ‘कम हानिकारक’ मानकर अधिक स्मोकिंग करने लगते हैं। यह जनता को गुमराह करता है क्योंकि सिगरेट में केवल निकोटीन और टार ही नहीं, बल्कि सैकड़ों अन्य कैंसरकारी (Carcinogenic) तत्व होते हैं। केवल दो तत्वों के नंबर छापना अधूरी और भ्रामक जानकारी देना होगा।

डब्ल्यूएचओ (WHO) के नियमों और वैश्विक नीतियों का हवाला

सरकार ने बताया कि यह निर्णय भारत की तंबाकू नियंत्रण नीति और विश्व स्वास्थ्य संगठन के फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन टोबैको कंट्रोल (WHO-FCTC) के तहत देश की अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को ध्यान में रखकर लिया गया है।

तस्वीरें (Pictorial Warnings) ज्यादा प्रभावी हैं

हलफनामे के अनुसार, अंकों की तुलना में सिगरेट पैकेटों पर छपने वाली भयानक बीमारियां दर्शाती सचित्र स्वास्थ्य चेतावनियां (Pictorial Health Warnings) आम जनता, विशेषकर कम पढ़े-लिखे लोगों को तंबाकू के खतरों के प्रति जागरूक करने में कहीं अधिक प्रभावी साबित हुई हैं।

कोर्ट नीतिगत मामलों में हस्तक्षेप नहीं कर सकता

सरकार ने कड़ा कानूनी रुख अपनाते हुए कहा कि किसी कानून की धारा को कब और कैसे अधिसूचित (Notify) करना है, यह पूरी तरह से कार्यपालिका का नीतिगत निर्णय (Policy Decision) है। जब तक इसमें कोई मनमानापन (Arbitrariness) या असंवैधानिकता सिद्ध न हो, तब तक अदालत सरकार को ऐसा करने के लिए बाध्य नहीं कर सकती।

केस शीट: केरल उच्च न्यायालय तंबाकू नीति समीक्षा (2026)

कानूनी और प्रशासनिक श्रेणियांकेंद्र सरकार और उच्च न्यायालय की विधिक स्थिति
संबंधित अदालतकेरल उच्च न्यायालय, कोच्चि
माननीय न्यायाधीशमुख्य न्यायाधीश सौमेन सेन और जस्टिस श्याम कुमार वी.एम.
याचिकाकर्ताअधिवक्ता संगीतना एम. (व्यक्तिगत रूप से पेश)
संबंधित कानूनCOTPA अधिनियम, 2003 की धारा 7(5) (निकोटीन/टार प्रकटीकरण)
केंद्र का रुखसंख्यात्मक प्रकटीकरण हानिकारक है; तस्वीरें और टेक्स्ट चेतावनियां ही सर्वोत्तम हैं।
अगला कदममामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद होगी।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Patna
broken clouds
30 ° C
30 °
30 °
84 %
4.6kmh
70 %
Tue
36 °
Wed
34 °
Thu
35 °
Fri
32 °
Sat
32 °

Recent Comments