Tuesday, October 27, 2026
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Paper Leak Protest: हमारा और अपना समय बर्बाद मत कीजिए…CJP प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस बर्बरता की अर्जेंट सुनवाई से इनकार, पढ़ें

Paper Leak Protest:  राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में सुधारों, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को भंग करने और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित पुलिस बर्बरता के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI सूर्यकांत), जस्टिस जयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के समक्ष जब एक वकील ने पुलिस बर्बरता के वीडियो साक्ष्य होने का हवाला देते हुए कल ही मामले की सुनवाई की मांग की, तो सीजेआई ने कड़ा रुख अपनाया।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान तीखी बहस

वकील का तर्क: वकील ने जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन का हवाला देते हुए कहा, “जंतर-मंतर पर छात्रों का विरोध प्रदर्शन चल रहा है। पुलिस उनके खिलाफ बर्बर कार्रवाई कर रही है…” उन्होंने बार-बार पेपर लीक की घटनाओं को देखते हुए NEET को पारदर्शी बनाने और NTA को भंग करने की मांग की।

CJI सूर्यकांत की टिप्पणी: “कृपया हमारा समय बर्बाद मत कीजिए और न ही अपना समय बर्बाद कीजिए। आपका समय हमारे समय से ज्यादा कीमती है।”

वीडियो साक्ष्य पर कोर्ट का रुख: जब वकील ने पुलिस कार्रवाई के वीडियो दिखाने की जिद की, तो CJI सूर्यकांत ने स्पष्ट शब्दों में कहा, हमें वीडियो में कोई दिलचस्पी नहीं है। हमारे पास देखने का समय नहीं है।

पृष्ठभूमि: CJP आंदोलन, संसद मार्च और पुलिस कार्रवाई

प्रदर्शन का कारण: देश भर के छात्र और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) नाम के एक ऑनलाइन व्यंग्यात्मक समूह के कार्यकर्ता पेपर लीक की बार-बार होने वाली घटनाओं, जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर और मध्य दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे हैं।

संसद मार्च और लाठीचार्ज: प्रदर्शनकारियों ने सोमवार को संसद भवन की ओर मार्च करने की योजना बनाई थी, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें रोक दिया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोलों से कई छात्र और कार्यकर्ता घायल हो गए थे।

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) का जन्म कैसे हुआ?

CJP आंदोलन का जन्म 15 मई को सुप्रीम कोर्ट की ही एक सुनवाई के दौरान हुआ था, जिसमें CJI सूर्यकांत ने बेरोजगारी के कारण युवाओं के सोशल मीडिया और RTI एक्टिविज्म की ओर झुकने पर चिंता व्यक्त की थी।

CJI सूर्यकांत की एक मौखिक टिप्पणी में कहा गया था कि ऐसे युवा “कॉकरोच (तिलचट्टों) की तरह समाज में परजीवी (Parasites)” बन रहे हैं। हालांकि, बाद में CJI ने स्पष्ट किया था कि उनकी यह टिप्पणी उन लोगों के लिए थी जो फर्जी डिग्री लेकर ऐसी गतिविधियों में शामिल होते हैं। इस टिप्पणी के विरोध में युवाओं ने व्यंग्यात्मक रूप से ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का गठन कर आंदोलन शुरू कर दिया।

केस मैट्रिक्स: सुप्रीम कोर्ट का रुख

विधिक और प्रक्रियात्मक बिंदुविवरण / अदालत की स्थिति
संबंधित अदालतभारत का सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court of India)
माननीय पीठCJI सूर्यकांत, जस्टिस जयमाल्या बागची, जस्टिस वी. मोहना
याचिकाकर्ता की मुख्य मांगेंNEET का पारदर्शी आयोजन, NTA का विघटन और पुलिस बर्बरता पर रोक
अदालत का निर्णयतत्काल सुनवाई से इनकार (Refused Urgent Listing)
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