Paper Leaks: लीकेज केसों के लिए विशेष जज की नियुक्ति और सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन बंदी पर CJI का कड़ा रुख
Paper Leaks: सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और अनुचित साधनों के बढ़ते मामलों पर त्वरित और सख्त कार्रवाई के लिए दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी छात्र प्रदर्शनों के चलते मेट्रो स्टेशनों की बंदी से वकीलों और कोर्ट कर्मचारियों को हो रही दिक्कतों पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने हस्तक्षेप की चेतावनी दी है। जज अनु ग्रोवर बालिगा बनीं ‘पेपर लीक’ विशेष फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट की जजप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक में शामिल अपराधियों को त्वरित सजा दिलाने के लिए फ़ास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित करने की घोषणा के तुरंत बाद, दिल्ली उच्च न्यायालय ने अधिसूचना जारी कर विशेष जज की नियुक्ति कर दी है।
मुख्य हाइलाइट्स
नामित न्यायाधीश: जज अनु ग्रोवर बालिगा (Anu Grover Baliga), जो पूर्व में मध्यस्थता केंद्र (Tis Hazari Courts) की जज-इन-चार्ज थीं।
नया पदनाम: Special Judge (PC Act) (CBI)-25, (Specially Designated Fast Track Court)।
अधिकार क्षेत्र: यह अदालत सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 [Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024] और इससे जुड़े अपराधों की सुनवाई करेगी।
स्थान: यह अदालत राऊज़ एवेन्यू कोर्ट कॉम्प्लेक्स (Rouse Avenue Court Complex) में आयोजित होगी।
मेट्रो स्टेशन बंदी पर CJI का कड़ा रुख: “दोपहर तक समाधान न हुआ तो हस्तक्षेप करेंगे”
नीट (NEET) और अन्य भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) और छात्र संगठनों के उग्र प्रदर्शन के बाद, DMRC ने सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन सहित मध्य दिल्ली के 16 स्टेशनों को सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट में जिरह और निर्देश
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) की अर्जी: SCBA अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने चीफ जस्टिस सूर्यकांत की पीठ के समक्ष मामला उठाया कि मेट्रो बंद होने से वकीलों, याचिकाकर्ताओं और रजिस्ट्री स्टाफ का कोर्ट पहुंचना बेहद कठिन हो गया है। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रोक्सिमिटी कार्ड/आईडी चेक करके केवल अदालती कर्मियों को बाहर निकलने की अनुमति दी जानी चाहिए।
CJI सूर्यकांत का आश्वासन: चीफ जस्टिस ने कहा कि उन्होंने सुबह ही प्रशासन को DMRC अधिकारियों से बात करने का निर्देश दिया है।
“यदि दोपहर तक इसे खोलने के लिए कुछ नहीं किया जाता है, तो मैं न्यायिक पक्ष से हस्तक्षेप करूंगा।” —-CJI सूर्यकांत
अनुपस्थिति पर प्रतिकूल आदेश नहीं: लॉजिस्टिक्स और मेट्रो बंदी की कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए CJI ने स्पष्ट किया कि सभी जजों को निर्देश जारी किए गए हैं कि आज वकीलों के उपस्थित न हो पाने के कारण उनके खिलाफ कोई प्रतिकूल आदेश (Adverse Orders) न पारित किए जाएं।
विधिक एवं प्रशासनिक अपडेट्स (23 जुलाई 2026)
| घटना / मामला | प्राधिकारी / पीठ | मुख्य निर्णय / आदेश |
| पेपर लीक विशेष फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट | दिल्ली उच्च न्यायालय | जज अनु ग्रोवर बालिगा विशेष जज नियुक्त; राऊज़ एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई होगी। |
| सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन बंदी | CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची, जस्टिस वी. मोहना | दोपहर तक स्टेशन न खुलने पर SC हस्तक्षेप करेगा; अनुपस्थित वकीलों पर प्रतिकूल आदेश नहीं। |

