Tuesday, August 18, 2026
HomeBREAKING-INTERNATIONALCFPB-LAWSUIT: उपभोक्ता संरक्षण ब्यूरो की फंडिंग पर रार…व्हाइट हाउस के खिलाफ कोर्ट...

CFPB-LAWSUIT: उपभोक्ता संरक्षण ब्यूरो की फंडिंग पर रार…व्हाइट हाउस के खिलाफ कोर्ट पहुंचे 21 राज्य

CFPB-LAWSUIT: अमेरिका में कंज्यूमर फाइनेंशियल प्रोटेक्शन ब्यूरो (CFPB) की फंडिंग को लेकर जंग तेज हो गई है।

एजेंसी का फंड रोकना पूरी तरह से असंवैधानिक: राज्य

डेमोक्रेटिक पार्टी के नेतृत्व वाले 21 राज्यों ने व्हाइट हाउस और उसके डायरेक्टर रसेल वॉट के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। राज्यों का आरोप है कि बाइडेन प्रशासन (व्हाइट हाउस) द्वारा एजेंसी का फंड रोकना पूरी तरह से असंवैधानिक है।

यह है पूरा विवाद

विवाद की जड़ डोड-फ्रैंक एक्ट (Dodd-Frank Act) के एक शब्द ‘कंबाइंड अर्निंग्स’ (Combined Earnings) में छिपी है:

  • व्हाइट हाउस का तर्क: ट्रंप प्रशासन और वर्तमान बजट अधिकारी मानते हैं कि CFPB को फंड तभी मिल सकता है जब फेडरल रिजर्व मुनाफे में हो। चूंकि फेडरल रिजर्व 2022 से घाटे में है, इसलिए उसे फंड नहीं दिया जा सकता।
  • राज्यों का तर्क: 21 राज्यों के अटॉर्नी जनरल का कहना है कि कानून का मतलब यह कभी नहीं था कि फेडरल रिजर्व को लाभ कमाना ही होगा। कांग्रेस ने इस संस्था को कानूनी रूप से बनाया है और व्हाइट हाउस अपनी मर्जी से फंडिंग नहीं रोक सकता।

क्यों खाली हो रहा है CFPB का खजाना?

फेडरल रिजर्व फिलहाल घाटे में चल रहा है। इसकी मुख्य वजह महंगाई रोकने के लिए बढ़ाई गई ब्याज दरें हैं। फेड के पास महामारी के दौर के कम ब्याज वाले बॉन्ड्स हैं, लेकिन उसे बैंकों को उनके डिपॉजिट पर ज्यादा ब्याज देना पड़ रहा है। इस ‘मिसमैच’ के कारण फंड की कमी है और अगर नया फंड नहीं मिला, तो जनवरी तक CFPB का कामकाज पूरी तरह ठप हो सकता है।

आम जनता पर क्या होगा असर?

न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स ने चेतावनी दी है कि:

  • स्कैमर्स की चांदी: एजेंसी बंद होने से धोखेबाजों और अवैध लोन देने वालों (Predatory Lenders) पर लगाम कसना मुश्किल होगा।
  • डेटा शेयरिंग बंद: CFPB राज्यों को उपभोक्ताओं की शिकायतों का डेटा देता है, जिससे अपराधियों को पकड़ा जाता है। फंडिंग रुकी तो यह सिस्टम ध्वस्त हो जाएगा।

“CFPB को डिफंड करना न्यूयॉर्क और पूरे देश के उपभोक्ताओं को धोखेबाजों के हवाले करने जैसा है। हम इसे चुपचाप नहीं देखेंगे।”

  • लेटिटिया जेम्स, अटॉर्नी जनरल, न्यूयॉर्क

आगे क्या?

व्हाइट हाउस के डायरेक्टर रसेल वॉट की ओर से फिलहाल इस मुकदमे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, यह मामला अब अमेरिकी अदालतों में एक बड़ी कानूनी लड़ाई का रूप ले चुका है, जिसका असर करोड़ों अमेरिकी उपभोक्ताओं की वित्तीय सुरक्षा पर पड़ेगा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Patna
heavy intensity rain
27 ° C
27 °
27 °
94 %
2.6kmh
100 %
Mon
27 °
Tue
32 °
Wed
33 °
Thu
35 °
Fri
35 °