Thursday, August 20, 2026
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Court Appearance: सोमवार व शुक्रवार को ऑनलाइन के साथ-साथ फिजिकल अपीयरेंस भी…सुप्रीम कोर्ट में जिरह पर जाने से पहले ध्यान दें

Court Appearance: सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) ने एक नया सर्कुलर (परिपत्र) जारी करते हुए वकीलों को एक बड़ी राहत दी है।

SCBAकी ओर से दिया था प्रतिनिधित्व

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जो अधिवक्ता (Advocates) सोमवार और शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से अदालती कार्यवाही में शामिल होने में असमर्थ हैं, वे शारीरिक रूप से (Physically) अदालत में उपस्थित हो सकते हैं। यह स्पष्टीकरण सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) द्वारा वकीलों को आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों के संबंध में दिए गए एक प्रतिनिधित्व (Representation) के बाद आया है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने ईंधन (Fuel) की बचत और राष्ट्रहित को ध्यान में रखते हुए सोमवार और शुक्रवार को केवल वर्चुअल मोड (ऑनलाइन) से सुनवाई करने का फैसला किया था। लेकिन अब कोर्ट ने इसमें ढील दी है।

सर्कुलर में क्या कहा गया है? (What the Circular Says)

सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी आधिकारिक सर्कुलर के अनुसार, यह स्पष्ट किया जाता है कि पूर्व के निर्देश राष्ट्रहित को ध्यान में रखकर जारी किए गए थे। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) से इस संबंध में अधिवक्ताओं को होने वाली परेशानी को लेकर एक प्रतिनिधित्व प्राप्त हुआ है। तदनुसार, सक्षम प्राधिकारी (Competent Authority) ने बार के सदस्यों से ऑनलाइन उपस्थित रहने की अपनी अपील को जारी रखते हुए यह साफ किया है कि जो अधिवक्ता किन्हीं अपरिहार्य कारणों (Unavoidable Reasons) से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भाग नहीं ले पा रहे हैं, वे शारीरिक रूप से माननीय अदालतों के समक्ष उपस्थित हो सकते हैं, बशर्ते अदालतें भौतिक रूप से कार्य कर रही हों।”

इस फैसले की पृष्ठभूमि (The Background)

  • 15 मई 2026 का निर्णय: इससे ठीक तीन दिन पहले, 15 मई को सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय लिया था कि प्रत्येक सप्ताह के सोमवार और शुक्रवार को मामलों की सुनवाई विशेष रूप से (Exclusively) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की जाएगी।
  • जजों का कार-पूलिंग संकल्प: इसी बैठक में जजों ने ईंधन के इष्टतम उपयोग (Optimum Fuel Utilisation) को सुनिश्चित करने के लिए आपस में ‘कार-पूलिंग’ (गाड़ी साझा करने) की व्यवस्था को बढ़ावा देने का सर्वसम्मत संकल्प भी लिया था।
  • कारण: न्यायपालिका का यह कदम पश्चिमी एशिया में जारी भू-राजनीतिक संकट (West Asia Crisis) के मद्देनजर आया था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में टाले जा सकने वाले खर्चों और ईंधन की खपत में कटौती करने का आह्वान किया था।

मामले का सारांश (Quick Highlights)

मुख्य बिंदुसुप्रीम कोर्ट का वर्तमान रुख
नया नियमसोमवार और शुक्रवार को ‘हाइब्रिड मोड’ (ऑनलाइन प्राथमिकता, लेकिन फिजिकल की भी अनुमति)।
राहत का कारणसुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) की मांग और वकीलों की व्यावहारिक दिक्कतें।
मूल उद्देश्यसंकट के समय देश में ईंधन की बचत और संसाधनों का सही उपयोग करना।

व्यावहारिक न्याय की जीत

सुप्रीम कोर्ट का यह स्पष्टीकरण दर्शाता है कि शीर्ष अदालत राष्ट्रहित और पर्यावरण के प्रति सचेत रहने के साथ-साथ वकीलों और वादियों (Litigants) की व्यावहारिक समस्याओं के प्रति भी संवेदनशील है। पूर्णतः ऑनलाइन सुनवाई से तकनीकी दिक्कतों का सामना कर रहे वकीलों को अब इस हाइब्रिड व्यवस्था से बड़ी राहत मिलेगी।

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