Khan Sir v/s Anjana Kashyap: दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रसिद्ध टीवी पत्रकार अंजना ओम कश्यप और प्रख्यात ऑनलाइन शिक्षक खान सर (Khan Sir) के बीच चल रहे हाई-प्रोफाइल मानहानि विवाद में एक व्यावहारिक और सुधारात्मक रुख अपनाया है।
आपसी कड़वाहट भूलकर सौहार्द बनाने की अपील
हाईकोर्ट के जस्टिस तुषार राव गेडेला की एकल पीठ ने दोनों पक्षों की सहमति के बाद मामले को एक वरिष्ठ मध्यस्थ (Senior Mediator) के पास भेज दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने खान सर और अन्य शिक्षकों को अंजना ओम कश्यप के बच्चों से जुड़े संवेदनशील पोस्ट तुरंत हटाने और पत्रकार को भी शिक्षकों को निशाना न बनाने की सख्त हिदायत दी है। अदालत ने दोनों पक्षों को आपसी कड़वाहट भूलकर इस कानूनी लड़ाई को मध्यस्थता (Mediation) के जरिए सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाने का निर्देश दिया है।
विवाद की पृष्ठभूमि: स्टार टीचर्स बनाम गोदी मीडिया की जंग
यह पूरा विवाद इसी साल (2026) मई के अंत में टेलीविजन पर प्रसारित एक डिबेट शो के बाद शुरू हुआ था।
विवाद की शुरुआत (29 मई 2026): अंजना ओम कश्यप ने ‘आज तक’ चैनल पर ऑनलाइन ‘स्टार टीचर्स’ (Star Teachers) के बढ़ते प्रभाव और शिक्षा के बढ़ते व्यावसायीकरण (Commercialisation) को लेकर एक बहस की मेजबानी की थी। पत्रकार का दावा है कि उनकी टिप्पणियां राष्ट्रीय महत्व के विषय पर एक निष्पक्ष और पत्रकारिता की सामान्य समीक्षा (Fair Journalistic Commentary) थीं।
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया: इस डिबेट के बाद, 30 मई से 4 जून 2026 के बीच सोशल मीडिया पर बड़े फॉलोअर्स वाले कई शिक्षकों और डिजिटल चैनलों ने अंजना ओम कश्यप और टीवी टुडे नेटवर्क के खिलाफ एक अभियान छेड़ दिया।
अपमानजनक शब्दों का उपयोग: कश्यप द्वारा दायर मुकदमे के अनुसार, विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और यूट्यूब वीडियो में उन्हें और उनके चैनल को “बिकाऊ पत्रकार”, “चाटुकार”, “दल्ली” जैसी अत्यधिक आपत्तिजनक गालियों और अपशब्दों से संबोधित किया गया, और उनके काम को “दलाली” तथा “फेक न्यूज की दुकान” बताया गया।
बच्चे की जानकारी सार्वजनिक करना: मुकदमे में मुख्य रूप से यह आरोप लगाया गया कि खान सर ने सार्वजनिक रूप से एक वीडियो में अंजना ओम कश्यप के बच्चे के स्कूल की संवेदनशील जानकारी साझा कर दी। याचिकाकर्ता का तर्क था कि इस खुलासे का मुख्य विवाद से कोई लेना-देना नहीं था और इससे उनके परिवार की सुरक्षा तथा मानसिक शांति को गंभीर खतरा पैदा हो गया।
हाई कोर्ट का रुख: आप शिक्षक हैं, युवाओं को पढ़ा रहे हैं
सुनवाई के दौरान जस्टिस तुषार राव गेडेला ने दोनों पक्षों, विशेषकर शिक्षक बिरादरी को उनकी सामाजिक जिम्मेदारी याद दिलाई। कहा, आप सभी शिक्षाविद (Academicians) हैं। आप देश के युवाओं को पढ़ा रहे हैं। वे (अंजना कश्यप) अब आप पर निशाना साधने से परहेज करेंगी, लेकिन आप (खान सर) तुरंत उस बच्चे से जुड़े सभी खुलासे और पोस्ट इंटरनेट से हटा दें।
अदालत ने दोनों पक्षों के वकीलों से बातचीत के बाद पाया कि मामला बातचीत से सुलझ सकता है। कोर्ट ने कहा कि दोनों पक्ष एक वरिष्ठ मध्यस्थ की देखरेख में समझौते की शर्तों पर विचार करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
इन लोगों के खिलाफ दर्ज है मुकदमा
अंजना ओम कश्यप और टीवी टुडे नेटवर्क ने इस मानहानि याचिका (Defamation Suit) में खान सर के अलावा शिक्षा जगत के कई अन्य बड़े चेहरों और मीडिया हैंडल्स को प्रतिवादी (Defendants) बनाया है। इनमें खान सर (पटना), अभिनय शर्मा (Abhinay Maths), बबीता त्यागी, अरविंद भदौरिया व कुछ विशिष्ट ‘X’ (ट्विटर) हैंडल्स और ‘4PM न्यूज नेटवर्क’।
केस मैट्रिक्स: दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश (Case Summary)
| विधिक और प्रशासनिक श्रेणियां | दिल्ली उच्च न्यायालय की विधिक स्थिति (२०२६) |
| संबंधित अदालत | दिल्ली उच्च न्यायालय, नई दिल्ली |
| माननीय न्यायाधीश | जस्टिस तुषार राव गेडेला (एकल पीठ) |
| मुख्य याचिकाकर्ता | अंजना ओम कश्यप और टीवी टुडे नेटवर्क |
| मुख्य प्रतिवादी | खान सर, अभिनय शर्मा व अन्य शिक्षक |
| विवाद का मुख्य कारण | ‘स्टार टीचर्स’ डिबेट के बाद सोशल मीडिया पर अपमानजनक टिप्पणियां और बच्चों की जानकारी लीक करना। |
| याचिकाकर्ता के वकील | एडवोकेट ऋषिकेश बरुआ, उत्कर्ष द्विवेदी और प्रज्ञा अग्रवाल |
| अदालत का अंतरिम निर्देश | मामला वरिष्ठ मध्यस्थ (Mediation) के पास स्थानांतरित। बच्चों से जुड़े सभी पोस्ट तुरंत हटाने और आपसी बयानबाजी रोकने का आदेश। |

