Friday, October 2, 2026
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Panelized FDA: 98% स्वच्छता स्कोर के बावजूद दुकान न खोलने देने पर FDA पर ₹5 लाख का जुर्माना; कहा-नागरिकों को प्रताड़ित करना बंद करें

Panelized FDA: मामला सारांश (At a Glance

पहलूविवरण
माननीय पीठकार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवींद्र वी. घुगे एवं न्यायमूर्ति गौतम ए. अंखाड़
याचिकाकर्तागुरुनानक डेयरी एंड स्वीट्स (पुणे)
विपक्षी पक्षमहाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA)
मुख्य निर्णय98% अनुपालन के बावजूद दुकान न खोलने पर एफडीए पर ₹5 लाख का जुर्माना; निलंबन रद्द।

Panelized FDA: बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के रवैये पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए पुणे स्थित ‘गुरुनानक डेयरी एंड स्वीट्स’ को कारोबार फिर से शुरू करने की अनुमति दी है।

कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश रवींद्र वी. घुगे (Acting CJ Ravindra V Ghuge) और न्यायमूर्ति गौतम ए. अंखाड़ (Justice Gautam A Ankhad) की पीठ ने एफडीए के निलंबन आदेश को रद्द करते हुए कहा कि अपील लंबित होने का बहाना बनाकर लाइसेंस बहाल न करना नागरिकों को परेशान करना है। कोर्ट ने 98% हाइजीन अनुपालन (Compliance) मिलने के बावजूद दुकान का निलंबन रद्द न करने पर FDA को ₹5 लाख का मुआवजा याचिकाकर्ता को देने का निर्देश दिया है।

Panelized FDA: अदालत की मुख्य टिप्पणियां

  • नागरिकों को प्रताड़ित करने का आरोप:“यह विशुद्ध रूप से विकृति (Perversity) है। अजीबोगरीब नीतियां हैं। एक बार जब वे 98% स्वच्छता मानक पूरे कर लेते हैं, तब आप उनसे कहते हैं कि जाओ और अपील दायर करो। यह क्या है? नागरिकों को प्रताड़ित करना?”
  • अपील लंबित होना बहाना नहीं
    • कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पुनः निरीक्षण (Re-inspection) में उत्तीर्ण होने के बाद निलंबन वापस लेने के लिए किसी अपीलीय निर्णय का इंतजार करना “लचर बहाना” (Lame Excuse) है। 98% स्कोर मिलने पर तुरंत निलंबन रद्द किया जाना चाहिए था।

Panelized FDA: मामले की पृष्ठभूमि (Case Background)

  • निलंबन (12 जून): भोजन विषाक्तता (Food Poisoning) की शिकायत और स्वच्छता संबंधी चिंताओं के बाद एफडीए ने दुकान का खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया था।
  • अनुपालन और पुनः निरीक्षण (13 जुलाई): मिठाई विक्रेता ने कमियों को दूर कर जुलाई में रिपोर्ट सौंपी। 13 जुलाई को एफडीए अधिकारी द्वारा किए गए निरीक्षण में दुकान को 36 में से 35 अंक (98% स्कोर) मिले।
  • व्यापार का नुकसान: इसके बावजूद एफडीए ने दुकान खोलने की अनुमति नहीं दी। याचिकाकर्ता के वकील अभिजीत देसाई ने तर्क दिया कि 34 दिनों तक दुकान बंद रहने से व्यवसायी को ₹8.74 लाख का सीधा राजस्व नुकसान हुआ।

Panelized FDA: उच्च न्यायालय का अंतिम आदेश

  1. लाइसेंस बहाली: एफडीए के निलंबन आदेश को तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया गया और दुकान खोलने की अनुमति दी गई।
  2. ₹5 लाख का मुआवजा: व्यावसायिक नुकसान के लिए एफडीए को 30 दिनों के भीतर ₹5 लाख का मुआवजा देने का आदेश दिया गया।

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