Tuesday, September 15, 2026
HomeLatest NewsMinistry of Railways: प्रशासनिक देरी या फाइल मूवमेंट कोई बहाना नहीं...सरकारी विभागों...

Ministry of Railways: प्रशासनिक देरी या फाइल मूवमेंट कोई बहाना नहीं…सरकारी विभागों की अपीलों में देरी पर अदालत ने क्यों ऐसा कहा, जानिए

केस का संक्षिप्त ब्योरा (Case Snapshot)

पहलूविधिक विवरण
संबंधित अदालतइलाहाबाद उच्च न्यायालय (लखनऊ पीठ)
माननीय पीठजस्टिस राजन राय एवं जस्टिस अवधेश कुमार चौधरी
अपीलकर्तारेल मंत्रालय (Ministry of Railways)
उत्तरदाताM/s गैलेंट स्टील लिमिटेड
संबंधित कानूनमध्यस्थता एवं सुलह अधिनियम, 1996 (धारा 34)
मुद्दाआपत्तियां दाखिल करने में 28 दिनों की प्रशासनिक देरी
अंतिम निर्णयअपील खारिज; केवल नौकरशाही या फाइल मूवमेंट के आधार पर देरी माफ नहीं होगी।

Ministry of Railways: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए साफ किया है कि मध्यस्थता एवं सुलह अधिनियम (Arbitration and Conciliation Act) के तहत अपील या आपत्तियां दाखिल करने में होने वाली देरी को सरकारी विभाग केवल ‘प्रशासनिक प्रक्रियाओं’, ‘नौकरशाही की सुस्ती’ या ‘फाइलों की आवाजाही’ का बहाना बनाकर उचित नहीं ठहरा सकते।

यह फैसला जस्टिस राजन राय (Justice Rajan Roy) और जस्टिस अवधेश कुमार चौधरी (Justice Om Prakash VII / Abhdesh Kumar Chaudhary) की खंडपीठ ने रेल मंत्रालय (Ministry of Railways) की विशेष अपील को खारिज करते हुए सुनाया। अदालत ने दोहराया कि कानून की नजर में सरकार और निजी पक्ष (Private Parties) बिल्कुल समान हैं और किसी भी प्रकार की देरी को माफ कराने के लिए सरकारी विभागों को ठोस, वास्तविक और पर्याप्त कारण प्रस्तुत करने होंगे।

मामला क्या था? (लीज रेंट विवाद)

  • विवाद की पृष्ठभूमि: रेल मंत्रालय और M/s गैलेंट स्टील लिमिटेड (M/s Gallant Steel Limited) के बीच रेलवे साइडिंग के लिए आवंटित भूमि के लीज रेंट को लेकर विवाद था।
  • आर्बिट्रेटर का फैसला (दिसंबर 2023): एकल मध्यस्थ (Sole Arbitrator) ने कंपनी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए रेलवे को लीज रेंट में संशोधन करने और लगभग ₹1.79 करोड़ रुपये (8% वार्षिक ब्याज के साथ) वापस लौटाने का निर्देश दिया था।
  • कमर्शियल कोर्ट का रुख: रेलवे ने इस फैसले को मध्यस्थता अधिनियम की धारा 34 के तहत लखनऊ की कमर्शियल कोर्ट में चुनौती दी। हालांकि, याचिका तय समयसीमा के बाद दायर की गई थी और उसमें 28 दिनों की देरी हुई थी। कमर्शियल कोर्ट ने देरी को माफ करने की रेलवे की अर्जी खारिज कर दी। इसके खिलाफ रेलवे ने हाई कोर्ट में विशेष अपील दायर की।

हाई कोर्ट की प्रमुख और कड़ी टिप्पणियां

 सरकारी विभागों में देरी पर कोर्ट का रुख
         │
         ┌─────
         ▼         
कानून के समक्ष समानता (Article 14)                                                                                  
• सरकार और आम नागरिक कानून के आगे समान हैं।                                                                
• किसी भी विभाग को विशेष छूट नहीं मिल सकती।                                                                      

देरी माफी एक 'अपवाद', नियम नहीं
• प्रशासनिक फाइलों की आवाजाही या
अधिकारियों की सुस्ती वैध कारण नहीं।

कानून की नजर में सरकार और आम नागरिक बराबर

उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए कहा कि जब समयसीमा (Limitation Period) की बात आती है, तो सरकारी विभागों को किसी भी तरह की विशेष रियायत नहीं दी जा सकती। कानूनी प्रक्रिया में सरकार भी अन्य मुकदमों की तरह ही एक पक्षकार है।

देरी माफ करना एक ‘अपवाद’ है, ‘सामान्य नियम’ नहीं

पीठ ने अपने अंतिम वक्तव्य में स्पष्ट किया कि मौजूदा न्यायिक दृष्टिकोण यह है कि देरी के लिए राहत (Condonation of Delay) देना एक अपवाद (Exception) है, न कि कोई सामान्य नियम। सरकारी विभागों को देरी के लिए वास्तविक, ठोस और पर्याप्त कारण देने होंगे। वे राहत पाने के लिए केवल प्रशासनिक गलतियों, प्रक्रियात्मक देरी या विभागों के बीच फाइलों की आवाजाही पर भरोसा नहीं कर सकते।

कंपनी का पक्ष

गैलेंट स्टील लिमिटेड की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव मेहरोत्रा (Gaurav Mehrotra) ने तर्क दिया कि रेल मंत्रालय देरी के लिए कोई भी ठोस कारण बताने में पूरी तरह विफल रहा है, इसलिए कानून के स्थापित सिद्धांतों के तहत कोई राहत नहीं दी जा सकती। अदालत ने इस तर्क को स्वीकार करते हुए रेलवे की अपील को खारिज कर दिया।

बॉटमलाइन (The Bottom Line)

इलाहाबाद हाई कोर्ट का यह फैसला सरकारी विभागों की लेती-देती और ढुलमुल रवैये पर सीधा प्रहार है। मध्यस्थता जैसे वाणिज्यिक मामलों में, जहां समयसीमा का सख्ती से पालन अनिवार्य होता है, अब सरकारी तंत्र अपनी प्रशासनिक सुस्ती का बहाना बनाकर कानूनी समयसीमा का उल्लंघन नहीं कर सकता।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Patna
broken clouds
29 ° C
29 °
29 °
89 %
1.5kmh
79 %
Mon
31 °
Tue
34 °
Wed
35 °
Thu
30 °
Fri
33 °

Recent Comments