Saturday, August 15, 2026
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National song Vande Mataram: वंदे मातरम् गाना या न गाना, दोनों की आजादी…इस नसीहत के पीछे की वजह खबर पढ़कर समझें

National song Vande Mataram: सुप्रीम कोर्ट ने गृह मंत्रालय के उस सर्कुलर को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया, जिसमें आधिकारिक कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् गाने का उल्लेख था।

मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने मोहम्मद सईद नूरी द्वारा दायर इस याचिका को “अपरिपक्व” (Premature) करार दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह निर्देश अनिवार्य (Mandatory) नहीं है, बल्कि केवल एक परामर्श है।

अदालत की मुख्य टिप्पणियां: गाना या न गाना, दोनों की आजादी

  • सुनवाई के दौरान पीठ ने याचिकाकर्ता के तर्कों को भेदभाव की अस्पष्ट आशंका बताते हुए खारिज कर दिया।
  • अनिवार्यता का अभाव: जस्टिस बागची ने सर्कुलर की भाषा का हवाला देते हुए कहा, “केंद्र सरकार के निर्देश के क्लॉज 5 में May (कर सकते हैं) शब्द का प्रयोग किया गया है। यह आजादी जितनी राष्ट्रगीत गाने की है, उतनी ही न गाने की भी है। इसलिए यह कानूनी अधिकारों का उल्लंघन नहीं करता।
  • दंडात्मक कार्रवाई: कोर्ट ने पूछा कि क्या इस सर्कुलर में न गाने पर किसी सजा का प्रावधान है या क्या अब तक किसी को कार्यक्रम से बाहर निकाला गया है?

याचिकाकर्ता के तर्क: वफादारी का सामाजिक प्रदर्शन

  • याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता संजय हेगड़े ने अपनी दलीलें रखीं।
  • धार्मिक भावनाएं: उन्होंने कहा कि यद्यपि वे सभी धर्मों का सम्मान करते हैं, लेकिन यदि लोगों को उनकी आस्था के विपरीत गाना गाने के लिए मजबूर किया जाता है, तो यह “वफादारी का सामाजिक प्रदर्शन” करने की मजबूरी जैसा होगा।
  • नैतिक दबाव: हेगड़े ने तर्क दिया कि भले ही कोई कानूनी सजा न हो, लेकिन जो व्यक्ति खड़ा नहीं होता या नहीं गाता, उसे भारी सामाजिक और मानसिक दबाव झेलना पड़ता है। उन्होंने सवाल किया कि क्या ‘एडवाइजरी’ की आड़ में लोगों को मजबूर किया जा सकता है?

सुप्रीम कोर्ट का निष्कर्ष

CJI सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता से पूछा कि क्या उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोई नोटिस मिला है या किसी पर दबाव बनाया गया है? कोर्ट ने कहा, वर्तमान में यह याचिका केवल भेदभाव की एक काल्पनिक आशंका पर आधारित है। यदि भविष्य में याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई होती है या उन्हें कोई नोटिस मिलता है, तो वे अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं।

विवरण राष्ट्रगान (जन गण मन) राष्ट्रगीत (वंदे मातरम्)
संवैधानिक दर्जा आधिकारिक (अनुच्छेद 51A) समान सम्मान का पात्र
अनिवार्यता सिनेमा हॉल आदि में सम्मान देना अनिवार्य है केवल एक स्वैच्छिक परामर्श
सजा अपमान करने पर जेल/जुर्माना संभव अपमान पर दंडात्मक कार्रवाई/ लेकिन न गाना अपराध नहीं”

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