Saturday, May 16, 2026
HomeSupreme CourtSC news: समानता, न्याय और निष्पक्षता के आधार पर हो भूमि अधिग्रहण...

SC news: समानता, न्याय और निष्पक्षता के आधार पर हो भूमि अधिग्रहण का मुआवजा…यह रही सुप्रीम टिप्पणी

SC news: सुप्रीम कोर्ट ने कहा, भूमि अधिग्रहण में मुआवजा तय करने का तरीका सिर्फ फॉर्मूले पर आधारित नहीं हो सकता। यह प्रक्रिया समानता, न्याय और निष्पक्षता जैसे मूल सिद्धांतों पर आधारित होनी चाहिए।

फजलवास और कुकरोला गांवों के कई जमीन मालिकों की अपीलों पर सुनवाई

जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने यह फैसला हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन और गुरुग्राम जिले के फजलवास और कुकरोला गांवों के कई जमीन मालिकों की अपीलों पर सुनाया। ये अपीलें पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा तय मुआवजे की राशि को लेकर दायर की गई थीं। कोर्ट ने कहा कि एक जैसी लोकेशन और विकास की संभावनाओं वाली जमीनों को एक जैसा मुआवजा मिलना चाहिए, जब तक कि कोई स्पष्ट और वस्तुनिष्ठ अंतर न हो।

2008 में शुरू हुई थी अधिग्रहण प्रक्रिया

कोर्ट ने बताया कि यह अधिग्रहण अप्रैल 2008 में शुरू हुआ था। इसका उद्देश्य चौधरी देवी लाल इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप बनाना था। कोर्ट ने कहा कि 1894 के भूमि अधिग्रहण कानून के तहत मुआवजा तय करना एक न्यायसंगत प्रक्रिया है, कोई सटीक विज्ञान नहीं। यह कानून 2013 में आए नए कानून ‘भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में उचित मुआवजा और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम’ से और बेहतर हुआ है।

बाजार मूल्य तय करते समय जमीन की कीमतों में बढ़ोतरी का ध्यान जरूरी

कोर्ट ने कहा कि जमीन की कीमतें समय के साथ बढ़ती हैं, इसलिए मुआवजा तय करते समय इस बढ़ोतरी को भी ध्यान में रखना जरूरी है। रियल एस्टेट बाजार की प्रकृति हमेशा बदलती रहती है, इसलिए जमीन का मूल्य तय करते समय मौजूदा आर्थिक हालात, इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास और मांग को भी देखा जाना चाहिए।

कुकरोला गांव के किसानों की अपील आंशिक रूप से मंजूर

कोर्ट ने कुकरोला गांव के किसानों की अपील आंशिक रूप से मंजूर करते हुए हाईकोर्ट के मई 2022 के फैसले में बदलाव किया। कोर्ट ने हाईकोर्ट द्वारा “आउटर बेल्ट” यानी एनएच-8 से 5 एकड़ से ज्यादा दूर की जमीनों के लिए तय मुआवजा 62,14,121 रुपए प्रति एकड़ को बरकरार रखा।

“इनर बेल्ट” की जमीनों को फजलवास के बराबर मुआवजा

कोर्ट ने कहा कि “इनर बेल्ट” यानी एनएच-8 से सटी जमीनें, जो 5 एकड़ की गहराई तक हैं, उन्हें फजलवास गांव की जमीनों के बराबर मुआवजा मिलना चाहिए। इसके तहत उन्हें 1,21,00,000 रुपए प्रति एकड़ मुआवजा मिलेगा।

हाईकोर्ट ने जमीनों को दो हिस्सों में बांटा था

कोर्ट ने बताया कि हाईकोर्ट ने फजलवास और कुकरोला गांवों की अधिग्रहित जमीनों को दो हिस्सों में बांटा था—”इनर बेल्ट” और “आउटर बेल्ट”। इनर बेल्ट में वे जमीनें आती हैं जो एनएच-8 से सटी हैं और 5 एकड़ की गहराई तक फैली हैं, जबकि आउटर बेल्ट में वे जमीनें हैं जो इससे आगे हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Patna
haze
38 ° C
38 °
38 °
37 %
2.1kmh
20 %
Sat
43 °
Sun
45 °
Mon
44 °
Tue
41 °
Wed
44 °

Recent Comments