Thursday, September 17, 2026
HomeLatest Newsएससी-एसटी कल्याण मंत्री: फरियादी ने मंत्री के सामने ही फोन पर मिलाया...

एससी-एसटी कल्याण मंत्री: फरियादी ने मंत्री के सामने ही फोन पर मिलाया नंबर…कर्मी ने मांग ली ₹50,000 रिश्वत’, सामने खुला भ्रष्टाचार का पोल

घटनाक्रम एवं कार्रवाई सारांश (Summary Matrix)

श्रेणी / बिंदुविवरण
संबंधित विभाग एवं मंत्रीSC/ST कल्याण विभाग, मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन
घटना स्थल (कार्यालय)जिला कल्याण कार्यालय, सीतामढ़ी (बिहार)
मांगी गई रिश्वत की राशि₹50,000 (अनुदान राशि जारी करने के बदले)
आरोपी कर्मचारीचंदन कुमार (डाटा ऑपरेटर) एवं संबंधित क्लर्क
की गई त्वरित कार्रवाई1. ऑपरेटर व क्लर्क का तत्काल निलंबन (Suspension)
2. जिला कल्याण अधिकारी को Show-Cause नोटिस जारी

एससी-एसटी कल्याण मंत्री: सरकारी दफ्तरों में व्याप्त भ्रष्टाचार का एक हैरान कर देने वाला और सीधा मामला सामने आया है।

बिहार के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC/ST) कल्याण मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन के सामने ही एक पीड़ित फरियादी ने जब जिला कल्याण कार्यालय के कर्मचारी को फोन किया, तो कर्मचारी ने सीधे ₹50,000 की रिश्वत मांग ली। फोन का स्पीकर चालू होने के कारण मंत्री ने खुद रिश्वत मांगने की पूरी बातचीत सुनी और तत्काल सख्त कार्रवाई का आदेश दिया।

घटनाक्रम: सोनबरसा थाने का मामला और अनुदान की राशि

  • यह पूरा मामला सीतामढ़ी जिले के सोनबरसा थाना क्षेत्र का है।
  • पीड़ित की समस्या: एक पीड़ित व्यक्ति की बेटी के साथ मारपीट की घटना हुई थी, जिसमें SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था। नियमानुसार, इस कानून के तहत पीड़ितों को सरकारी अनुदान (Compensation Grant) मिलता है।
  • फरियाद लेकर मंत्री के पास पहुंचा पीड़ित: पीड़ित व्यक्ति अनुदान राशि न मिलने की शिकायत लेकर मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन के पास पहुंचा और आरोप लगाया कि सीतामढ़ी जिला कल्याण कार्यालय में उससे अनुदान जारी करने के बदले ₹50,000 रिश्वत मांगी जा रही है।
  • ऑन-द-स्पॉट फोन कॉल: आरोप की पुष्टि के लिए मंत्री ने पीड़ित से संबंधित कर्मचारी को फोन मिलाने को कहा। फरियादी ने फोन स्पीकर पर डाला और बात की।
  • खुलेआम रिश्वत की मांग: फोन के दूसरे छोर पर बैठे डाटा ऑपरेटर चंदन कुमार को यह कहते हुए सुना गया: “50,000 रुपये दीजिए, तभी अनुदान की राशि आपके खाते में क्रेडिट होगी।” इस पूरी ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग को ऑन-कैमरा रिकॉर्ड कर लिया गया।

मंत्री की त्वरित कार्रवाई और अधिकारियों को फटकार

खुद अपने कानों से रिश्वत मांगने की बात सुनने के बाद मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने तुरंत सख्त रुख अपनाया।

  1. तत्काल निलंबन (Suspension): मंत्री ने सीतामढ़ी के जिला कल्याण अधिकारी (District Welfare Officer) को तुरंत फोन लगाकर आरोपी डाटा ऑपरेटर चंदन कुमार और एक क्लर्क (अधिशासी लिपिक) को निलंबित करने का आदेश दिया।
  2. जिला कल्याण अधिकारी को कारण बताओ नोटिस: मंत्री ने अधिकारी को जमकर फटकार लगाते हुए कहा: “आपके ठीक बगल में बैठा कर्मचारी खुलेआम पैसे मांग रहा है, और आपको इस बात की भनक तक नहीं है?” इसके साथ ही जिला कल्याण अधिकारी को शो-कॉज (Show-Cause) नोटिस जारी किया गया।
  3. कार्रवाई की चेतावनी: मंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि समय पर इस मामले में कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो जिला कल्याण अधिकारी के खिलाफ भी विभागीय कार्यवाही शुरू की जाएगी।

SC-ST पीड़ितों के लिए आर्थिक सहायता का विधिक प्रावधान

इस घटना के बाद मंत्री ने मीडिया से बातचीत में SC-ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मिलने वाली राहत राशि का उल्लेख किया।

  • मुआवजा राशि: SC/ST मामलों के पीड़ितों को अपराध की प्रकृति के अनुसार वित्तीय सहायता (अधिकतम ₹8.25 लाख तक) दी जाती है।
  • हत्या के मामलों में: यदि मामले में पीड़ित की हत्या हो जाती है, तो आश्रित परिवार को ₹8.25 लाख का आर्थिक मुआवजा और एक सरकारी नौकरी देने का कानूनी प्रावधान है।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Patna
broken clouds
32 ° C
32 °
32 °
66 %
2.6kmh
83 %
Thu
32 °
Fri
35 °
Sat
36 °
Sun
36 °
Mon
36 °

Recent Comments