Sunday, October 4, 2026
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Counsel In Shock: बार एसोसिएशन चुनाव में हार के बाद ‘शॉक’ में हो सकते हैं वकील; बहस करने वाले वकील की अनुपस्थिति पर रोचक टिप्पणी पढ़ें

मामला सारांश (At a Glance)

पहलूविवरण
माननीय पीठMP High Court (न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल एवं न्यायमूर्ति अवनींद्र कुमार सिंह)
संबंधित चुनावजबलपुर हाई कोर्ट बार एसोसिएशन चुनाव 2026-28
अदालत की टिप्पणी“चुनाव में हार के सदमे (Shock) के कारण बहस करने वाले वकील अनुपस्थित प्रतीत होते हैं।”

Counsel In Shock:  अदालती कार्यवाहियों के दौरान अधिवक्ता विभिन्न कारणों से तारीख (स्थगन या Adjournment) मांगते हैं, जिनमें से कई कारण वास्तविक होते हैं और कुछ उतने नहीं।

न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल और न्यायमूर्ति अवनिंद्र कुमार सिंह की खंडपीठ ने हाल ही में संपन्न हुए हाई कोर्ट बार एसोसिएशन चुनावों में सचिव पद के लिए चुनाव लड़ने वाले वकील की अनुपस्थिति पर यह टिप्पणी की। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में 19 अगस्त 2026 को एक मामले की सुनवाई के दौरान एक वकील की अनुपस्थिति पर पीठ ने बेहद दिलचस्प और हल्के-फुल्के अंदाज में टिप्पणी की।

Counsel In Shock: अदालत की टिप्पणी और कार्यवाही

मामले की सुनवाई शुरू होने पर जब मुख्य बहस करने वाले वकील उपस्थित नहीं हुए, तो अपीलकर्ता के सहयोगी वकील ने सुनवाई स्थगित करने की प्रार्थना की। इस पर पीठ ने अपने न्यायिक आदेश में दर्ज करते हुए कहा: ऐसा प्रतीत होता है कि हाई कोर्ट बार एसोसिएशन चुनाव में हार के सदमे (Shock) के कारण बहस करने वाले वकील आज उपलब्ध नहीं हैं।

अदालत ने वकील की अनुपस्थिति को स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त के लिए सूचीबद्ध कर दी।

यहां पढ़ें: GHCAA Condemn FIR: गुजरात हाई कोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन ने वकीलों के खिलाफ दर्ज FIR दर्ज के तरीके पर क्यों जताई आपत्ति; यहां समझिए

Counsel In Shock: मामले की पृष्ठभूमि

  • चुनाव लड़ने के लिए पहले मांगी थी तारीख: बहस करने वाले अधिवक्ता ओम शंकर पांडे ने पूर्व में अदालत से आग्रह किया था कि मामले की सुनवाई 17 अगस्त के बाद रखी जाए, क्योंकि वे बार एसोसिएशन के सचिव पद का चुनाव लड़ रहे थे।
  • चुनाव के परिणाम: मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (जबलपुर) के चुनाव के लिए 17 अगस्त को मतदान हुआ था और 18 अगस्त को परिणाम घोषित किए गए थे। इसमें वरिष्ठ अधिवक्ता मृगेंद्र सिंह अध्यक्ष चुने गए, जबकि अधिवक्ता असीम त्रिवेदी सचिव पद पर विजयी रहे।
  • मूल वाद का विषय: यह याचिका एक सेवानिवृत्त कर्मचारी की पेंशन रोके जाने के प्रशासनिक आदेश से संबंधित थी। कर्मचारी को सेवानिवृत्ति के बाद एक आपराधिक मामले में दोषी ठहराया गया था, जिसके बाद उसकी पेंशन पर पूर्ण रोक लगा दी गई थी।

अदालत की टिप्पणी और मामला

  • वकील की अनुपस्थिति और स्थगन अनुरोध
    • मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य वकील के अनुपस्थित रहने पर सहायक वकील ने सुनवाई स्थगित (Adjourn) करने का अनुरोध किया।
    • इस पर पीठ ने आदेश में दर्ज किया:“ऐसा प्रतीत होता है कि हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव में मिली हार के सदमे के कारण बहस करने वाले वकील आज उपलब्ध नहीं हैं।”
  • पिछली सुनवाई का संदर्भ
    • मुख्य वकील (अधिवक्ता ओम शंकर पांडे) ने 8 अगस्त की सुनवाई के दौरान अदालत से आग्रह किया था कि मामले को 17 अगस्त के बाद सूचीबद्ध किया जाए, क्योंकि वे सचिव (Secretary) पद के लिए चुनाव लड़ रहे थे।
    • 18 अगस्त को घोषित चुनाव परिणामों में वरिष्ठ अधिवक्ता मृगेंद्र सिंह अध्यक्ष और असीम त्रिवेदी सचिव चुने गए।
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