मामला सारांश (At a Glance)
| पहलू | विवरण |
| संस्था | गुजरात हाई कोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन (GHCAA) |
| अध्यक्ष | सीनियर एडवोकेट यतिन ओझा |
| मुख्य मुद्दा | वकीलों के खिलाफ दर्ज गैंगरेप FIR की प्रक्रियात्मक कार्यशैली पर विरोध। |
| प्रस्ताव की तिथि | 13 अगस्त 2026 |
GHCAA Condemn FIR: गुजरात हाई कोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन (GHCAA) ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर उस तरीके की कड़े शब्दों में निंदा की है, जिसके तहत एक वकील, उनकी वकील पत्नी और उनके जूनियर के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म (Gang-rape) और जातिसूचक टिप्पणियों के आरोपों में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।
GHCAA ने 13 अगस्त 2026 को आयोजित अपनी बैठक में यह प्रस्ताव पास किया।
GHCAA Condemn FIR: प्रस्ताव के मुख्य बिंदु और बार एसोसिएशन का रुख
- प्रस्ताव की निंदा और चिंता:“गुजरात हाई कोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन एडवोकेट श्री हितेश ललितभाई गुप्ता, एडवोकेट श्रीमती शुभ्रा हितेशभाई गुप्ता और एक जूनियर एडवोकेट के खिलाफ शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही/FIR दर्ज करने के तरीके पर गंभीर चिंता व्यक्त करता है और इसकी कड़ी निंदा करता है।”
- वकीलों के अधिकार और स्वतंत्रता:
- एसोसिएशन ने जोर देकर कहा कि कानूनी पेशे के सदस्यों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई कानून के अनुसार, निष्पक्षता, उचित प्रक्रिया (Due Process) और पेशे की गरिमा व स्वतंत्रता का पूरा ध्यान रखते हुए की जानी चाहिए।
- GHCAA ने अपने सदस्यों को स्वतंत्र रूप से और बिना किसी भय, उत्पीड़न या प्रतिशोध की आशंका के अपना कर्तव्य निभाने के अधिकार का समर्थन किया।
- अध्यक्ष और पदाधिकारियों को प्रतिनिधित्व का अधिकार:
- एसोसिएशन ने अपने अध्यक्ष, वरिष्ठ अधिवक्ता यतिन ओझा (Yatin Oza) और अन्य पदाधिकारियों को संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रतिनिधित्व करने और वकीलों के अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक कानूनी कदम उठाने के लिए अधिकृत किया है।
GHCAA Condemn FIR: मामले की पृष्ठभूमि (Case Background)
- आरोप: छोटा उदेपुर जिले की पुलिस ने हाल ही में एडवोकेट हितेश गुप्ता, उनकी पत्नी और एक जूनियर वकील के खिलाफ मामला दर्ज किया।
- शिकायतकर्ता का दावा: एक महिला ने आरोप लगाया कि वह कानूनी सलाह के लिए वकीलों के पास गई थी और बाद में उसे घरेलू काम दिया गया। महिला का आरोप है कि फरवरी में गुप्ता ने अपने कार्यालय में उसका यौन उत्पीड़न किया और मई में गुप्ता तथा उनके जूनियर ने एक स्थान पर उसके साथ दुष्कर्म किया, धमकी दी व जातिसूचक शब्द कहे।
- 200 से अधिक सदस्यों की मांग: इस मामले में 200 से अधिक वकीलों द्वारा जताई गई चिंताओं के बाद GHCAA की बैठक बुलाई गई थी। गुजरात की अन्य जिला बार एसोसिएशनों (जैसे बड़ौदा, बोडेली और अहमदाबाद जिला बार) ने भी आरोपी वकीलों के प्रति एकजुटता जताई है।

