Tuesday, October 27, 2026
HomeDelhi High CourtDelhi's Footpath: फुटपाथ पैदल चलने वालों के लिए हैं, उन पर अतिक्रमण...

Delhi’s Footpath: फुटपाथ पैदल चलने वालों के लिए हैं, उन पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं; GT करनाल रोड पर झुग्गियों को हटाने के नोटिस पर दिया निर्देश

अदालत की मुख्य टिप्पणियां और निर्णय

  1. फुटपाथ का प्राथमिक उद्देश्य: तस्वीरों का अवलोकन करने के बाद न्यायमूर्ति जसमीत सिंह ने टिप्पणी की:“फुटपाथ चलने के लिए और सख्ती से पैदल यात्रियों के लिए बनाए गए हैं ताकि सड़कों पर ट्रैफिक से बचा जा सके। फुटपाथों पर अतिक्रमण करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।”
  2. सार्वजनिक भूमि और सुरक्षा: कोर्ट ने माना कि फुटपाथ और नालों पर कब्जा करके न केवल कानून का उल्लंघन किया जा रहा है, बल्कि इससे आम जनता के लिए पैदल चलना जोखिम भरा हो जाता है।
  3. PWD को 4 हफ्ते का समय: यद्यपि कोर्ट ने झुग्गियां हटाने के नोटिस पर रोक लगाने या राहत देने से इनकार कर दिया, लेकिन उसने 21 अगस्त को याचिकाकर्ता द्वारा PWD को दिए गए अभ्यावेदन (Representation) को ध्यान में रखा। PWD के वकील के आश्वासन के बाद कोर्ट ने निर्देश दिया कि PWD इस आवेदन पर चार सप्ताह के भीतर शीघ्रता से निर्णय ले।

नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने सार्वजनिक भूमि और फुटपाथों पर अवैध कब्जों को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि फुटपाथ केवल पैदल यात्रियों के सुरक्षित चलने के लिए बनाए गए हैं और उन पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण नहीं किया जा सकता।

न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की एकल पीठ ने ‘लोहार बस्ती लाल बाग आजादपुर विकास समिति’ द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। अदालत ने जीटी करनाल रोड पर सरकारी जमीन और फुटपाथ पर बनी झुग्गियों को हटाने के लिए जारी बेदखली नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका पर राहत देने से इनकार कर दिया।

उच्च न्यायालय की प्रमुख टिप्पणियां

1. फुटपाथ पैदल यात्रियों के लिए आरक्षित रिकॉर्ड पर मौजूद तस्वीरों का अवलोकन करने के बाद न्यायमूर्ति सिंह ने दो-टूक कहा: “फुटपाथ पैदल चलने के लिए और पूरी तरह से पैदल यात्रियों (Pedestrians) के लिए बनाए जाते हैं ताकि सड़कों पर यातायात सुगम रहे। फुटपाथों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण (Encroachment) नहीं किया जा सकता।”

2. सार्वजनिक भूमि और ड्रेन पर व्यावसायिक कब्जा अस्वीकार्य अदालत ने कहा कि राइट ऑफ वे (Right of Way), फुटपाथ और तूफानी पानी की निकासी नालियों (Storm Water Drains) पर अवैध निर्माण कर रहने और व्यावसायिक गतिविधियां चलाने की अनुमति किसी भी स्थिति में नहीं दी जा सकती।

Also Read; Rash Driving: केवल तेज गति से वाहन चलाना उतावलापन या लापरवाही नहीं; हाई स्पीड एक सापेक्ष शब्द, हादसे में टेंपो चालक की दोषमुक्ति बरकरार

मामले की पृष्ठभूमि और याचिकाकर्ता की मांगें

  • 7 अगस्त का बेदखली नोटिस: लोक निर्माण विभाग (PWD) और स्थानीय प्रशासन ने जीटी करनाल रोड के किनारे सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बसी झुग्गियों को हटाने के लिए 7 अगस्त को नोटिस जारी किया था।
  • पुनर्वास (Rehabilitation) की मांग: याचिकाकर्ता समिति ने नोटिस को चुनौती देते हुए मांग की थी कि झुग्गियों को ध्वस्त करने से पहले निवासियों का विधिवत सर्वेक्षण (Survey) कराया जाए और नीति के तहत उनके पुनर्वास/पुनर्स्थापन की पात्रता तय होने तक बेदखली पर रोक लगाई जाए।
  • प्रशासनिक निरीक्षण के तथ्य: अदालत ने संज्ञान लिया कि जिला मजिस्ट्रेट (सेंट्रल नॉर्थ) और एसडीएम (मॉडल टाउन) के संयुक्त निरीक्षण में पाया गया था कि सरकारी भूमि पर न केवल अवैध कब्जे थे, बल्कि वहां लोहे के बर्तनों के व्यापार जैसी व्यावसायिक गतिविधियां भी चलाई जा रही थीं।

हाईकोर्ट का अंतिम निर्देश

  1. ध्वस्तीकरण पर रोक से इनकार: हाईकोर्ट ने झुग्गी हटाने की कार्रवाई या ध्वस्तीकरण पर किसी भी प्रकार का स्थगनादेश (Stay) देने से साफ मना कर दिया।
  2. प्रत्यावेदन पर निर्णय: अदालत ने याचिकाकर्ता द्वारा 21 अगस्त को दिए गए प्रत्यावेदन (Representation) को ध्यान में रखते हुए पीडब्ल्यूडी (PWD) को निर्देश दिया कि वह कानून के अनुसार इस पर तेजी से और चार सप्ताह के भीतर निर्णय ले।

Delhi’s Footpath: मामले का संक्षिप्त विवरण (At a Glance)

विवरणजानकारी
संबंधित अदालतदिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court)
पीठासीन न्यायाधीशन्यायमूर्ति जसमीत सिंह
याचिकाकर्तालोहार बस्ती लाल बाग आजादपुर विकास समिति
स्थान / जमीनजीटी करनाल रोड (आजादपुर), PWD की सड़क/फुटपाथ/नाले की जमीन
मुख्य आदेशफुटपाथ पर कब्जा हटाने के नोटिस में हस्तक्षेप से इनकार; PWD को 4 हफ्ते में प्रत्यावेदन पर विचार करने के निर्देश।
RELATED ARTICLES

Most Popular

Patna
overcast clouds
26.5 ° C
26.5 °
26.5 °
49 %
2.6kmh
100 %
Tue
27 °
Wed
30 °
Thu
22 °
Fri
23 °
Sat
30 °

Recent Comments