Monday, August 31, 2026
HomeLaworder HindiSC news: डीएमके नेता वी. सेंथिल बालाजी से किसने कहा- पद चाहिए...

SC news: डीएमके नेता वी. सेंथिल बालाजी से किसने कहा- पद चाहिए या आजादी…पढ़े दिलचस्प बहस

SC news: सुप्रीम कोर्ट ने डीएमके नेता वी. सेंथिल बालाजी को चेतावनी दी कि उन्हें अब पद और आजादी में से एक को चुनना होगा।

बालाजी को जमानत मिलने के कुछ दिनों बाद ही मंत्री पद मिला

न्यायमूर्ति अभय एस. ओका और ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने यह टिप्पणी उस समय की, जब उन्हें बताया गया कि बालाजी को जमानत मिलने के कुछ दिनों बाद ही मंत्री पद पर फिर से नियुक्त कर दिया गया, जबकि उन पर मनी लॉन्ड्रिंग के नौकरी के बदले नकद घोटाले में आरोप हैं। शीर्ष कोर्ट ने कहा, यदि वह तमिलनाडु सरकार में मंत्री पद से इस्तीफा नहीं देते, तो उनकी जमानत रद्द की जा सकती है। अदालत ने पूर्व में दिए गए उस आदेश का हवाला भी दिया जिसमें कहा गया था कि बालाजी ने शिकायत वापस लेने के लिए लोगों पर दबाव डाला था।

इस बात को लेकर अदालत की थी नाराज़गी

शीर्ष कोर्ट ने कहा, अब आप कोर्ट के आदेश के कुछ ही दिनों बाद दोबारा मंत्री बन गए हैं। यह अदालत के साथ व्यवहार करने का तरीका नहीं है। फिर लोग हमें दोष देंगे कि हम जमानत देने में उदार नहीं हैं, जबकि पीएमएलए में जमानत मिलना बेहद मुश्किल है। सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने बालाजी की ओर से दलील दी कि बालाजी के खिलाफ कोई प्रत्यक्ष आरोप नहीं है। वहीं, सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल (तमिलनाडु सरकार की ओर से) ने सुझाव दिया कि अगर गवाहों को प्रभावित करने की आशंका हो तो ट्रायल राज्य से बाहर स्थानांतरित किया जा सकता है। लेकिन कोर्ट ने असहमति जताई और कहा, “इससे कोई फायदा नहीं होगा।” सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, ईडी की ओर से पेश हुए और आरोप लगाया कि बालाजी गवाहों को प्रभावित कर रहे हैं। हालांकि, कोर्ट ने कपिल सिब्बल के अनुरोध पर मामले की अगली सुनवाई 28 अप्रैल को तय की।

यह है पूरा मामला

बालाजी को 14 जून, 2023 को गिरफ्तार किया गया था। उन्हें 471 दिन जेल में रखने के बाद 26 सितंबर, 2024 को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली। जमानत के तीन दिन बाद 29 सितंबर को राज्यपाल आर. एन. रवि ने उन्हें मंत्री पद की शपथ दिलाई और उन्हें फिर से वही विभाग सौंपे गए – बिजली, गैर-पारंपरिक ऊर्जा, निषेध और आबकारी। ईडी ने जुलाई 2021 में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था, जिसमें आरोप था कि राज्य परिवहन विभाग में भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह भ्रष्ट बना दिया गया था। अब कोर्ट ने उन्हें अंतिम विकल्प देते हुए कहा है कि या तो वह मंत्री पद छोड़ें, या फिर उनकी जमानत रद्द हो सकती है।

पीठ ने कहा

“हमें यह आशंका है कि आप गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। आपको तय करना होगा कि आप मंत्री पद चाहते हैं या स्वतंत्रता। “जमानत मिलने का मतलब यह नहीं है कि आप गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। पहले भी आप ऐसा कर चुके हैं।

न्यायमूर्ति ओका ने कहा

“हम यह रिकॉर्ड में लाना चाहेंगे कि हमने गलती की, क्योंकि हमें बताया गया था कि वह अब मंत्री नहीं हैं। अगर हमें पहले पता होता, तो हम यह आदेश नहीं देते।”

सुप्रीम कोर्ट ने दी चेतावनी

“अब आप उसी स्थिति में लौट आए हैं, जहाँ एक मंत्री के तौर पर आप गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। हमने आपको जमानत संविधान के अनुच्छेद 21 के संभावित उल्लंघन के आधार पर दी थी, न कि केस की मेरिट पर। जब आप मंत्री हैं, तो हम क्या संदेश दे रहे हैं?”

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Patna
overcast clouds
29 ° C
29 °
29 °
89 %
2.6kmh
99 %
Sun
30 °
Mon
34 °
Tue
32 °
Wed
27 °
Thu
29 °

Recent Comments