Maintenance of records: गुवाहाटी हाईकोर्ट ने असम सरकार से कहा है कि वह राज्य के विदेशी ट्रिब्यूनल (एफटी) के सदस्यों और सुपरिटेंडेंट्स को केस रिकॉर्ड सही तरीके से संभालने की ट्रेनिंग देने पर विचार करे।
एफटी के रिकॉर्ड बेहद अव्यवस्थित पाए गए
यह मामला गोविंदा साहा नाम के व्यक्ति से जुड़ा है, जिसे नागांव स्थित एफटी ने “अवैध विदेशी” घोषित किया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने बाद में यह फैसला रद्द कर दिया। सुनवाई के दौरान जस्टिस कल्याण राय सुराणा और जस्टिस मालस्री नंदी की बेंच ने पाया कि एफटी द्वारा पेश किए गए दस्तावेजों में कई जगह गलत लेबलिंग और ओवरलैपिंग थी। कोर्ट ने यह टिप्पणी एक मामले की सुनवाई के दौरान की, जिसमें एफटी के रिकॉर्ड बेहद अव्यवस्थित पाए गए।
कोर्ट को ढूंढने में दो घंटे से ज्यादा समय लगा
कोर्ट ने कहा कि एफटी ने जिन दस्तावेजों को पेश किया, उन्हें ठीक से चिह्नित नहीं किया गया और न ही उन पर चर्चा की गई। इससे लगता है कि याचिकाकर्ता को अपने वकील से उचित सहायता नहीं मिली। कोर्ट ने यह भी कहा कि रिकॉर्ड इतने अव्यवस्थित थे कि उन्हें ढूंढने में कोर्ट को निजी सचिवों की मदद से दो घंटे से ज्यादा का समय लग गया।
ट्रेनिंग की सिफारिश
कोर्ट ने असम सरकार के गृह और राजनीतिक विभाग को आदेश की कॉपी भेजने को कहा है ताकि एफटी के सदस्यों और सुपरिटेंडेंट्स को रिकॉर्ड संभालने की ट्रेनिंग देने पर विचार किया जा सके। कोर्ट ने यह आदेश केस नंबर FT 2451/2011 की सुनवाई के दौरान दिया।
सभी एफटी को भेजा जाएगा आदेश
कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि यह आदेश राज्य के सभी विदेशी ट्रिब्यूनलों को भेजा जाए ताकि वे रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने के महत्व को समझें और सुधार करें।

