Tuesday, September 29, 2026
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Global Legal Battle-Chapter-2 : गूगल इंडिया को हटाएं, Google LLC को पक्षकार बनाएं…विदेशी नागरिक की प्रतिष्ठा की रक्षा पर जिरह

Global Legal Battle-Chapter-2 : कर्नाटक हाई कोर्ट ने तकनीकी और क्षेत्राधिकार (Jurisdiction) संबंधी आपत्तियों पर विचार करते हुए याचिका में महत्वपूर्ण सुधारों के निर्देश दिए हैं।

जस्टिस सचिन शंकर मगदुम की बेंच ने मामले की गंभीरता और गूगल की आपत्तियों को देखते हुए कई निर्देश जारी किए हैं। यह मामला अब एक बड़े कानूनी सवाल में बदल गया है: “क्या भारतीय अदालतें किसी विदेशी नागरिक की प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए अमेरिकी टेक कंपनियों को वैश्विक स्तर पर निर्देश दे सकती हैं?

गूगल इंडिया (Google India) को राहत

गूगल के वकील मनु पी. कुलकर्णी ने दलील दी कि सर्च इंजन का प्रबंधन और संचालन अमेरिका स्थित Google LLC द्वारा किया जाता है, न कि ‘गूगल इंडिया’ द्वारा। कोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार करते हुए निर्देश दिया कि याचिका से ‘गूगल इंडिया’ का नाम हटा दिया जाए (Delete Google India from the list of respondents)। याचिकाकर्ता को निर्देश दिया गया कि वे अपनी याचिका में सुधार (Amend) करें और Google LLC (USA) को मुख्य प्रतिवादी के रूप में शामिल करें।

क्षेत्राधिकार (Jurisdiction) पर बहस

  • गूगल और केंद्र सरकार (MeitY) दोनों ने इस याचिका के टिकने योग्य (Maintainability) होने पर सवाल उठाए हैं।
  • “Floodgates” का डर: गूगल ने तर्क दिया कि यदि एक विदेशी नागरिक (श्रीलंकाई जज) की याचिका को भारत में स्वीकार किया गया, तो पूरी दुनिया से लोग भारतीय अदालतों में ऐसे मामले लाने लगेंगे, जिससे भारतीय न्यायिक व्यवस्था पर बोझ बढ़ जाएगा।
  • केंद्र का रुख: भारत सरकार के वकील ने भी सवाल उठाया कि याचिकाकर्ता ने यह साबित नहीं किया है कि कर्नाटक हाई कोर्ट इस मामले की सुनवाई के लिए उचित मंच (Appropriate Forum) कैसे है।

‘Right to be Forgotten’ (भूल जाने का अधिकार)

जस्टिस नवाज के वकील ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन और गरिमा का अधिकार) का हवाला देते हुए कहा कि प्रतिष्ठा का अधिकार केवल भारतीयों तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत में रहने वाले या यहाँ के डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करने वाले किसी भी व्यक्ति (विदेशी नागरिक सहित) को प्राप्त है। वे खबरें जो पुरानी और गलत साबित हो चुकी हैं (क्योंकि श्रीलंकाई सुप्रीम कोर्ट ने जज के खिलाफ मामलों को रद्द कर दिया है), उन्हें हटाया जाना चाहिए।

अगली तारीख और भविष्य का कदम

कोर्ट ने मामले को और अधिक स्पष्टता के साथ सुनने के लिए अगली तारीख तय की है। अब इस मामले पर 6 अप्रैल, 2026 को प्रारंभिक सुनवाई (Preliminary Hearing) होगी। तब तक याचिकाकर्ता को गूगल का सही पता और Google LLC को पक्षकार बनाने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

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