Khan Market Relief: दिल्ली हाई कोर्ट ने खान मार्केट के रेस्टोरेंट मालिकों को बड़ी राहत देते हुए फैसला सुनाया है।
हाईकोर्ट के जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने खान मार्केट के कई प्रसिद्ध रेस्टोरेंट्स (जैसे Yum Yum Cha, Perch, Sly Granny और Khan Chacha) द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। इन रेस्टोरेंट्स ने सरकार के उस अनिवार्य नियम को चुनौती दी थी जिसमें फायर एनओसी के बिना संचालन पर रोक लगाने की बात कही गई थी। कहा कि जिन रेस्टोरेंट्स में एक समय में 50 से कम मेहमानों के बैठने की क्षमता है, उन्हें फायर एनओसी (Fire NOC) की अनिवार्यता से छूट दी जाएगी। अदालत ने खान मार्केट को दिल्ली की “शान” और एक हेरिटेज मार्केट करार देते हुए यह आदेश पारित किया।
कोर्ट का मुख्य आदेश (The Key Ruling)
- संचालन पर रोक नहीं: जब तक रेस्टोरेंट्स में एक समय में 50 से कम लोग मौजूद हैं, उन्हें केवल फायर एनओसी न होने के आधार पर काम करने से नहीं रोका जाएगा।
- सुरक्षा का वादा: रेस्टोरेंट मालिकों ने अदालत को वचन (Undertaking) दिया है कि वे फायर विभाग द्वारा बताए गए सभी सुरक्षा मानकों का पालन करेंगे।
- 30 दिन का नोटिस: यदि फायर एनओसी की कमी के कारण भविष्य में कोई कार्रवाई की योजना बनाई जाती है, तो उसे बिना 30 दिन के पूर्व नोटिस के लागू नहीं किया जाएगा।
‘असेंबली बिल्डिंग’ का कानूनी पेच
- विवाद इस बात पर था कि क्या इन छोटे रेस्टोरेंट्स को ‘यूनिफाइड बिल्डिंग बायलॉज 2016’ के तहत “असेंबली बिल्डिंग” माना जाए।
- रेस्टोरेंट्स का तर्क: नियमों के अनुसार, असेंबली बिल्डिंग की श्रेणी में केवल वे स्थान आते हैं जहाँ 50 या उससे अधिक लोग मनोरंजन या भोजन के लिए एकत्र हों।
- पिछला रिकॉर्ड: अधिकारियों ने पहले स्वास्थ्य लाइसेंस (Health Licenses) जारी करते समय उनकी क्षमता 50 से कम स्वीकार की थी।
NDMC का बदला हुआ रुख
- सुनवाई के दौरान नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) ने एक महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
- ट्रेड लाइसेंस की जरूरत खत्म: NDMC ने एक अधिसूचना जारी कर कहा है कि अब इन प्रतिष्ठानों को ‘हेल्थ ट्रेड लाइसेंस’ बनाए रखने की आवश्यकता नहीं है, बशर्ते वे अन्य नियमों का पालन करें।
- अदालत का निष्कर्ष: चूंकि लाइसेंस रिन्यूअल का मुख्य मुद्दा ही खत्म हो गया है, इसलिए इस पर अब और अधिक कानूनी बहस की आवश्यकता नहीं है।
फैसले के मुख्य बिंदु (Key Highlights)
| विषय | विवरण |
| राहत पाने वाले रेस्टोरेंट्स | खान चाचा, यम यम चा, पर्च, स्ली ग्रैनी और अन्य। |
| शर्त | गेस्ट की क्षमता एक समय में 50 से कम होनी चाहिए। |
| कोर्ट की टिप्पणी | खान मार्केट दिल्ली की शान और एक विरासत (Heritage) है। |
| कानूनी स्थिति | याचिकाओं का निपटारा (Disposed) कर दिया गया है। |
छोटे व्यवसायों को संजीवनी
दिल्ली हाई कोर्ट का यह फैसला खान मार्केट जैसे घनी आबादी वाले और पुराने बाजारों में स्थित छोटे रेस्टोरेंट्स के लिए बहुत बड़ी जीत है। इससे न केवल व्यापार करने में आसानी होगी, बल्कि “असेंबली बिल्डिंग” की परिभाषा को लेकर बनी अस्पष्टता भी दूर हुई है। कोर्ट ने व्यापारिक हितों और सुरक्षा मानकों के बीच एक संतुलन बनाने की कोशिश की है।

