Cycles to Court: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जस्टिस द्वारकाधीश बंसल ने 12 मई, 2026 को एक सादगीपूर्ण लेकिन शक्तिशाली मिसाल पेश की।
मामले का सारांश (Quick Highlights)
| विवरण | तथ्य |
| न्यायाधीश | जस्टिस द्वारकाधीश बंसल (MP High Court)। |
| मार्ग | सिविल लाइंस से हाई कोर्ट परिसर (3 किमी)। |
| प्रेरणा | पीएम मोदी की ईंधन संरक्षण (Fuel Saving) की अपील। |
| संदेश | वीआईपी कल्चर छोड़कर पर्यावरण और देशहित में योगदान। |
हाई कोर्ट की जबलपुर पीठ में पदस्थ हैं जज
जस्टिस द्वारकाधीश बंसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच ईंधन बचाने की अपील के बाद, जस्टिस बंसल अपनी सरकारी कार छोड़कर साइकिल से हाई कोर्ट पहुँचे। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में तनाव (अमेरिका-ईरान युद्ध) के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है और देश में ईंधन संरक्षण पर जोर दिया जा रहा है। जस्टिस बंसल, जो हाई कोर्ट की जबलपुर पीठ में पदस्थ हैं, सिविल लाइंस स्थित अपने सरकारी आवास से लगभग 3 किलोमीटर का सफर साइकिल से तय कर अदालत पहुँचे। उनके साथ उनके स्टाफ का एक सदस्य भी साइकिल पर मौजूद था।
साइकिल चलाने के पीछे का उद्देश्य
- साइकिल से कोर्ट पहुँचने के बाद जस्टिस बंसल ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में अपनी प्रेरणा के बारे में बताया।
- पीएम की अपील का असर: “पिछले दो दिनों से मैं देख रहा हूँ कि वैश्विक संकट को देखते हुए माननीय प्रधानमंत्री जी ने ईंधन बचाने की अपील की है। मैंने महसूस किया कि मुझे भी साइकिल से हाई कोर्ट जाना चाहिए ताकि आम आदमी तक यह संदेश पहुँचे कि छोटी दूरियों के लिए साइकिल का उपयोग संभव है।”
- समान नागरिक कर्तव्य: उन्होंने जोर देकर कहा कि हाई कोर्ट का जज होने का मतलब यह नहीं है कि वे नागरिक जिम्मेदारियों से मुक्त हैं।
मुख्य न्यायाधीश के साथ ‘साइकिलिंग’
जस्टिस बंसल ने एक और दिलचस्प बात साझा की। उन्होंने बताया कि वे अक्सर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा के साथ जबलपुर शहर में साइकिलिंग करते हैं। साइकिल चलाने को कोई कठिन कार्य नहीं बल्कि एक स्वास्थ्यवर्धक और पर्यावरण-अनुकूल गतिविधि बताया।
वैश्विक ऊर्जा संकट और पीएम की अपील
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 48 घंटों में सिकंदराबाद और वडोदरा के कार्यक्रमों में देशवासियों से ईंधन बचाने का आग्रह किया है।
- आर्थिक दबाव: पश्चिम एशिया में तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा हो रहा है, जिससे भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ सकता है।
- पीएम के सुझाव: उन्होंने नागरिकों से अनावश्यक ईंधन खपत कम करने, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने और छोटी दूरी के लिए साइकिल या इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने का आग्रह किया।
सादगी और नेतृत्व
न्यायपालिका के एक वरिष्ठ सदस्य द्वारा इस तरह का कदम उठाना समाज में “लीडिंग बाय एग्जांपल” (मिसाल बनकर नेतृत्व करना) का बेहतरीन उदाहरण है। यह न केवल ईंधन बचाने का संदेश देता है, बल्कि अदालतों और न्यायाधीशों के प्रति आम जनता के मन में सम्मान और जुड़ाव की भावना को भी बढ़ाता है।

