Wednesday, September 30, 2026
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BCI Audit Report: लॉ कॉलेजों से मिलने वाली फीस में भी 3 गुना उछाल…यह रहा बार काउंसिल ऑफ इंडिया की आय-व्यय, पढ़ें

BCI Audit Report: बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने शैक्षणिक वर्ष 2024-25 के दौरान कानूनी शिक्षा (Legal Education) पर अपने खर्च में भारी बढ़ोतरी की है।

राजपत्र (Gazette of India) में स्वतंत्र ऑडिटर की रिपोर्ट प्रकाशित

12 मई, 2026 को भारत के राजपत्र (Gazette of India) में प्रकाशित एक स्वतंत्र ऑडिटर की रिपोर्ट के अनुसार, BCI ने पिछले साल इस मद में ₹180.25 करोड़ खर्च किए, जो पिछले वर्ष के ₹46 करोड़ की तुलना में लगभग चार गुना अधिक है। नई दिल्ली स्थित चार्टर्ड एकाउंटेंसी फर्म जीके केडिया एंड कंपनी द्वारा प्रमाणित यह आंकड़े बताते हैं कि देश की सर्वोच्च कानूनी नियामक संस्था ने इस वर्ष कानूनी शिक्षा की गुणवत्ता और बुनियादी ढांचे को अपनी सर्वोच्च वित्तीय प्राथमिकता बनाया है। एडवोकेट्स एक्ट, 1961 के तहत स्थापित BCI देश भर के हजारों लॉ स्कूलों की गुणवत्ता को लेकर अक्सर आलोचनाओं का सामना करती रही है। हालिया आंकड़ों से संकेत मिलता है कि परिषद ने इन मानकों को सुधारने के लिए अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय प्रयास किया है।

खर्च का विश्लेषण: कहाँ गया पैसा?

BCI की कुल खर्च सूची में ₹180 करोड़ का यह आंकड़ा सबसे ऊपर है। इसकी तुलना परिषद के अन्य खर्चों से करें तो स्पष्ट होता है कि इसका मुख्य ध्यान
कानूनी शिक्षा( ₹180.25 करोड़), बैठकें और अन्य गतिविधियाँ: (₹14.22 करोड़), कर्मचारी लाभ: (₹10.27 करोड़), स्थापना लागत: (₹3.41 करोड़)।

आय के स्रोत और AIBE का योगदान

  • परिषद की कुल आय पिछले वर्ष के ₹250.32 करोड़ से घटकर ₹234.49 करोड़ रह गई है।
  • निरीक्षण शुल्क (Inspection Fees): यह BCI की आय का सबसे बड़ा स्रोत रहा, जिससे लगभग ₹130.54 करोड़ प्राप्त हुए।
  • AIBE XIX परीक्षा: ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन (AIBE) के 19वें संस्करण से ₹36.96 करोड़ की फीस प्राप्त हुई।
  • नियमितीकरण शुल्क (Regularisation Fees): लॉ कॉलेजों से वसूले जाने वाले इस शुल्क में बड़ी वृद्धि देखी गई है। यह पिछले साल के ₹3.16 करोड़ से बढ़कर ₹9.08 करोड़ हो गया है।

वित्तीय स्थिति और बचत

कानूनी शिक्षा पर भारी खर्च के कारण परिषद की वार्षिक बचत (Surplus) में भारी कमी आई है। इसमें 2023-24 की बचत: ₹173.50 करोड़, 2024-25 की बचत: ₹23.42 करोड़ प्रमुख है। जहां तक कुल संपत्ति की बात करें तो बचत कम होने के बावजूद BCI की कुल संपत्ति बढ़कर ₹815.83 करोड़ हो गई है, जिसमें ₹733 करोड़ से अधिक की सावधि जमा (FD) और निवेश शामिल हैं।

मामले का सारांश (Quick Highlights)

विवरणतथ्य (2024-25)
शिक्षा पर खर्च₹180.25 करोड़ (4 गुना वृद्धि)।
निरीक्षण शुल्क आय₹130.54 करोड़।
AIBE से आय₹36.96 करोड़।
कुल संपत्ति₹815.83 करोड़।
मुख्य फोकसलॉ कॉलेजों का विनियमन और शिक्षा के मानकों में सुधार।

क्या बदलेगी लॉ स्कूलों की तस्वीर?

BCI द्वारा किया गया यह भारी निवेश कानूनी शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। हालांकि, यह देखना बाकी है कि क्या यह वित्तीय खर्च वास्तव में भारत के लॉ कॉलेजों के स्तर को वैश्विक मानकों के अनुरूप ऊपर ले जा पाएगा या नहीं।

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