POCSO CASE: तेलंगाना हाई कोर्ट ने केंद्रीय मंत्री बंडी संजय कुमार के बेटे बंडी साईं भगीरथ की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई की।
भगीरथ पर एक 17 वर्षीय नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न और पोक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत गंभीर आरोप लगे हैं। भगीरथ के वकील ने अदालत से गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की है, ताकि उनका मुवक्किल जांच में शामिल हो सके और पुलिस को आवश्यक दस्तावेज सौंप सके।
बचाव पक्ष की दलीलें: “आचरण और उम्र पर सवाल”
- भगीरथ की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता और वाईएसआरसीपी सांसद निरंजन रेड्डी ने अदालत में कई विवादास्पद और महत्वपूर्ण तर्क रखे।
- पीड़िता का आचरण: रेड्डी ने तर्क दिया कि इस मामले में 17 वर्षीय उत्तरजीवी (survivor) का “आचरण” (Conduct) एक महत्वपूर्ण कारक होना चाहिए। उन्होंने कहा, “दोनों पक्षों के आचरण को देखना बहुत मायने रखेगा।”
- उम्र पर संदेह: बचाव पक्ष ने पीड़िता के नाबालिग होने के दावे पर भी सवाल उठाया। उन्होंने 2021 के एक ‘अंडरएज ड्राइविंग’ मामले की चार्जशीट का हवाला दिया, जिसमें पीड़िता की उम्र 15 वर्ष बताई गई थी (जिसके अनुसार वह अब वयस्क हो सकती है)।
- देरी से शिकायत: वकील ने सवाल उठाया कि कथित घटना दिसंबर 2025 की है, लेकिन पुलिस में शिकायत 8 मई, 2026 को क्यों दर्ज कराई गई।
पुलिस की कार्रवाई और आरोप
- भगीरथ पर अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच बार-बार यौन शोषण और भावनात्मक ब्लैकमेलिंग (Emotional Blackmail) के आरोप हैं।
- धाराएं: शुरुआत में पुलिस ने छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न की धाराएं लगाई थीं, लेकिन पीड़िता का बयान दर्ज होने के बाद POCSO के तहत ‘गंभीर यौन हमले’ (Aggravated Sexual Assault) की धारा जोड़ दी गई।
- नोटिस की अनदेखी: पुलिस ने भगीरथ को 13 मई 2026 को पेश होने का नोटिस दिया था, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए।
हनीट्रैप और जबरन वसूली का दावा
- इस मामले में भगीरथ ने भी एक जवाबी शिकायत दर्ज कराई है।
- रंगदारी का आरोप: भगीरथ का दावा है कि लड़की का परिवार उन पर शादी करने या ₹5 करोड़ देने का दबाव बना रहा है। इसे उन्होंने जबरन वसूली (Extortion) का प्रयास बताया है।
- बंडी संजय का बयान: केंद्रीय मंत्री ने शुरू में इसे ‘राजनीतिक साजिश’ कहा था, लेकिन हाल ही में उन्होंने स्पष्ट किया, “मेरे बेटे ने मुझे आश्वासन दिया है कि उसने कुछ गलत नहीं किया है। यदि वह वास्तव में दोषी पाया जाता है, तो मैं उसे माफ नहीं करूँगा।”
मामले का सारांश (Quick Highlights)
| मुख्य विवरण | जानकारी |
| मुख्य आरोपी | बंडी साईं भगीरथ (केंद्रीय मंत्री बंडी संजय कुमार के पुत्र)। |
| आरोप | POCSO अधिनियम के तहत गंभीर यौन हमला। |
| बचाव पक्ष का तर्क | शिकायत झूठी है, मामला जबरन वसूली का है, और उम्र पर विवाद है। |
| कोर्ट का स्टेटस | अंतरिम जमानत पर आदेश कल (शुक्रवार) आएगा। |
कानून और साक्ष्यों की कसौटी
यह मामला काफी हाई-प्रोफाइल हो गया है क्योंकि इसमें एक केंद्रीय मंत्री का परिवार शामिल है। जहाँ बचाव पक्ष पीड़िता के आचरण और उम्र को आधार बनाकर सुरक्षा मांग रहा है, वहीं पुलिस ने ‘गंभीर यौन हमले’ की धाराएं लगाकर मामले की गंभीरता को बढ़ा दिया है। अब सबकी नजरें हाई कोर्ट के कल के फैसले पर टिकी हैं कि क्या भगीरथ को गिरफ्तारी से राहत मिलती है या नहीं।

