Defamation Suit: दिल्ली की सियासत में एक बार फिर कानूनी जंग छिड़ गई है।
दिल्ली के डिप्टी सीएम प्रवेश साहिब सिंह ने आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता सौरभ भारद्वाज के खिलाफ सिविल और क्रिमिनल मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया है।
यह पूरा विवाद सोशल मीडिया पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद शुरू हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
सौरभ भारद्वाज ने अपने ‘X’ (ट्विटर) हैंडल पर कुछ पोस्ट और वीडियो शेयर किए थे। प्रवेश साहिब सिंह का आरोप है कि इन पोस्ट्स के जरिए उन पर बेहद गंभीर और झूठे आरोप लगाए गए।
प्रभाव का गलत इस्तेमाल: आरोप लगाया गया कि डिप्टी सीएम ने एक स्कूल के अधिकारियों को बचाने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया, जहाँ एक 3 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म (RAPE) हुआ था।
₹500 करोड़ का ट्रस्ट: भारद्वाज ने दावा किया था कि सिंह ने अपने एक करीबी को ₹500 करोड़ के प्राइवेट स्कूल ट्रस्ट में ट्रस्टी बनवाया और यह ट्रस्ट सिंह का ही है।
छवि खराब करने की कोशिश: सिंह के मुताबिक, उन पर भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और फाइलें दबाने के झूठे आरोप लगाकर जनता में उनकी छवि बिगाड़ने की साजिश रची गई।
कोर्ट में अब तक क्या हुआ?
डिप्टी सीएम ने इस मामले को कानूनी तौर पर दो मोर्चों पर लड़ा है।
| कोर्ट का नाम | केस का प्रकार | वर्तमान स्टेटस / अगली तारीख |
| दिल्ली हाई कोर्ट | सिविल मानहानि (₹5 करोड़ का हर्जाना) | जॉइंट रजिस्ट्रार गगनदीप जिंदल ने सौरभ भारद्वाज को समन जारी किया। अगली सुनवाई 7 सितंबर को होगी। |
| राउज एवेन्यू कोर्ट | क्रिमिनल मानहानि | एसीजेएम पारस दलाल ने मामले की सुनवाई की। शिकायतकर्ता (सिंह) और गवाहों के बयान के लिए 9 और 11 जून की तारीख तय की गई है। |
ये पूरी तरह मनगढ़ंत और झूठे आरोप हैं
प्रवेश साहिब सिंह के वकीलों (सीनियर एडवोकेट सचिन पुरी और टीम) ने कोर्ट में दलील दी कि सौरभ भारद्वाज के बयान पूरी तरह से दुर्भावनापूर्ण और झूठ से प्रेरित हैं। इनका मकसद सिर्फ मीडिया और समाज में डिप्टी सीएम की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाना था।
आगे क्या?
अब देखना यह होगा कि जून और सितंबर में होने वाली अदालती सुनवाइयों में आम आदमी पार्टी और सौरभ भारद्वाज इस पर क्या कानूनी रुख अपनाते हैं।

