Tuesday, August 4, 2026
HomeBREAKING-INTERNATIONALIran News: बिना हिजाब गाना गाने पर ईरानी गायिका परस्तू अहमदी को...

Iran News: बिना हिजाब गाना गाने पर ईरानी गायिका परस्तू अहमदी को 74 कोड़े की सजा…जानिए इस्लामिक देश के कानून के बारे में यहां पर

Iran News: ईरान में सांस्कृतिक अभिव्यक्ति और महिलाओं के अधिकारों पर एक बार फिर गंभीर विधिक और मानवाधिकार संकट गहरा गया है।

ईरान के क्वोम (Qom) प्रांत की अदालत का फैसला

एक युवा ईरानी महिला कलाकार परस्तू अहमदी (29 वर्ष) को केवल एक देशभक्ति गीत गाने और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करने के लिए एक स्थानीय अदालत द्वारा 74 कोड़े (Lashes) मारने की क्रूर सजा सुनाई गई है। यह मामला ईरान के क्वोम (Qom) प्रांत की एक अदालत का है। अदालत ने अपने फैसले में माना कि परस्तू ने दिसंबर 2024 में लाइव-स्ट्रीम किए गए एक कॉन्सर्ट के दौरान बिना हिजाब (Hijab) के प्रस्तुति दी थी, जो देश के इस्लामी कानूनों का उल्लंघन है।

परस्तू के साथ 8 अन्य संगीतकारों को भी यही समान सजा सुनाई

समाचार एजेंसी द गार्जियन के अनुसार, इस म्यूजिक प्रोडक्शन में शामिल परस्तू के साथ 8 अन्य संगीतकारों को भी यही समान सजा सुनाई गई है। न्यायालय ने शारीरिक दंड के अलावा सभी कलाकारों पर 2 साल का यात्रा प्रतिबंध (Travel Ban) लगाया है। 2 साल तक किसी भी प्रकार की कलात्मक गतिविधि (Artistic Work) करने पर पूरी तरह रोक लगा दी है।

पूरा मामला क्या है? (एक वायरल गाना और सरकार की कार्रवाई)

परस्तू अहमदी ने अपने यूट्यूब (YouTube) चैनल पर एक बेहद लोकप्रिय और ऐतिहासिक देशभक्ति गीत “अज़ खूने जवाने वतन” (Az Khoone Javanane Vatan – देश के युवाओं के खून से) गाया था।

बिना हिजाब प्रस्तुति: इस प्रदर्शन के दौरान उन्होंने हिजाब नहीं पहना था। यह वीडियो देखते ही देखते इंटरनेट पर वायरल हो गया और इसे लाखों व्यूज मिले।

गिरफ्तारी और रिहाई: वीडियो सामने आने के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने परस्तू और उनके साथ वाद्ययंत्र बजाने वाले संगीतकारों को कुछ समय के लिए हिरासत में लिया था। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया, लेकिन अधिकारियों ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ‘सामाजिक मानदंडों के उल्लंघन’ को लेकर एक औपचारिक आपराधिक मामला दर्ज कर लिया, जिसका नतीजा अब इस सजा के रूप में सामने आया है।

सजा का विधिक आधार: किन कानूनों के तहत दर्ज हुआ मामला?

ईरानी अभियोजकों (Prosecutors) ने कलाकारों को दोषी ठहराने के लिए मुख्य रूप से दो वैधानिक कानूनों (Statutes) का सहारा लिया है।

इस्लामी दंड संहिता (Islamic Penal Code) की धारा 638

यह धारा सार्वजनिक रूप से ऐसे व्यवहार को अपराध मानती है जिसे “खुला धार्मिक निषेध” (Open Religious Taboo) माना जाता है। इसके तहत महिलाओं का सार्वजनिक स्थानों पर बिना हिजाब के दिखना पूरी तरह प्रतिबंधित और दंडनीय है।

कंप्यूटर अपराध कानून (Computer Crimes Law) की धारा 743

यह कानून डिजिटल प्लेटफॉर्म या इंटरनेट के माध्यम से ऐसी सामग्री को बढ़ावा देने या प्रसारित करने को लक्षित करता है जिसे ‘भ्रष्ट’ या ‘नैतिक रूप से आपत्तिजनक’ (Obscene/Corrupt Content) माना जाता है।

विधिक विशेषज्ञों का विधिक तर्क (Counter-Argument)

मानवाधिकार विधिक समूह ‘दादबान’ (Dadban) के वकील मोईन खज़ेली ने इस पूरी विधिक प्रक्रिया को त्रुटिपूर्ण बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान के आपराधिक कानून के तहत महिलाओं के लिए गाना गाना या संगीत बनाना अपने आप में कोई अपराध नहीं है। इसलिए इस देशभक्तिपूर्ण प्रस्तुति को “अश्लील सामग्री” की श्रेणी में रखना विधिक रूप से अनुचित है। इसके अलावा, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संधियों का हवाला देते हुए कहा कि ‘कोड़े मारना’ (Flogging) एक प्रकार का शारीरिक उत्पीड़न (Torture) है, जिसे आधुनिक न्याय प्रणाली में मान्यता नहीं दी जा सकती।

वैश्विक प्रतिक्रिया: “यह जेंडर रंगभेद (Gender Apartheid) है”

इस फैसले के बाद दुनिया भर के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और कलाकारों ने ईरान सरकार की कड़ी निंदा की है।

सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स इन ईरान: संस्था की प्रमुख बहार गंदेहारी ने कहा कि युद्ध और कूटनीति के बीच ईरान सरकार अपनी जो भी छवि दुनिया को दिखाए, लेकिन सच यही है कि देश के भीतर कलाकारों और महिलाओं के बुनियादी मानवाधिकारों की स्थिति में रत्ती भर भी सुधार नहीं हुआ है।

मसीह अलीनेजाद (पत्रकार व कार्यकर्ता): उन्होंने इस फैसले को बेहद भयावह बताते हुए कहा कि जो सरकार महिलाओं को केवल उनके बाल दिखाने और गाने के लिए कोड़े मार सकती है, वह कोई सामान्य राज्य नहीं है। यह सीधे तौर पर ‘जेंडर रंगभेद’ (Gender Apartheid) का मामला है।

सितारेह मलेकी (ईरानी मूल की अभिनेत्री): ऑस्कर-नामित फिल्म ‘द सीड ऑफ द सेक्रेड फिग’ की इस अभिनेत्री ने, जो वर्तमान में निर्वासन (Exile) में रह रही हैं, परस्तू के साहस की सराहना करते हुए कहा कि यह सजा ईरान के भीतर काम कर रहे अन्य कलाकारों में छिपे प्रतिरोध और सांस्कृतिक असंतोष को दबाने की एक सोची-समझी न्यायिक रणनीति है।

केस मैट्रिक्स (Case Summary Matrix)

विधिक/मुख्य बिंदुईरान न्यायालय का विधिक आदेश एवं विवरण
दोषी कलाकारपरस्तू अहमदी (29 वर्षीय गायिका) एवं 8 अन्य संगीतकार।
कथित अपराधबिना हिजाब के देशभक्ति गीत गाकर वीडियो यूट्यूब पर लाइव-स्ट्रीम करना।
संबंधित विधिक धाराएंधारा 638 (इस्लामी दंड संहिता) और धारा 743 (कंप्यूटर अपराध कानून)।
न्यायालय द्वारा दी गई सजा74 कोड़े, 2 साल का यात्रा प्रतिबंध, और 2 साल तक कलात्मक कार्य करने पर रोक।
अंतरराष्ट्रीय विधिक दृष्टिकोणमानवाधिकार संगठनों के अनुसार कोड़े मारना अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत ‘प्रताड़ना और उत्पीड़न’ (Torture) की श्रेणी में आता है।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Patna
overcast clouds
30 ° C
30 °
30 °
73 %
1.8kmh
99 %
Mon
30 °
Tue
33 °
Wed
30 °
Thu
30 °
Fri
33 °