Solicitor General of India: कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने वरिष्ठ अधिवक्ता तुषार मेहता को पुनः तीन वर्ष की अवधि के लिए भारत का सॉलिसिटर जनरल (Solicitor General of India) नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है।
अक्टूबर 2018 से लगातार दूसरे सबसे बड़े कानून अधिकार बने
केंद्र सरकार की विधिक टीम में निरंतरता और स्थिरता बनाए रखने के एक बड़े फैसले के तहत, कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा जारी आधिकारिक विधिक आदेश के अनुसार, तुषार मेहता का यह नया कार्यकाल 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगा। यह नियुक्ति अगले तीन वर्षों के लिए या अगले आदेश तक (जो भी पहले हो) मान्य रहेगी। तुषार मेहता अक्टूबर 2018 से लगातार देश के दूसरे सबसे बड़े कानून अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और इस नए विस्तार के बाद वे भारतीय विधिक इतिहास में सबसे लंबे समय तक इस पद पर रहने वाले सॉलिसिटर जनरलों में से एक बन जाएंगे।
सॉलिसिटर जनरल का पद क्या होता है?
भारत का सॉलिसिटर जनरल एक संवैधानिक पद नहीं बल्कि एक सांविधिक पद (Statutory Post) है, जो लॉ ऑफिसर्स (कंडीशंस ऑफ सर्विस) रूल्स, 1987 के तहत संचालित होता है। इनका मुख्य कार्य भारत के महान्यायावादी (Attorney General) की सहायता करना और सर्वोच्च न्यायालय या उच्च न्यायालयों में भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करना होता है।
सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाई कोर्ट के एएसजी (ASGs) का पुनर्नियुक्ति विवरण
एसीसी (ACC) ने सॉलिसिटर जनरल के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार का पक्ष रखने वाले पांच अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASGs) और दिल्ली हाई कोर्ट के लिए एक एएसजी के कार्यकाल विस्तार को भी मंजूरी दी है।
| कानून अधिकारी (Law Officer) | विधिक पद (Designation) | सेवा विस्तार प्रभावी तिथि | नई अवधि (Tenure) | प्रथम नियुक्ति वर्ष |
| वरिष्ठ अधिवक्ता तुषार मेहता | सॉलिसिटर जनरल (SG), भारत | 1 जुलाई 2026 | 3 वर्ष | 2018 |
| वरिष्ठ अधिवक्ता विक्रमजीत बनर्जी | अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG), सुप्रीम कोर्ट | 1 जुलाई 2026 | 3 वर्ष | 2018 |
| वरिष्ठ अधिवक्ता के.एम. नटराज | अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG), सुप्रीम कोर्ट | 1 जुलाई 2026 | 3 वर्ष | 2019 |
| वरिष्ठ अधिवक्ता सूर्यप्रकाश वी. राजू | अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG), सुप्रीम कोर्ट | 30 जून 2026 | 3 वर्ष | 2020 |
| वरिष्ठ अधिवक्ता एन. वेंकटरमन | अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG), सुप्रीम कोर्ट | 30 जून 2026 | 3 वर्ष | 2020 |
| वरिष्ठ अधिवक्ता ऐश्वर्या भाटी | अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG), सुप्रीम कोर्ट | 30 जून 2026 | 3 वर्ष | 2020 |
| वरिष्ठ अधिवक्ता चेतन शर्मा | अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG), दिल्ली हाई कोर्ट | 1 जुलाई 2026 | 6 महीने | 2020 |
विधिक महत्व और पृष्ठभूमि (Legal Background)
विधिक निरंतरता: तुषार मेहता और उनकी विधिक टीम को मिला यह विस्तार ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न उच्च न्यायालयों में कई जटिल संवैधानिक, विनियामक (Regulatory) और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुकदमों का सामना कर रही है। सरकार का यह कदम मौजूदा विधिक टीम की कार्यकुशलता पर उसके भरोसे को दर्शाता है।
लंबा कार्यकाल: गुजरात से ताल्लुक रखने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता तुषार मेहता वर्ष 2014 में एएसजी के रूप में केंद्र की विधिक टीम में शामिल हुए थे, जिसके बाद अक्टूबर 2018 में उन्हें प्रमोट कर सॉलिसिटर जनरल बनाया गया था। इस ताजा विस्तार के बाद वे इस पद पर अपने 11 वर्ष पूरे करने की राह पर हैं।
वरिष्ठ अधिवक्ता तुषार मेहता: प्रभावशाली कानूनी चेहरों में से एक
वरिष्ठ अधिवक्ता तुषार मेहता भारत के सबसे प्रमुख और प्रभावशाली कानूनी चेहरों में से एक हैं। वह वर्तमान में भारत के सॉलिसिटर जनरल (Solicitor General of India) के रूप में कार्यरत हैं, जो देश के अटॉर्नी जनरल (महान्यायावादी) के बाद केंद्र सरकार का दूसरा सबसे बड़ा विधिक या कानूनी अधिकारी पद है।
वर्तमान स्थिति और सेवा विस्तार (जून 2026)
- मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (ACC) ने सॉलिसिटर जनरल के रूप में तुषार मेहता के कार्यकाल को तीन साल के लिए और बढ़ा दिया है।
- नया कार्यकाल: 1 जुलाई 2026 से 30 जून 2029 तक (या अगले आदेश तक)।
- यह उनका चौथा कार्यकाल (तीसरा सेवा विस्तार) है। सरकार के शीर्ष कानूनी मामलों में उनकी पकड़ और विश्वसनीयता की वजह से उन्हें यह लगातार एक्सटेंशन मिला है।
करियर की यात्रा और पृष्ठभूमि
शुरुआती करियर (गुजरात): तुषार मेहता ने अपने वकालत करियर की शुरुआत गुजरात में की थी। वह गुजरात हाई कोर्ट में एक बेहद सफल वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में उभरे।
अतिरिक्त महाधिवक्ता (गुजरात): केंद्र की राजनीति में आने से पहले वह गुजरात सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता (Additional Advocate General) रह चुके हैं, जहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय मामलों में सरकार का पक्ष रखा था।
दिल्ली आगमन (2014): वर्ष 2014 में जब केंद्र में एनडीए (NDA) की सरकार आई, तब उन्हें दिल्ली में अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) नियुक्त किया गया।
सॉलिसिटर जनरल के रूप में पहली नियुक्ति (2018): अक्टूबर 2018 में, रंजीत कुमार के इस्तीफे के बाद, तुषार मेहता को पहली बार भारत का सॉलिसिटर जनरल नियुक्त किया गया था। इसके बाद 2020, 2023 और अब 2026 में सरकार ने उनके कार्यकाल को लगातार बढ़ाया है।
प्रमुख ऐतिहासिक मामले (Landmark Cases)
सॉलिसिटर जनरल के रूप में, तुषार मेहता सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न उच्च न्यायालयों में केंद्र सरकार और उसकी जांच एजेंसियों (जैसे ED, CBI) के मुख्य कानूनी रणनीतिकार रहे हैं। उन्होंने देश के कई सबसे संवेदनशील और ऐतिहासिक मामलों की पैरवी की है।
अनुच्छेद 370 का निरस्तीकरण: जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के सरकार के फैसले का सुप्रीम कोर्ट में बचाव।
सीएए (CAA – नागरिकता संशोधन अधिनियम): नागरिकता कानून से जुड़ी याचिकाओं पर सरकार का पक्ष रखना।
पीएमएलए (PMLA) और जांच एजेंसियां: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारों और धन शोधन निवारण अधिनियम के कड़े प्रावधानों की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखने में मुख्य भूमिका।
आर्थिक एवं सुरक्षा मामले: इसके अलावा राम जन्मभूमि विवाद (अप्रत्यक्ष सहयोग), महामारी के दौरान प्रशासनिक नीतियां, और देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े अनगिनत संवेदनशील मामलों में वह सरकार के प्राथमिक संकटमोचक (Troubleshooter) रहे हैं।
विधिक एवं साहित्यिक योगदान
अदालती कार्यवाही के अलावा तुषार मेहता को उनकी वाकपटुता और कानूनी समझ के लिए जाना जाता है। हाल ही में मई 2026 में, उनके द्वारा लिखित दो पुस्तकों का विमोचन भी हुआ है, इसमें ‘The Bench, the Bar, & the Bizarre’ और ‘The Lawful and the Awful’ शामिल हैं। इन किताबों के लॉन्च के मौके पर उन्होंने वकीलों के जीवन, अदालती अनुभवों और न्यायपालिका के अनसुने व रोचक पहलुओं को बेहद चुटीले अंदाज़ में साझा किया था। तुषार मेहता के 35 साल से अधिक के लंबे कानूनी करियर और हालिया पुस्तक विमोचन के दौरान उनके द्वारा साझा किए गए कानूनी अनुभवों के बारे में Solicitor General Tushar Mehta’s Book Launch Video के जरिए और करीब से जान सकते हैं, जिसमें उन्होंने वकालत के जीवन के कई मजेदार और गंभीर किस्सों पर चर्चा की है।

