Tuesday, September 8, 2026
HomeLaw Firms & Assoc.Advocate's Gown: क्या लॉ कॉलेज के विज्ञापनों में एडवोकेट ड्रेस/गाउन में व्यक्ति...

Advocate’s Gown: क्या लॉ कॉलेज के विज्ञापनों में एडवोकेट ड्रेस/गाउन में व्यक्ति की फोटो का उपयोग BCI नियमों का उल्लंघन है? यहां जवाब मिलेगा

Advocate’s Gown: कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक लॉ कॉलेज को अधिवक्ता की पोशाक वाले विज्ञापन को हटाने का आदेश दिया है।

बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों का दिया हवाला

हाईकोर्ट के जस्टिस बी. एम. श्याम प्रसाद की एकल पीठ ने भारती एजुकेशन सोसाइटी ट्रस्ट द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया।
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के नियमों का हवाला देते हुए कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक लॉ कॉलेज (भारती एजुकेशन सोसाइटी ट्रस्ट) को अपने उन सभी प्रचार बैनर, होर्डिंग्स और फ्लेक्स को हटाने का निर्देश दिया है, जिनमें वकील की पोशाक (Advocate’s Gown/Attire) पहने किसी व्यक्ति की तस्वीर दिखाई गई है।

मामला क्या था?: पंचायत का नोटिस और लॉ कॉलेज की चुनौती

पृष्ठभूमि: पंचायत विकास अधिकारी (PDO) ने लॉ कॉलेज चलाने वाले ट्रस्ट को एक नोटिस जारी कर वकील के गाउन वाली तस्वीरों वाले फ्लेक्स/बैनर हटाने का आदेश दिया था और कार्रवाई की चेतावनी दी थी।

हाई कोर्ट में याचिका: ट्रस्ट ने पंचायत के इस नोटिस को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

BCI नियमों का उल्लंघन: सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने पाया कि स्थानीय पंचायत अधिकारी का नोटिस बिल्कुल सही था, क्योंकि बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के नियम किसी भी व्यक्तिगत वकील के विज्ञापन (Advertisement of an individual) पर पूरी तरह से रोक लगाते हैं।

हाई कोर्ट की मुख्य विधिक टिप्पणियां

व्यक्तिगत विज्ञापन पर रोक (BCI Rules against Individual Ads)

अदालत ने याचिका में सलग्न तस्वीरों का अवलोकन करते हुए स्पष्ट किया।

अदालत का मुख्य अवलोकन: प्रचार होर्डिंग्स में दिखाई गई तस्वीरें उस पोशाक में हैं जो अधिवक्ताओं के लिए निर्धारित है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियम किसी भी व्यक्ति या वकील के इस तरह के विज्ञापन के सख्त खिलाफ हैं। स्थानीय निकाय का इस पर आपत्ति जताना पूरी तरह उचित है।

कोर्स और संस्थान की जानकारी देने की छूट

हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कॉलेज को अपने लॉ डिग्री कोर्स और संस्थान का प्रचार करने का पूरा अधिकार है, लेकिन वह किसी व्यक्ति को वकील के गाउन में दिखाकर प्रचार नहीं कर सकता।

हाई कोर्ट का अंतिम आदेश

8 हफ्ते की मोहलत: ट्रस्ट के वकील के अनुरोध पर हाई कोर्ट ने विवादित बैनर और फ्लेक्स को हटाने के लिए 8 सप्ताह (2 महीने) का समय दिया।

कार्रवाई पर अस्थायी रोक: कोर्ट ने पंचायत विकास अधिकारी को निर्देश दिया कि वह अगले 8 हफ्तों तक कॉलेज के खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई न करे।

बैनर बदलने की छूट: कोर्ट ने ट्रस्ट को आजादी दी कि वह वकील की पोशाक वाली तस्वीरों को हटाकर केवल संस्थान का नाम और लॉ डिग्री कोर्स के विवरण वाले नए बैनर लगा सकता है।

केस मैट्रिक्स: Karnataka High Court Order

प्रक्रियात्मक और विधिक पहलूविवरण / अदालत का फैसला
संबंधित अदालतकर्नाटक उच्च न्यायालय (Karnataka High Court)
माननीय न्यायाधीशजस्टिस बी. एम. श्याम प्रसाद
केस का नामभारती एजुकेशन सोसाइटी ट्रस्ट बनाम कर्नाटक राज्य एवं अन्य
विधिक मुद्दाक्या लॉ कॉलेज के विज्ञापनों में एडवोकेट ड्रेस/गाउन में व्यक्ति की फोटो का उपयोग BCI नियमों का उल्लंघन है?
अदालत का फैसलाहां, BCI नियम व्यक्तिगत वकीलों के विज्ञापन पर रोक लगाते हैं; 8 हफ्ते में ऐसे सभी बैनर हटाने का निर्देश।
RELATED ARTICLES

Most Popular

Patna
light rain
32 ° C
32 °
32 °
74 %
3.1kmh
91 %
Tue
34 °
Wed
34 °
Thu
34 °
Fri
33 °
Sat
35 °

Recent Comments