मामला सारांश (At a Glance)
| पहलू | विवरण |
| स्थान/संस्था | राजस्थान उच्च न्यायालय (जोधपुर पीठ) |
| मुख्य मुद्दा | कंप्यूटर ई-सिस्टम से SOG मामलों की 5 केस फाइलों का ऑनलाइन डिलीट होना और भौतिक फाइलों का गायब होना। |
| शिकायतकर्ता | रजिस्ट्रार (न्यायिक) देवेंद्र सिंह भाटी |
| संबंधित थाना | कुड़ी भगतासनी पुलिस स्टेशन (12 अगस्त को FIR दर्ज) |
| अपराध श्रेणी | साइबर अपराध, चोरी और आपराधिक साजिश (Cybercrime & Theft) |
Cyber Attack: राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan High Court) की जोधपुर पीठ के इलेक्ट्रॉनिक केस ट्रैकिंग/कॉज लिस्ट सिस्टम में सेंधमारी और डेटा हैकिंग की एक गंभीर घटना सामने आई है।
इस साइबर हेरफेर के कारण ये मामले 5 अगस्त की कार्यसूची (Cause List) से गायब हो गए और कोर्ट में होने वाली सुनवाई पूरी तरह बाधित हो गई। राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान समूह (SOG) द्वारा दर्ज FIR से जुड़ी 5 महत्वपूर्ण आपराधिक केस फाइलों को उच्च न्यायालय के कंप्यूटर सिस्टम से हटा (Delete) दिया गया।
घटनाक्रम और साइबर हेरफेर की टाइमलाइन
- 31 जुलाई 2026 (शाम 5:36 बजे)
- कॉज लिस्ट अनुभाग के एक न्यायिक सहायक (Judicial Assistant) की लॉगिन आईडी का उपयोग करके कोर्ट नंबर 25 की दैनिक कार्यसूची में 5 याचिकाएं (क्रम संख्या 196 से 200) दर्ज की गईं और उसकी हार्ड कॉपी संबंधित अदालत को भेज दी गई।
- 31 जुलाई 2026 (शाम 6:24 बजे)
- महज 48 मिनट बाद, एक अन्य कर्मचारी की यूजर आईडी का इस्तेमाल करके कंप्यूटर सिस्टम से इन पाँचों मामलों को डिलीट कर दिया गया।
- 4 अगस्त 2026 (खुलासा)
- वकीलों ने अगले दिन की कार्यसूची में अपने मामले न पाकर सवाल उठाए। जब अधिकारियों ने अदालत में भौतिक (Physical) फाइलों की तलाश की, तो फाइलें भी गायब पाई गईं।
- 12 अगस्त 2026 (FIR दर्ज)
- राजस्थान उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार (न्यायिक) देवेंद्र सिंह भाटी की शिकायत पर कुड़ी भगतासनी पुलिस स्टेशन में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, चोरी और साइबर अपराध (Cybercrime & Criminal Conspiracy) की धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
गायब फाइलों का महत्व और पुलिस जांच
- SOG जयपुर से संबंधित मामले
- गायब हुई फाइलें जयपुर के SOG पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR को रद्द (Quashing) करने और एक साथ जोड़ने (Clubbing) की मांग करने वाली विविध आपराधिक याचिकाओं से जुड़ी थीं।
- इन मामलों में याचिकाकर्ताओं को अदालत से गिरफ्तारी से अंतरिम राहत (Interim Protection) मिली हुई थी।
- पुलिस की जांच की दिशा
- SHO सोमकरण ने पुष्टि की कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
- पुलिस अब सिस्टम लॉग (System Logs), यूजर एक्टिविटी (User Activity) और उन कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर रही है जिनकी यूजर आईडी का उपयोग फाइलों को हटाने और सिस्टम में अनधिकृत प्रवेश के लिए किया गया था।

