मामला सारांश (At a Glance)
| पहलू | विवरण |
| मामला/याचिका | आदर्श एस.आर. बनाम केरल राज्य एवं अन्य [Adarsh SR v State of Kerala & anr] |
| पीठ | मुख्य न्यायाधीश सौमेन सेन और न्यायमूर्ति श्याम कुमार वी.एम. |
| संबंधित कार्यक्रम | ‘फ्रीडम एट मिडनाइट’ (महिला एवं बाल विकास विभाग, केरल) |
| मुख्य निर्णय | PIL खारिज; पुरुषों के सड़क उपयोग पर कोई रोक नहीं, प्रतिबंध केवल महिला सम्मेलन क्षेत्र तक सीमित। |
Midnight Male Entry: केरल हाईकोर्ट (Kerala High Court) ने राज्य सरकार द्वारा स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर महिलाओं और बच्चों के लिए आयोजित किए जा रहे ‘फ्रीडम एट मिडनाइट’ (Freedom at Midnight) कार्यक्रम में पुरुषों के प्रवेश पर रोक को चुनौती देने वाली जनहित याचिका (PIL) पर विचार करने से इनकार कर दिया है।
मुख्य न्यायाधीश सौमेन सेन (Chief Justice Soumen Sen) और न्यायमूर्ति श्याम कुमार वी.एम. (Justice Syam Kumar V.M.) की खंडपीठ ने वकील एवं सामाजिक कार्यकर्ता आदर्श एस.आर. द्वारा दायर याचिका [Adarsh SR v. State of Kerala & Anr] को खारिज कर दिया।
हाई कोर्ट की प्रमुख टिप्पणियां और सरकारी पक्ष
- सड़क यातायात पर कोई प्रतिबंध नहीं
- राज्य सरकार की ओर से विशेष सरकारी वकील (Special Government Pleader) ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि पुरुषों पर प्रतिबंध केवल ‘कॉन्क्लेव/कार्यक्रम स्थल’ तक सीमित है।
- सरकार ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक सड़कों के उपयोग या पुरुषों के सामान्य आवागमन को किसी भी तरह से रोकने या बाधित करने की कोई योजना नहीं है।
- अपुष्ट मीडिया रिपोर्टों पर याचिका दाखिल करना अनुचित:“यह जनहित याचिका बिना किसी ठोस आधार और विश्वसनीय सामग्री के, केवल अपुष्ट समाचार पत्रों की रिपोर्टों के आधार पर गैर-जिम्मेदाराना (Slipshod) तरीके से दायर की गई है। इस तरह की जनहित याचिकाएं सुनवाई योग्य नहीं हैं।”
- अधिकारियों के समक्ष प्रतिनिधित्व का अभाव
- पीठ ने कहा कि स्थापित कानून के अनुसार, जनहित याचिका दायर करने से पहले याचिकाकर्ता को अपनी शिकायत लेकर संबंधित सार्वजनिक अधिकारियों के पास जाना चाहिए था। सीधे हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर नहीं की जा सकती।
कार्यक्रम का उद्देश्य और विवाद (Event Context)
- आयोजक और समय: यह सांकेतिक कार्यक्रम महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 14 अगस्त की रात 10 बजे से 15 अगस्त की सुबह 1 बजे तक तिरुवनंतपुरम के पीएमजी जंक्शन (PMG Junction) से थंपानूर स्थित ओवरब्रिज जंक्शन तक आयोजित किया गया है।
- उद्देश्य: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर महिलाओं को रात में सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित महसूस कराने और अपनी उपस्थिति दर्ज कराने (Reclaim Public Spaces) के उद्देश्य से इसका आयोजन किया गया।
- याचिकाकर्ता का तर्क: याचिकाकर्ता ने आशंका जताई थी कि पुरुषों को क्षेत्र में प्रवेश करने से रोका जाएगा, जो संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और अनुच्छेद 19(1)(d) (स्वतंत्र आवागमन का अधिकार) का उल्लंघन है।
कोर्ट का अंतिम फैसला
केरल हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के स्पष्टीकरण को रिकॉर्ड पर लेते हुए कार्यक्रम में किसी भी तरह से हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया और जनहित याचिका को खारिज कर दिया।

