Thursday, June 25, 2026
HomeInternational NewsBritish Teacher: सहकर्मी पर झूठा आरोप लगाने वाली ब्रिटिश ग्रामर स्कूल की...

British Teacher: सहकर्मी पर झूठा आरोप लगाने वाली ब्रिटिश ग्रामर स्कूल की शिक्षिका पर क्यों लगा ₹98 लाख (£92k) का जुर्माना…फैसला पढ़ें

British Teacher: एक प्रतिष्ठित ब्रिटिश ग्रामर स्कूल की पूर्व महिला शिक्षिका को अपने एक पुरुष सहकर्मी के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण अभियान चलाने और उसे ‘इंसल’ (Incel) तथा ‘संभावित हत्यारा’ बताने का झूठा आरोप लगाना बेहद भारी पड़ा है।

ब्रिटेन के एक एंप्लॉयमेंट ट्रिब्यूनल का फैसला

ब्रिटेन के एक एंप्लॉयमेंट ट्रिब्यूनल (रोजगार न्यायाधिकरण) ने महिला के इस आचरण को ‘उत्पीड़न और डराने-धमकाने वाला’ मानते हुए उस पर £92,903 (लगभग 98 लाख रुपये) का भारी विधिक जुर्माना (Legal Costs) लगाने का आदेश दिया है। सफोल्क के बरी सेंट एडमंड्स में हुई ट्रिब्यूनल की सुनवाई में कंप्यूटर शिक्षिका चंद्रिका पुनशोन (Chandrika Punshon) द्वारा लगाए गए नस्लीय और लैंगिक भेदभाव के सभी दावों को पूरी तरह खारिज (Dismiss) कर दिया गया।

विवाद की पृष्ठभूमि: क्या होता है ‘इंसल’ (Incel) और क्या थे आरोप?

चंद्रिका पुनशोन सितंबर 2022 से फरवरी 2023 तक बकिंघम स्थित ‘रॉयल लैटिन स्कूल’ (Royal Latin School) में कंप्यूटर की टीचर थीं। नौकरी छोड़ने के बाद, उन्होंने अपने पूर्व मैनेजर (सहकर्मी), जिन्हें अदालत में केवल ‘मिस्टर एबी’ (Mr AB) कहा गया है, के खिलाफ एक व्यापक दुष्प्रचार अभियान शुरू किया। ‘इंसल’ का अपमानजनक आरोप: महिला ने मिस्टर एबी को ईमेल और पुलिस रिपोर्ट में ‘इंसल’ (Incel – Involuntary Celibate) कहा।

विधिक व सामाजिक संदर्भ: ‘इंसल’ शब्द का इस्तेमाल इंटरनेट पर सक्रिय पुरुषों के उस कट्टरपंथी समुदाय के लिए किया जाता है जो अपनी यौन या सामाजिक असफलताओं के लिए महिलाओं को जिम्मेदार मानते हैं और अत्यधिक महिला-विरोधी (Misogynistic) व उग्र विचार रखते हैं।

हत्या की साजिश का झूठा दावा: फरवरी 2024 में ट्रिब्यूनल को भेजे गए ईमेल में महिला ने यहां तक लिख दिया कि “यदि मेरी हत्या होती है, तो मिस्टर एबी इसके पीछे एक खूनी मोहरा (Murderous Patsy) हो सकते हैं।” उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि मिस्टर एबी का कोई दोस्त नहीं है, जो एक इंसल का सटीक प्रोफाइल है।

ट्रिब्यूनल और पुलिस की जांच: पुरुष सहकर्मी को मिली क्लीन चिट

थैम्स वैली पुलिस ने मामले की गहन जांच करने के बाद इसे पूरी तरह ‘बेबुनियाद’ (Baseless) पाया और केस को बिना किसी आपराधिक आरोप के बंद कर दिया। विधिक कार्यवाही के दौरान पीड़ित मिस्टर एबी ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, मुझे इंसल जैसी महिला-विरोधी और चरमपंथी विचारधारा वाले शब्द से जोड़ना बेहद अपमानजनक था। मुझे ऐसे बेबुनियाद आरोपों के खिलाफ खुद को बेगुनाह साबित करने के लिए संघर्ष करना पड़ा, जिससे मैं अंदर से बीमार (Sick) महसूस करने लगा था।

न्यायाधिकरण के जज अलेक्जेंडर ग्रीन (Judge Alexander Green) ने महिला के इस आचरण की कड़ी निंदा करते हुए कहा, याचिकाकर्ता (चंद्रिका पुनशोन) का व्यवहार पूरी तरह से डराने-धमकाने और बदमाशी (Bullying) से प्रेरित था। उन्होंने मिस्टर एबी के खिलाफ पुलिस में झूठी शिकायतें दर्ज कराकर उत्पीड़न का एक बहुआयामी अभियान चलाया। यह मामला बेहद असाधारण और गंभीर (Extreme Case) है।

अवैध व उत्पीड़नकारी मुकदमेबाजी पर 100% हर्जाने का आदेश

ट्रिब्यूनल पैनल ने फैसला सुनाया कि चंद्रिका पुनशोन को उनके ‘तंग करने वाले, अपमानजनक और अनुचित आचरण’ (Vexatious and Unreasonable Conduct) के कारण स्कूल प्रबंधन को कानूनी लड़ाई में हुए खर्च का 100 प्रतिशत हर्जाना भुगतना होगा। स्कूल ने £92,903.40 के कानूनी खर्च का दावा किया है, जिसकी अंतिम पुष्टि एक विशेषज्ञ जज द्वारा विस्तृत मूल्यांकन के बाद की जाएगी।

नाम की स्पेलिंग गलत होने पर पहले भी किया था ‘नस्लवाद’ का केस

यह पहली बार नहीं है जब चंद्रिका पुनशोन ने स्कूल पर निराधार मुकदमे किए हों। इससे पहले अप्रैल 2025 में एक अन्य ट्रिब्यूनल ने उनका एक केस खारिज किया था, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि स्कूल के अधिकारियों ने उनके सरनेम (उपनाम) में गलती से ‘A’ अक्षर जोड़कर नस्लीय भेदभाव (Racism) किया है। महिला का दावा था कि यह ‘हिमालय’ जैसे हिंदी शब्दों का सामान्यीकरण करने की नस्लीय कोशिश थी। हालांकि, विधिक जांच में सामने आया कि ‘पुनशोन’ उनके पति का नाम था, जो भारतीय नहीं बल्कि मूल रूप से अंग्रेजी (English) मूल का उपनाम था।

केस मैट्रिक्स और विधिक सारांश (Case Overview)

कानूनी / प्रशासनिक बिंदुयूके एंप्लॉयमेंट ट्रिब्यूनल का विधिक निर्णय
संबंधित न्यायाधिकरणएंप्लॉयमेंट ट्रिब्यूनल, बरी सेंट एडमंड्स, सफोल्क (UK)
मामले के जजन्यायाधीश अलेक्जेंडर ग्रीन (Judge Alexander Green)
आरोपी पूर्व शिक्षिकाचंद्रिका पुनशोन (Chandrika Punshon)
पीड़ित सहकर्मीमिस्टर एबी (Mr AB – रॉयल लैटिन स्कूल के विभाग प्रमुख)
लगाए गए झूठे आरोपपुरुष सहकर्मी का ‘इंसल’ होना और महिला की हत्या की साजिश रचना।
ट्रिब्यूनल का अंतिम आदेशमहिला के सभी भेदभाव/उत्पीड़न के दावे खारिज। दुर्भावनापूर्ण मुकदमेबाजी के लिए £92,903.40 (≈ ₹98 लाख) का विधिक खर्च स्कूल को चुकाने का आदेश।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Patna
broken clouds
41.3 ° C
41.3 °
41.3 °
21 %
1.2kmh
59 %
Thu
44 °
Fri
46 °
Sat
46 °
Sun
44 °
Mon
41 °

Recent Comments