Mumbai Police: बॉम्बे हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवींद्र घुगे और जस्टिस गौतम अनखड़ की खंडपीठ ने सत्र अदालत द्वारा म्हात्रे को दी गई जमानत पर रोक जारी रखते हुए पुलिस प्रशासन को उनकी प्राथमिकताओं की याद दिलाई।
कल्याण के एक सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के साथ हुई मारपीट के मामले में शिवसेना कॉर्पोरेट रमेश म्हात्रे (Ramesh Mhatre) की जमानत पर लगी रोक को बॉम्बे उच्च न्यायालय ने आगे बढ़ा दिया है। इसके साथ ही म्हात्रे की जेल में रहने की अवधि बढ़ गई है। अदालत ने कहा, जब वह डॉक्टर को पीट रहे थे, तब वह किसी 25 साल के नौजवान से भी ज्यादा ऊर्जावान नजर आ रहे थे।
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट की तीखी टिप्पणियां
“पुलिस का काम आम नागरिक को बचाना है”
खंडपीठ ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए स्पष्ट कहा, हम पुलिस अधिकारियों से यह अपेक्षा करते हैं कि वे कानून का पालन करने वाले आम नागरिकों की रक्षा करें, न कि आरोपियों की।
उम्र और बीमारी की दलील पर कोर्ट का तंज
म्हात्रे की वकील सना रईस खान ने तर्क दिया कि 73 वर्षीय म्हात्रे एक समाजसेवक हैं, उनकी केवल एक किडनी काम करती है और वे कई बीमारियों से ग्रस्त हैं। उन्होंने कहा कि यह एक भावुक आपातकालीन स्थिति थी जहां वे केवल महिला मरीज की मदद करने गए थे। इस दलील पर पीठ ने चुटकी लेते हुए कहा, जब वह डॉक्टर को पीट रहे थे, तब तो वह किसी 25 साल के युवा से भी ज्यादा फुर्तीले और ऊर्जावान दिख रहे थे।”
मामला क्या था?: शास्त्री नगर अस्पताल में डॉक्टरों से मारपीट
घटना की तारीख: 6 जुलाई 2026
विवाद का कारण: एक गर्भवती महिला और नवजात शिशु के इलाज को लेकर विवाद। अस्पताल में एनआईसीयू (NICU) बेड उपलब्ध न होने पर डॉक्टरों ने मरीज को दूसरे अस्पताल शिफ्ट करने की सलाह दी। परिजनों ने कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे को बुलाया, जिसके बाद म्हात्रे और उनके समर्थकों ने डॉक्टरों व कर्मचारियों पर कथित तौर पर हमला कर दिया।
धाराएं: सरकारी कर्मचारी पर हमला, मारपीट, आपराधिक धमकी, गैर-कानूनी जमावड़ा और दंगा फैलाने की धाराओं के तहत 8 जुलाई को गिरफ्तारी हुई।
सुओ मोटो (Suo Motu) संज्ञान: कल्याण सत्र अदालत ने 14 जुलाई को जमानत दी थी, लेकिन बॉम्बे हाई कोर्ट ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए 18 जुलाई (शनिवार) को विशेष सुनवाई कर जमानत पर स्टे (Stay) लगा दिया था।
हाई कोर्ट के अन्य प्रमुख निर्देश
सीसीटीवी फुटेज (CCTV Preservation): अदालत ने महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिया है कि ठाणे सिविल अस्पताल (8-10 जुलाई और 13-15 जुलाई) तथा शास्त्री नगर अस्पताल (6 जुलाई, शाम 7 से 10 बजे) के सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित डाउनलोड करके 27 जुलाई को कोर्ट में प्रस्तुत किया जाए।
IMA को पक्षकार बनाने की मंजूरी: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सी.यू. कामदार की अर्जी स्वीकार करते हुए कोर्ट ने IMA को मामले में प्रतिवादी (Respondent) के रूप में शामिल करने की अनुमति दी। IMA ने वकीलों और डॉक्टरों पर हो रहे हमलों के खिलाफ संस्थागत FIR दर्ज कराने की मांग की है।
केस मैट्रिक्स: बॉम्बे हाई कोर्ट
| प्रक्रियात्मक पहलू | विवरण / अदालत की स्थिति |
| संबंधित अदालत | बॉम्बे उच्च न्यायालय (Bombay High Court) |
| माननीय पीठ | कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवींद्र घुगे एवं जस्टिस गौतम अनखड़ |
| मुख्य आरोपी | रमेश म्हात्रे (शिवसेना कॉर्पोरेटर) |
| राज्य का पक्ष | महाधिवक्ता (AG) मिलिंद साठे |
| आरोपी की वकील | अधिवक्ता सना रईस खान |
| IMA के वकील | वरिष्ठ अधिवक्ता सी.यू. कामदार |
| अदालत का फैसला | जमानत पर रोक जारी; अस्पताल के CCTV फुटेज संरक्षित करने के निर्देश। |

