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Judicial Relief: मृतक जज के घर से कोई चोरी नहीं हुई, सामान घर में ही मिल गया…पंजाब पुलिस ने जज बिक्रमदीप सिंह को दी क्लीन चिट

Judicial Relief: पंजाब पुलिस ने सिविल जज (जूनियर डिवीजन) बिक्रमदीप सिंह के खिलाफ दर्ज चोरी के मामले में पटियाला जिला अदालत में कैंसिलेशन रिपोर्ट (Cancellation Report) दाखिल कर दी है।

पटियाला पुलिस ने एडिशनल जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ADJ) कंवलजीत सिंह के निधन के बाद उनके घर से गहने और नकदी चोरी करने के आरोपी जज बिक्रमदीप सिंह के खिलाफ केस बंद करने का फैसला किया है। पुलिस का कहना है कि शिकायतकर्ता ने अपना बयान बदल लिया है और अब यह मामला खत्म होने की कगार पर है।

यह था पूरा आरोप? (The Allegation)

  • घटना: 1 अगस्त, 2025 की रात को जब संगरूर के ADJ कंवलजीत सिंह का अस्पताल में निधन हुआ, तो आरोप लगा कि उसी रात बिक्रमदीप सिंह और कुछ अन्य लोग उनके घर में दाखिल हुए।
  • शिकायत: पंजाबी यूनिवर्सिटी के लॉ प्रोफेसर डॉ. भूपिंदर सिंह विर्क ने शिकायत दर्ज कराई थी कि बिक्रमदीप और उनके साथियों ने घर से पुश्तैनी सोना, जेवरात और नकदी चुरा ली है।
  • FIR: इस मामले में 21 मार्च, 2026 को पटियाला के लाहोरी गेट पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था।

पुलिस का यू-टर्न: ‘कैंसिलेशन रिपोर्ट’ के पीछे का तर्क

  • मामले में नाटकीय मोड़ तब आया जब पुलिस ने सोमवार (20 अप्रैल) को अदालत में केस रद्द करने की रिपोर्ट पेश की।
  • समझौता या गलतफहमी? थाना प्रभारी (SHO) रणदीप सिंह के अनुसार, शिकायतकर्ता ने पूरक बयान (Supplementary Statement) दिया है कि मामला सुलझ गया है।
  • बयान: शिकायतकर्ता ने अब कहा है कि कोई चोरी नहीं हुई थी और कथित तौर पर चोरी हुआ सामान घर के अंदर से ही बरामद हो गया है।

जज बिक्रमदीप सिंह का बचाव

  • बिक्रमदीप सिंह ने शुरू से ही इन आरोपों को गलत बताया था।
  • पारिवारिक संबंध: उन्होंने दावा किया कि मृतक जज उन्हें अपने परिवार का सदस्य मानते थे।
  • मदद की मंशा: बिक्रमदीप के अनुसार, मृतक जज के बेटे (जो तब कनाडा में थे) ने उन्हें कीमती सामान सुरक्षित करने के लिए कहा था। उन्होंने वह सामान बाद में बेटे को वापस भी कर दिया था।
  • छवि खराब करने की कोशिश: उनके वकील अनीश जैन ने तर्क दिया कि यह केस केवल उनकी छवि खराब करने के लिए दर्ज किया गया था।

कोर्ट का रुख और वर्तमान स्थिति

  • अग्रिम जमानत खारिज: इसी महीने की शुरुआत (1 अप्रैल) को एडिशनल सत्र न्यायाधीश हरिंदर सिद्धू ने बिक्रमदीप सिंह की अग्रिम जमानत याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि आरोप गंभीर हैं और हिरासत में पूछताछ की जरूरत है।
  • अगली सुनवाई: अब पुलिस की कैंसिलेशन रिपोर्ट पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रभा पराशर की अदालत शुक्रवार (24 अप्रैल) को विचार करेगी।
  • छुट्टी पर जज: जिला अदालत की वेबसाइट के अनुसार, बिक्रमदीप सिंह वर्तमान में 24 अप्रैल तक अर्न्ड लीव (Earned Leave) पर हैं।

केस के मुख्य बिंदु (Key Highlights)

बिंदुविवरण
आरोपीसिविल जज बिक्रमदीप सिंह।
शिकायतकर्ताडॉ. भूपिंदर सिंह विर्क (प्रोफेसर, पंजाबी यूनिवर्सिटी)।
ताजा स्थितिपुलिस ने ‘कैंसिलेशन रिपोर्ट’ दाखिल की, केस बंद होने की संभावना।
नया मोड़सामान घर के भीतर ही मिलने का दावा।

कानूनी प्रक्रिया और न्यायिक साख

यह मामला न्यायिक गलियारों में काफी चर्चा का विषय रहा है क्योंकि इसमें एक मौजूदा जज पर अपने ही दिवंगत सहयोगी के घर में चोरी का आरोप लगा था। हालांकि पुलिस की रिपोर्ट से बिक्रमदीप सिंह को बड़ी राहत मिली है, लेकिन अंतिम फैसला शुक्रवार को अदालत करेगी कि क्या इस रिपोर्ट को स्वीकार कर केस को पूरी तरह बंद किया जाए।

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