सुनवाई के मुख्य बिंदु और आईएमए (IMA) की आपत्तियां
- सामाजिक कलंक हटाने का प्रयास: अदालत ने पूर्व सुनवाई में मानसिक स्वास्थ्य केंद्रों के नाम और उनसे जुड़ी सामाजिक धारणा पर चिंता व्यक्त की थी, जिसके बाद सरकार ने नाम बदलने का निर्णय लिया।
- चिकित्सकीय संगठनों की आपत्तियां: सुनवाई के दौरान ‘इंडियन मेडिकल एसोसिएशन’ (IMA) और ‘इंडियन साइकियाट्रिक सोसाइटी’ (IPS) के वरिष्ठ वकीलों ने कहा कि वे नए नामकरण को लेकर सरकार के समक्ष कुछ तकनीकी/चिकित्सकीय सुझाव व आपत्तियां प्रस्तुत करना चाहते हैं।
- हाईकोर्ट का निर्देश:
- अदालत ने IMA और IPS को 14 सितंबर 2026 तक स्वास्थ्य विभाग के मुख्य सचिव को अपने सुझाव सौंपने की अनुमति दी है।
- स्वास्थ्य विभाग के सक्षम अधिकारी 16 सितंबर 2026 को डॉक्टरों के प्रतिनिधियों की बात सुनेंगे।
- इस परामर्श की रिपोर्ट पर 22 सितंबर 2026 को हाईकोर्ट में अगली सुनवाई होगी।
कोच्चि: केरल हाईकोर्ट के निरंतर हस्तक्षेप और सुझाव के बाद केरल सरकार ने राज्य भर में संचालित सभी सरकारी मानसिक स्वास्थ्य केंद्रों (Mental Health Centres) का नाम बदलकर ‘हैप्पीनेस एंड वेलनेस सेंटर’ (Happiness and Wellness Centres) करने की औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी है [हाईकोर्ट लीगल एड कमेटी बनाम केरल राज्य]।
न्यायमूर्ति देवन रामचंद्रन और न्यायमूर्ति बसंत बालाजी की खंडपीठ को केरल के महाधिवक्ता (Advocate General) जाजू बाबू ने सूचित किया कि राज्य सरकार ने 7 सितंबर 2026 को इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है, जिसे 8 सितंबर के मेमो के साथ औपचारिक रूप से अदालत के रिकॉर्ड पर रख दिया गया है।
नाम बदलने के पीछे का उद्देश्य और पृष्ठभूमि
- सामाजिक कलंक (Stigma) को समाप्त करना: अदालत ने मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों के मौजूदा नामों से जुड़े सामाजिक कलंक और पूर्वाग्रहों पर चिंता व्यक्त की थी, जिसके चलते लोग इलाज कराने में झिझकते हैं। सकारात्मक और समावेशी माहौल बनाने के लिए इन केंद्रों के नाम में बदलाव का सुझाव दिया गया था।
- विधिक सेवा समिति की पहल: यह कार्यवाही केरल हाईकोर्ट लीगल एड कमेटी द्वारा राज्य के मानसिक स्वास्थ्य केंद्रों की दयनीय स्थिति, बुनियादी ढांचे और मरीजों के मानवाधिकारों को लेकर दायर एक याचिका पर सुनवाई के दौरान आगे बढ़ी।
IMA और मनोचिकित्सकों की आपत्तियां; 16 सितंबर 2026 को सरकार के साथ बैठक
सुनवाई के दौरान इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) और इंडियन साइकियाट्रिक सोसाइटी (IPS) की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने नए नामकरण को लेकर कुछ तकनीकी व चिकित्सकीय आपत्तियां दर्ज कराने की इच्छा जताई:
- सुझाव पेश करने की अनुमति: हाईकोर्ट ने आईएमए (IMA) और आईपीएस (IPS) को 14 सितंबर तक स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव (Principal Secretary, Health) के समक्ष अपने औपचारिक सुझाव/आपत्तियां सौंपने की अनुमति दी।
- 16 सितंबर को सुनवाई: अदालत ने निर्देश दिया कि स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव या सक्षम प्राधिकारी 16 सितंबर 2026 को सुबह 11:00 बजे दोनों संस्थाओं के प्रतिनिधियों और अन्य संबंधित डॉक्टरों की बातें सुनेंगे।
- 22 सितंबर को रिपोर्ट: सरकार और डॉक्टरों के बीच हुई इस बैठक के विचार-विमर्श की रिपोर्ट 22 सितंबर 2026 को हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।
बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा पर सरकार से जवाब तलब
हाईकोर्ट ने केवल नाम बदलने तक सीमित न रहते हुए इन केंद्रों की वास्तविक व्यवस्थाओं में सुधार पर जोर दिया। अदालत ने महाधिवक्ता को एक सप्ताह का समय देते हुए निम्नलिखित प्रमुख मुद्दों पर सरकार से स्पष्ट निर्देश प्राप्त कर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा:
- केंद्रों में डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी दूर करना।
- परिसरों की चारदीवारी और सुरक्षा (Perimeter Security) पुख्ता करना।
- मरीजों के लिए आवश्यक दवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करना।
- आपातकालीन और प्रशासनिक कार्यों के लिए पर्याप्त वाहनों की व्यवस्था।
विधिक प्रतिनिधित्व
- केरल राज्य की ओर से: महाधिवक्ता (Advocate General) जाजू बाबू।
- न्यायालय द्वारा नियुक्त एमिकस क्यूरी: अधिवक्ता वी. रामकुमार नांबियार।
- IMA और IPS की ओर से: अधिवक्ता लिट्टो पलाथिनकल के निर्देश पर वरिष्ठ अधिवक्ता वी.वी. अशोकन।
Mental Health Centre: मामले का संक्षिप्त विवरण (At a Glance)
| विवरण | जानकारी |
| संबंधित अदालत | केरल उच्च न्यायालय (Kerala High Court) |
| पीठासीन पीठ | जस्टिस देवन रामचंद्रन और जस्टिस बसंत बालाजी |
| याचिका | हाईकोर्ट लीगल एड कमेटी (High Court Legal Aid Committee) |
| मुख्य उद्देश्य | मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों से जुड़े सामाजिक कलंक को दूर करना और बुनियादी सुधार |
| नया नाम | ‘हैप्पीनेस एंड वेलनेस सेंटर’ (Happiness and Wellness Centres) |

