Thursday, September 24, 2026
HomeLatest NewsMovie release: फिल्म 120 बहादुर की रिलीज मंजूर…ऐतिहासिक तथ्यों में विकृति के...

Movie release: फिल्म 120 बहादुर की रिलीज मंजूर…ऐतिहासिक तथ्यों में विकृति के आरोपों पर याचिका निपटाई

Movie release: दिल्ली हाई कोर्ट ने फरहान अख्तर स्टारर फिल्म ‘120 बहादुर’ की 21 नवंबर को निर्धारित रिलीज़ को हरी झंडी दे दी।

फिल्म का शीर्षक बदलना आदि संभव नहीं: कोर्ट

कोर्ट ने यह फैसला उस याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया जिसमें फिल्म के CBFC प्रमाणन को चुनौती देते हुए आरोप लगाया गया था कि इसमें ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़ा-मरोड़ा गया है। जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस शैल जैन की बेंच ने कहा कि फिल्म का शीर्षक बदलना या इस चरण में उसमें संशोधन कराना अब संभव नहीं है, क्योंकि रिलीज़ में केवल दो दिन बचे हैं। कोर्ट ने यह भी बताया कि फिल्म के अंत में 120 जवानों के नाम एक विशेष ट्रिब्यूट के तौर पर डाले गए हैं।

“फिल्म तय तारीख पर रिलीज़ होगी, OTT पर हो सकेंगे बदलाव” – हाई कोर्ट

बेंच ने कहा कि यदि 120 सभी सैनिकों के नाम शामिल होने पर कोई अस्पष्टता है, तब भी फिल्म का शुक्रवार को पूरे देश में थिएट्रिकल रिलीज़ रोका नहीं जाएगा। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता फिल्म देखकर नामों की पुष्टि कर सकते हैं और यदि कोई बदलाव जरूरी लगे तो OTT रिलीज़ में सुधार किए जाएं। “OTT संस्करण में सैनिकों के नाम और उनकी संबंधित रेजिमेंट स्पष्ट रूप से दर्ज हों।

याचिका में क्या था आरोप?

संगठित अहिर रेजिमेंट मोर्चा, उसके ट्रस्टी और रेजांग ला युद्ध में शहीद सैनिकों के परिजनों ने PIL दायर कर कहा कि फिल्म ऐतिहासिक तथ्यों को गलत तरीके से पेश करती है, युद्ध में लड़ने वाले अहिर (यादव) सैनिकों के सामूहिक योगदान को नजरअंदाज करती है, और पूरे घटनाक्रम को एक काल्पनिक चरित्र के माध्यम से केवल मेजर शैतान सिंह भाटी पर केंद्रित कर देती है। याचिका में कहा गया कि इससे सामूहिक वीरता, रेजिमेंटल गर्व और शहीदों की पहचान को नुकसान पहुंचता है। पीआईएल के अनुसार, यह सिनेमैटोग्राफ एक्ट और CBFC गाइडलाइंस का उल्लंघन है, जो “इतिहास के विकृत चित्रण” वाली फिल्मों को प्रतिबंधित करता है।

रेजांग ला युद्ध—एक पृष्ठभूमि

याचिका में बताया गया कि 1962 का रेजांग ला युद्ध 18,000 फीट की ऊंचाई पर लड़ा गया था, जिसमें 120 में से 114 जवान शहीद हो गए थे। कंपनी में ज्यादातर सैनिक (113) हरियाणा के रेवाड़ी और आसपास के अहिर समुदाय से थे, जिन्होंने चुषुल एयरफील्ड की पहली रक्षा पंक्ति को अदम्य साहस से बचाया।

तत्काल सुनवाई क्यों हुई?

सुबह केस एक अन्य बेंच के समक्ष लगा था, पर बेंच के न बैठने के चलते सुनवाई 26 नवंबर के लिए टल गई। लेकिन फिल्म शुक्रवार को रिलीज़ होने के कारण याचिकाकर्ता के वकील ने इसे तुरंत दूसरी बेंच के सामने सूचीबद्ध कराया।

बेंच की टिप्पणी

बेंच ने कहा कि यदि फिल्म सच्चे वीरों पर आधारित है तो उनके नाम और तस्वीरें दिखाने में कोई हिचक नहीं होनी चाहिए। हालांकि, याचिका अब बहुत देर से आई है, इसलिए थिएट्रिकल रिलीज़ रोकी नहीं जा सकती।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Patna
moderate rain
23.9 ° C
23.9 °
23.9 °
94 %
8.1kmh
100 %
Thu
24 °
Fri
26 °
Sat
29 °
Sun
32 °
Mon
31 °

Recent Comments