New High Court Building: कर्नाटक में दशकों पुराने और विवादों में घिरे बेंगलुरु टर्फ क्लब (Bangalore Turf Club) यानी रेस कोर्स की कीमती जमीन को लेकर राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक और बड़ा फैसला लिया है।
आवश्यक विवरण और उठाए गए कदमों का रिकॉर्ड पेश करें
सरकार ने कर्नाटक उच्च न्यायालय (Karnataka High Court) को आधिकारिक तौर पर सूचित किया है कि टर्फ क्लब द्वारा घेरी गई इस बेशकीमती जमीन पर अब हाई कोर्ट की नई और आधुनिक भव्य इमारत (New High Court Building) का निर्माण किया जाएगा, और इसके लिए जल्द ही कैबिनेट में एक औपचारिक प्रस्ताव (Resolution) पारित किया जाएगा। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विभु बाखरू और जस्टिस के.एस. हेमालेखा की खंडपीठ के समक्ष राज्य के एडवोकेट जनरल (AG) शशि किरण शेट्टी ने यह महत्वपूर्ण बयान दर्ज कराया। अदालत ने सरकार के इस कदम को संज्ञान में लेते हुए संबंधित आवश्यक विवरण और उठाए गए कदमों का रिकॉर्ड पेश करने के लिए राज्य सरकार को एक महीने का समय दिया है।
मामला क्या है?: 50 साल की जरूरतों को पूरा करने वाला ‘लॉन्ग टर्म’ प्लान
यह पूरा घटनाक्रम बेंगलुरु के ही एक नागरिक शरण देसाई द्वारा दायर एक जनहित याचिका (PIL) की सुनवाई के दौरान सामने आया।
याचिकाकर्ता की मांग: याचिका में राज्य सरकार को निर्देश देने की मांग की गई थी कि बेंगलुरु में एक आधुनिक और विशाल हाई कोर्ट परिसर (Modern High Court Complex) के निर्माण के लिए कम से कम 30 एकड़ भूमि आवंटित की जाए।
50 साल की दूरदर्शी योजना: इससे पहले की सुनवाई में खंडपीठ ने मौखिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण टिप्पणी की थी कि नए हाई कोर्ट परिसर की योजना इस तरह बनाई जानी चाहिए जो अगले 30 से 50 वर्षों तक न्यायपालिका की बढ़ती जरूरतों को पूरा कर सके।
अदालत की मोहलत: एडवोकेट जनरल के अनुरोध को स्वीकार करते हुए अदालत ने मामले की अगली सुनवाई को एक महीने के लिए टाल दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 28 अगस्त 2026 को होगी।
भविष्य की जरूरत: इससे पहले हुई सुनवाई में हाई कोर्ट की खंडपीठ ने मौखिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण टिप्पणी की थी कि नए हाई कोर्ट परिसर की योजना ऐसी होनी चाहिए जो अगले 30 से 50 वर्षों तक न्यायपालिका की सभी ढांचागत (Infrastructure) और आधुनिक आवश्यकताओं को पूरा कर सके।
अगली सुनवाई अगस्त में: एडवोकेट जनरल के अनुरोध पर कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई को 28 अगस्त 2026 तक के लिए टाल दिया है, ताकि सरकार इस दौरान जमीन हस्तांतरण और योजना से जुड़े सभी प्रशासनिक दस्तावेजों को रिकॉर्ड पर ला सके।
टर्फ क्लब का क्या होगा?: कुनिगल स्टड फार्म में शिफ्टिंग की तैयारी
हाई कोर्ट भवन के लिए टर्फ क्लब की जमीन देने का सरकार का यह बयान इस साल की शुरुआत में घुड़दौड़ (Horse Racing) गतिविधियों को शहर के केंद्र से बाहर स्थानांतरित करने के निर्णय से जुड़ा है।
कुनिगल स्टड फार्म में स्थानांतरण: इसी साल फरवरी में कर्नाटक कैबिनेट ने तुमकुर के पास कुनिगल स्टड फार्म (Kunigal Stud Farm) में 110 एकड़ और 20 गुंटा जमीन बेंगलुरु टर्फ क्लब को 29 साल की लीज पर देने की मंजूरी दी थी ताकि रेस कोर्स को वहां शिफ्ट किया जा सके।
पर्यावरण को लेकर चुनौती: हालांकि, सरकार के इस शिफ्टिंग के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी जा चुकी है। शहरी संरक्षणवादी विजय निशांत ने एक याचिका दायर कर तर्क दिया है कि सरकार का यह स्थानांतरण आदेश पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) अधिसूचना, 2006 का पालन किए बिना जारी किया गया था। हाई कोर्ट ने इस याचिका पर भी सरकार से जवाब मांगा है। हाई कोर्ट को दिया गया सरकार का यह बयान इस साल की शुरुआत में लिए गए एक बड़े प्रशासनिक फैसले की अगली कड़ी है।
कैबिनेट की मंजूरी (फरवरी 2026): कर्नाटक कैबिनेट ने इसी साल फरवरी 2026 में तुमकुरु (Tumakuru) के पास स्थित प्रसिद्ध कुनिगल स्टड फार्म (Kunigal Stud Farm) की 110 एकड़ और 20 गुंटा जमीन को 29 वर्षों के लिए बेंगलुरु टर्फ क्लब को लीज पर देने की मंजूरी दी थी ताकि घुड़दौड़ (Horse Racing) की गतिविधियों को बेंगलुरु शहर के केंद्र से बाहर स्थानांतरित किया जा सके।
अक्टूबर 2025 में हुई थी घोषणा: गौरतलब है कि पिछले साल 26 अक्टूबर 2025 को कबन पार्क (Cubbon Park) में आयोजित एक जन-संपर्क कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार (तत्कालीन उपमुख्यमंत्री) ने पहली बार यह सार्वजनिक घोषणा की थी कि सरकार हाई कोर्ट को एक बड़े और भव्य परिसर में स्थानांतरित करने की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार कर रही है।
कानूनी अड़चन: पर्यावरण कार्यकर्ताओं का विरोध
भले ही सरकार ने रेस कोर्स की जमीन जजों और वकीलों के लिए आवंटित करने का मन बना लिया हो, लेकिन यह राह पूरी तरह निष्कासित नहीं है।
शहरी संरक्षणवादी और पर्यावरण कार्यकर्ता विजय निशांत ने सरकार के इस रीलोकेशन (शिफ्टिंग) ऑर्डर को हाई कोर्ट में चुनौती दी है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि सरकार ने पर्यावरण प्रभाव आकलन अधिसूचना, 2006 (Environment Impact Assessment – EIA Notification) के तहत अनिवार्य नियमों का पालन किए बिना ही कुनिगल स्टड फार्म में रेस कोर्स शिफ्ट करने का आदेश जारी कर दिया है। हाई कोर्ट इस याचिका पर पहले ही राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांग चुका है।
केस शीट: कर्नाटक हाई कोर्ट भूमि आवंटन एवं बुनियादी ढांचा समीक्षा (2026)
| कानूनी और प्रशासनिक श्रेणियां | उच्च न्यायालय की विधिक स्थिति और सरकारी प्रस्ताव |
| संबंधित अदालत | कर्नाटक उच्च न्यायालय (Karnataka High Court) |
| माननीय न्यायाधीश | मुख्य न्यायाधीश विभु बाखरू और जस्टिस के.एस. हेमालेखा |
| याचिकाकर्ता | शरण देसाई (जनहित याचिका – PIL) |
| प्रस्तावित भूमि | बेंगलुरु टर्फ क्लब (BTC) की वर्तमान भूमि |
| स्थानांतरण स्थल | कुनिगल स्टड फार्म (तुमकुर के पास, 110 एकड़ लीज) |
| अगली सुनवाई की तिथि | 28 अगस्त 2026 (विवरण रिकॉर्ड पर रखने के लिए 1 माह का समय) |
पृष्ठभूमि: लंबे समय से चल रही थी नए परिसर की तलाश
वर्तमान में कर्नाटक हाई कोर्ट बेंगलुरु के ऐतिहासिक ‘अट्टा कचहरी’ (Attara Kacheri) भवन से संचालित होता है, जो कब्बन पार्क के सामने स्थित एक प्रतिष्ठित लाल रंग की विरासत इमारत (Heritage Building) है। हालांकि, मुकदमों की बढ़ती संख्या, वकीलों, जजों और वादियों की भीड़ के कारण यह परिसर अब छोटा पड़ने लगा है।
पिछले साल 26 अक्टूबर को एक नागरिक संपर्क कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री (तत्कालीन उपमुख्यमंत्री) डी.के. शिवकुमार ने भी संकेत दिया था कि सरकार हाई कोर्ट को एक बड़े और आधुनिक कैंपस में स्थानांतरित करने की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार कर रही है।

