Sunday, June 14, 2026
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Policy Matter: अमेरिकी पर्यटक से रेप के मामले में कर्नाटक सरकार से क्यों कहा..नई होमस्टे नीति बनाएं, क्योंकि मशरूम की तरह उग रहे होमस्टे

Policy Matter: कर्नाटक के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कोडागु जिले में एक अमेरिकी पर्यटक महिला के साथ हुए कथित यौन उत्पीड़न के मामले ने राज्य की पर्यटन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

राज्य के पर्यटन विभाग के प्रधान सचिव को दिए कड़े निर्देश

हाई कोर्ट के जस्टिस सूरज गोविंदराज की एकल पीठ ने कोडागु के एक होमस्टे मालिक की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। दरअसल, अमेरिकी महिला से रेप की घटना के बाद प्रशासन ने इस होमस्टे का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया था, जिसके खिलाफ मालिक ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए कर्नाटक हाई कोर्ट ने राज्य के पर्यटन विभाग के प्रधान सचिव को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे राज्य में होमस्टे (Homestays) के संचालन को विनियमित करने के लिए एक व्यापक और ठोस ‘होमस्टे नीति’ (Homestay Policy) तैयार करें। अदालत ने टिप्पणी की कि बिना किसी पुख्ता सुरक्षा और नियमों के चल रहे ये होमस्टे सीधे तौर पर पर्यटकों की सुरक्षा को खतरे में डाल रहे हैं और इससे राज्य की छवि खराब हो रही है।

यह रही अदालत की टिप्पणी

सुनवाई के दौरान जस्टिस सूरज गोविंदराज ने मौखिक रूप से बेहद गंभीर टिप्पणी की और कहा, इन अव्यवस्थाओं से आम लोग प्रभावित होते हैं। यह अब एक बड़ा सार्वजनिक मुद्दा बन चुका है। देश-विदेश के विभिन्न राज्यों से लोग यहां घूमने आते हैं और जब उनके साथ ऐसे बुरे अनुभव होते हैं, तो यह पूरे राज्य के लिए बड़ी समस्या खड़ी करता है।

मौजूदा कानून अधूरा: सुरक्षा, फायर और फूड लाइसेंस का कोई अता-पता नहीं

हाई कोर्ट ने अपने लिखित आदेश में स्पष्ट किया कि राज्य का मौजूदा कानून—’कर्नाटक पर्यटन व्यापार (सुविधा और विनियमन) अधिनियम’—होमस्टे के सभी पहलुओं को कवर करने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। अदालत ने होमस्टे में चल रही गड़बड़ियों को रेखांकित किया।

लाइसेंस की भारी कमी: अधिनियम केवल पंजीकरण (Registration) की बात करता है, लेकिन होमस्टे सेवाओं का लाभ उठाने वाले पर्यटकों की सुरक्षा के व्यापक पहलुओं पर मौन है।

बुनियादी अनुमतियां गायब: कोर्ट ने पाया कि राज्य में चल रहे अधिकांश होमस्टे के पास न तो फायर क्लीयरेंस (अग्निशमन अनापत्ति प्रमाण पत्र) है, न ही वहां चलने वाली रसोई (Kitchen) के लिए FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) की अनुमति ली गई है। इसके अलावा स्थानीय नगर निकायों (Municipal Authorities) से भी जरूरी लाइसेंस और अनुमतियां नहीं ली जाती हैं।

सुरक्षा और मनमाना चार्ज: होमस्टे में पर्यटकों को दी जाने वाली सुरक्षा का कोई मानक तय नहीं है और पर्यटकों से मनमाना चार्ज वसूला जाता है, जिसकी लगातार शिकायतें मिल रही हैं। इसी मामले से जुड़ी एक अन्य समन्वय पीठ (Coordinate Bench) ने भी होमस्टे की तुलना ‘मशरूम’ से करते हुए कहा, “होमस्टे को विनियमित करने की तत्काल आवश्यकता है; वे राज्य में मशरूम की तरह इस हद तक उग आए हैं कि प्रशासन को यह भी नहीं पता कि वे कहां स्थित हैं और उनके भीतर क्या गतिविधियां चल रही हैं। हर किसी की सुरक्षा दांव पर लगी है।”

क्या था कोडागु का मुख्य मामला? (BNS की धाराओं में केस दर्ज)

यह कानूनी विवाद अप्रैल 2026 में कोडागु (कूर्ग) के एक होमस्टे में रुकी अमेरिकी पर्यटक के साथ हुए कथित बलात्कार से जुड़ा है।

मालिक पर गंभीर आरोप: अमेरिकी महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने होमस्टे के एक 45 वर्षीय कर्मचारी को बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके साथ ही होमस्टे के मालिक को भी पुलिस ने इस आरोप में गिरफ्तार किया कि उसने आरोपी कर्मचारी को बचाने की कोशिश की और समय रहते पुलिस को इस जघन्य अपराध की सूचना नहीं दी।

कानूनी धाराएं: आरोपियों के खिलाफ नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(1) (बलात्कार), 351(2) (आपराधिक धमकी), 238 और 239 (अपराध करने की योजना छुपाना और झूठी सूचना देना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

जमानत की स्थिति: जिला अदालत ने 2 मई 2026 को होमस्टे मालिक को तो जमानत दे दी थी, लेकिन 4 जून 2026 को मुख्य आरोपी कर्मचारी की जमानत याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया।

विश्लेषण: रजिस्ट्रेशन रद्द करने के आदेश पर कोर्ट का रुख

होमस्टे मालिक ने प्रशासनिक कार्रवाई के तहत 22 अप्रैल को उसका बिजनेस रजिस्ट्रेशन रद्द किए जाने के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।

केस फैक्ट्स और कानूनी दलीलेंहाई कोर्ट का अंतिम विधिक निर्देश
मालिक का पक्ष (Adv. अंगद कामथ)प्रशासन ने बिना कोई पूर्व नोटिस या सफाई का मौका दिए (Natural Justice के खिलाफ) सीधे रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया।
सरकारी वकील का रुखसरकारी वकील ने अदालत के सामने स्वीकार किया कि कार्रवाई से पहले मालिक को कोई शो-कॉज नोटिस जारी नहीं किया गया था।
हाई कोर्ट का आदेशकोर्ट ने तकनीकी आधार पर रजिस्ट्रेशन रद्द करने के आदेश को ‘डाउनग्रेड’ करते हुए उसे केवल एक शो-कॉज नोटिस (कारण बताओ नोटिस) मानने का निर्देश दिया।
आगामी समय सीमाहोमस्टे मालिक को 24 जून 2026 तक इस नोटिस का जवाब देने की अनुमति दी गई है। इसके बाद प्रशासन को दो सप्ताह के भीतर अंतिम आदेश पारित करना होगा।

कर्नाटक सरकार के पर्यटन विभाग (Department of Tourism) ने राज्य में तेजी से बढ़ते पर्यटन और पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए “होमस्टे पंजीकरण दिशानिर्देश (Revised Homestay Policy/Guidelines)” को लागू किया है। कर्नाटक के कूर्ग (कोडागु), चिकमगलूर, मैसूर और तटीय जिलों (उडुपी, उत्तर कन्नड़) में होमस्टे की भारी मांग को देखते हुए इन नियमों को बेहद सख्त और सुस्पष्ट बनाया गया है।

कर्नाटक की होमस्टे पॉलिसी की सभी मुख्य बातें, नियम और कानूनी शर्तें विस्तार से यहां पर समझिए।

होमस्टे की परिभाषा और मूल नियम (Basic Rules)

पॉलिसी के तहत केवल उसी संपत्ति को ‘होमस्टे’ माना जाएगा जो इन शर्तों को पूरा करती हो:

  • मालिक का निवास अनिवार्य: होमस्टे का मालिक (या उसका जीवनसाथी/बच्चे) शारीरिक रूप से उसी परिसर या प्लॉट (समान सर्वे नंबर) में निवास करता होना चाहिए। आप खाली प्रॉपर्टी को होटल की तरह रिमोटली ऑपरेट नहीं कर सकते।
  • कमरों की सीमा (Room Cap): एक होमस्टे में मेहमानों के लिए न्यूनतम 1 और अधिकतम 6 कमरे ही किराए पर दिए जा सकते हैं।
  • बेड की सीमा: पूरे होमस्टे में अधिकतम 12 बेड हो सकते हैं। बच्चों के कॉट (छोटे बिस्तरों) को छोड़कर, एक कमरे में 3 से अधिक बेड नहीं लगाए जा सकते।
  • डॉरमिटरी पर प्रतिबंध: होमस्टे में किसी भी कमरे को डॉरमिटरी (Dormitory) के रूप में नहीं चलाया जा सकता और बंक-बेड (Bunk Beds) लगाने पर पूरी तरह रोक है।

गैर-व्यावसायिक दर्जा और टैक्स में राहत (Non-Commercial Status)

इस पॉलिसी की सबसे बड़ी यूटिलिटी यह है कि कर्नाटक सरकार होमस्टे को एक ‘घरेलू गतिविधि’ (Extension of Domestic Activity) मानती है, न कि विशुद्ध कमर्शियल बिजनेस।

  • घरेलू दरें (Domestic Rates): पंजीकृत होमस्टे मालिकों को अपनी संपत्ति पर प्रॉपर्टी टैक्स, बिजली का बिल और पानी का बिल घरेलू (Domestic) दरों पर ही देना होता है, कमर्शियल दरों पर नहीं।
  • ट्रेड लाइसेंस से छूट: होमस्टे संचालन के लिए स्थानीय नगर पालिका या ग्राम पंचायत से किसी भी प्रकार का ‘कमर्शियल ट्रेड लाइसेंस’ लेने की आवश्यकता नहीं है।

सुरक्षा और अनिवार्य संचालन नियम (Safety & Operations)

हाल ही में (2025-2026 में) कर्नाटक हाई कोर्ट के कड़े रुख और सुरक्षा चिंताओं के बाद, निम्नलिखित सुरक्षा नियमों को अनिवार्य (Mandatory) कर दिया गया है:

CCTV सर्विलांस:30 दिनों का डेटा बैकअप.

होमस्टे के रिसेप्शन, प्रवेश द्वार और बाहरी मुख्य हिस्सों में CCTV कैमरा लगाना अनिवार्य है। इसका फुटेज कम से कम 30 दिनों तक सुरक्षित रखना होगा।

अतिथि रजिस्टर (Guest Register):विदेशी नागरिकों के लिए Form C.

हर आने-जाने वाले मेहमान का रिकॉर्ड (नाम, पता, आईडी प्रूफ, आगमन/प्रस्थान का समय) रजिस्टर में रखना होगा। यदि कोई विदेशी नागरिक रुकता है, तो उसकी जानकारी Form C के जरिए तुरंत स्थानीय पुलिस विभाग को देनी होगी।

आपातकालीन संपर्क प्रदर्शन:प्रवेश द्वार पर डिस्प्ले.

रिसेप्शन या मुख्य द्वार पर स्थानीय पुलिस, फायर स्टेशन, वन विभाग (यदि लागू हो) और नजदीकी अस्पताल/डॉक्टर का संपर्क नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित करना होगा।

लोकल टच और भोजन:नाश्ता अनिवार्य.

अतिथियों को स्थानीय संस्कृति का अनुभव देने के लिए सजावट में स्थानीय कला और भोजन में वहां का पारंपरिक व्यंजन परोसना होगा। होमस्टे के टैरिफ में ब्रेकफास्ट (नाश्ता) शामिल होना अनिवार्य है

पंजीकरण प्रक्रिया और वैधता (Registration & Fees)

  • आधिकारिक पोर्टल: सभी नए और मौजूदा होमस्टे को कर्नाटक पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (karnatakatourism.org) पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
  • वैधता (Validity): एक बार पंजीकरण प्रमाणपत्र (Registration Certificate) जारी होने के बाद यह 5 वर्षों के लिए वैध होता है। अवधि समाप्त होने से पहले इसका नवीनीकरण (Renewal) कराना होता है।
  • बाहरी बोर्ड: पंजीकरण के बाद होमस्टे के मुख्य द्वार पर एक साइनबोर्ड लगाना आवश्यक है, जिस पर स्पष्ट लिखा हो — “Registered under the Tourism Department of Karnataka Government”.

उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई और जुर्माना (Penalties)

कानूनी चेतावनी: यदि कोई होमस्टे बिना पंजीकरण के अवैध रूप से संचालित होता पाया जाता है, तो जिला प्रशासन (जैसे कोडागु/कूर्ग जिला प्रशासन के हालिया 2026 के आदेशानुसार) उसे तुरंत बंद करने और भारी वित्तीय जुर्माना लगाने का अधिकार रखता है।

उल्लंघन का प्रकारदंडात्मक कार्रवाई / जुर्माना
बिना रजिस्ट्रेशन संचालन₹5,000 से ₹50,000 तक का जुर्माना और तीसरी बार पकड़े जाने पर प्रॉपर्टी को सील करना।
विदेशी मेहमान का Form C न भरनापुलिस एक्ट और इमिग्रेशन नियमों के तहत आपराधिक मामला।
पड़ोसियों को परेशानी / हुड़दंगन्यूसेंस (Public Nuisance) फैलाने पर रजिस्ट्रेशन का निलंबन (Suspension)।
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