Rahul Gandhi: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के आरोपों पर सीबीआई (CBI) के रुख पर असंतोष जताया है।
हाईकोर्ट के जस्टिस बृज राज सिंह और जस्टिस राजेश सिंह चौहान की खंडपीठ ने सीबीआई को एक वरिष्ठ अधिकारी के माध्यम से एक नया और स्पष्ट हलफनामा (Fresh Affidavit) दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि सीबीआई द्वारा दाखिल किया गया हलफनामा अस्पष्ट है और इससे जांच की प्रगति समझ नहीं आ रही है।
मामला क्या है?: याचिकाकर्ता के आरोप और अदालती पृष्ठभूमि
याचिकाकर्ता: भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर (S. Vignesh Shishir) ने एक आपराधिक रिट याचिका दायर की है।
मुख्य आरोप: याचिका में आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी और उनके परिवार के सदस्यों के पास उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति है। याचिका में CBI, ED (प्रवर्तन निदेशालय) और SFIO (गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय) जैसी केंद्रीय एजेंसियों को जांच के निर्देश देने की मांग की गई है।
पिछला आदेश (12 मई): हाई कोर्ट ने 12 मई को सीबीआई और ईडी को याचिकाकर्ता की शिकायत को कानून के अनुसार सत्यापित (Verify) करने और अदालत को प्रगति से अवगत कराने के निर्देश दिए थे।
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट के मुख्य बिंदु
CBI के हलफनामे पर कोर्ट का असंतोष
अदालत ने 20 जुलाई 2026 के अपने आदेश में सीबीआई की प्रतिक्रिया पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा, सीबीआई का जवाबी हलफनामा हमारे पिछले आदेश के अनुरूप प्रतीत नहीं होता है। हम सीबीआई द्वारा की गई जांच की प्रगति को समझने में असमर्थ हैं। इसलिए, अगली तारीख पर सीबीआई का नया हलफनामा एक वरिष्ठ अधिकारी के माध्यम से दाखिल किया जाना चाहिए, जिसमें स्पष्ट रूप से आगे की प्रगति का ब्योरा हो।
ED को मिली कार्रवाई आगे बढ़ाने की हरी झंडी
सीबीआई के विपरीत, अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा उठाए गए कदमों पर संतोष व्यक्त किया। पीठ ने कहा कि ईडी का हलफनामा पिछले निर्देशों के अनुपालन को दर्शाता है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि जांच के दौरान ईडी को राहुल गांधी या संबंधित संस्थाओं के खिलाफ कोई सामग्री या प्रासंगिक दस्तावेज मिलते हैं, तो वह कानून के अनुसार आगे की आवश्यक कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है।
अन्य मंत्रालयों को चार सप्ताह का समय
हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार (Union of India), कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT), राजस्व विभाग (Department of Revenue), कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (Ministry of Corporate Affairs) और SFIO को अपना विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए 4 सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया है।
याचिकाकर्ता की नई अंतरिम अर्जियां (Interlocutory Applications)
सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत रूप से पेश हुए याचिकाकर्ता विग्नेश शिशिर ने दो नई अर्जियां दायर कीं, जिनमें मांग की गई कि राहुल गांधी का पासपोर्ट ब्लॉक किया जाए,
जांच एजेंसियां हर हफ्ते अपनी जांच की प्रगति रिपोर्ट (Weekly Status Report) हाई कोर्ट में जमा करें। अदालत ने भारत के डिप्टी सॉलिसिटर जनरल (DSG) एस.बी. पांडे को इन अर्जियों पर संबंधित अधिकारियों से निर्देश प्राप्त करने और अगली सुनवाई तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
केस मैट्रिक्स: S. Vignesh Shishir v. Director, CBI & Ors.
| प्रक्रियात्मक पहलू | विवरण / अदालत का रुख |
| मामले का शीर्षक | एस. विग्नेश शिशिर बनाम निदेशक, सीबीआई एवं अन्य |
| संबंधित अदालत | इलाहाबाद उच्च न्यायालय (लखनऊ पीठ) |
| माननीय पीठ | जस्टिस बृज राज सिंह एवं जस्टिस राजेश सिंह चौहान |
| सीबीआई पर रुख | हलफनामे में स्पष्टता का अभाव; नए विस्तृत हलफनामे की मांग। |
| ईडी पर रुख | संतोषजनक अनुपालन; साक्ष्य मिलने पर वैधानिक कार्रवाई की स्वतंत्रता। |
| अगली सुनवाई की तिथि | 20 अगस्त 2026 |

