SCBA Election: सुप्रीम कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के चुनाव ढांचे में ऐतिहासिक और व्यापक सुधारों को मंजूरी दे दी है।
चुनाव प्रक्रिया पूरी करने की समयसीमा को एक महीना बढ़ाया
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस के. वी. विश्वनाथन की पीठ ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस एल. नागेश्वर राव की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिशों और बार के सुझावों पर विचार करने के बाद ये अहम निर्देश जारी किए। अदालत ने साफ किया है कि इस साल होने वाले चुनावों में ही नए पात्रता नियमों (Eligibility Criteria) को लागू किया जाएगा, हालांकि कार्यकारी समिति (Executive Committee) के कार्यकाल को 1 वर्ष से बढ़ाकर 2 वर्ष करने का सुधार साल 2027 से लागू होगा। चुनावों में सुधारों को ठीक से लागू करने के लिए कोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया पूरी करने की समयसीमा को एक महीना और बढ़ा दिया है।
मतदान के लिए नई पात्रता (Eligibility to Vote)
सामान्य वकील: अदालत ने ‘एक बार, एक वोट’ के सिद्धांत को मजबूत करते हुए केवल सक्रिय रूप से प्रैक्टिस कर रहे वकीलों को ही मतदान का अधिकार देने के लिए कड़े मापदंड तय किए हैं। पिछले 2 वर्षों में सुप्रीम कोर्ट में कम से कम 50 बार उपस्थिति (Appearances) अनिवार्य है।
महिला वकील: पिछले 2 वर्षों में कम से कम 30 बार उपस्थिति जरूरी है।
दिव्यांग वकील: पिछले 2 वर्षों में केवल 5 उपस्थिति की आवश्यकता होगी।
भौतिक बनाम वर्चुअल उपस्थिति: कुल उपस्थिति में से कम से कम 75% भौतिक (Physical) होनी चाहिए, जबकि अधिकतम 25% वर्चुअल (온라인) हो सकती है। कोर्ट पोर्टल पर वर्चुअल उपस्थिति को अलग से मार्क किया जाएगा।
एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड (AOR): पिछले 2 वर्षों में प्रति वर्ष औसतन 20 फाइलिंग (Filings) जरूरी हैं (दिव्यांग AOR के लिए प्रति वर्ष औसतन 5 फाइलिंग)।
मध्यस्थ (Mediators): सुप्रीम कोर्ट मध्यस्थता केंद्र के पैनल में 2 साल से शामिल और इस दौरान कम से कम 20 मामलों को संभालने वाले गैर-AOR सदस्य भी पात्र होंगे (दिव्यांग मध्यस्थों के लिए 5 मामले)।
वरिष्ठ वकील (Senior Advocates): राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) यानी दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद और गाजियाबाद में रहने वाले सभी वरिष्ठ वकील और सुप्रीम कोर्ट द्वारा नामित वरिष्ठ वकील मतदान के पात्र होंगे।
वरिष्ठ/अनुभवी सदस्य: 25 वर्ष से अधिक समय से SCBA के सदस्य वोट दे सकेंगे, लेकिन चुनाव लड़ने के लिए उन्हें पिछले 5 वर्षों में कम से कम एक बार मतदान करना अनिवार्य होगा।
कार्ड: केवल चैंबर आवंटन, चैंबर वेटिंग लिस्ट, एमिकस क्यूरी (Amicus Curiae) के रूप में नाम होना, या साल में 60 दिन प्रॉक्सिमिटी कार्ड का उपयोग करना अब स्वतंत्र रूप से मतदान का अधिकार नहीं देगा।
चुनाव लड़ने के लिए पात्रता मानदंड (Eligibility to Contest)
अनिवार्य सदस्यता: विभिन्न पदों पर चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए बार में उनके अनुभव और गरिमा को देखते हुए कड़े नियम बनाए गए हैं। किसी भी पद के लिए उम्मीदवार के पास कम से कम 5 साल की स्थायी SCBA सदस्यता होनी चाहिए।
अध्यक्ष और उपाध्यक्ष (President & Vice-President): उम्मीदवार के नाम पर पिछले 10 वर्षों में सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों (Reported Judgments) में कम से कम 10 मुख्य उपस्थिति (Lead Appearances) होनी चाहिए, या पिछले 20 वर्षों में कम से कम 25 रिपोर्टेड जजमेंट होने चाहिए।
अन्य पदाधिकारी: सचिव, संयुक्त सचिव, कोषाध्यक्ष, संयुक्त कोषाध्यक्ष और कार्यकारी सदस्यों के लिए पिछले 2 वर्षों में सुप्रीम कोर्ट में 50 बार उपस्थिति दर्ज होना अनिवार्य है।
सुरक्षित जमा राशि (Security Deposit): उम्मीदवारों को एक रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट देना होगा। यदि वे कुल वैध मतों का न्यूनतम 15% प्राप्त करते हैं, तभी यह राशि वापस की जाएगी।
महिलाओं और दिव्यांगों के लिए आरक्षण
अदालत ने समावेशिता को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सुप्रीम कोर्ट हर साल बार एसोसिएशन के कुछ विशिष्ट पदों को महिला वकीलों और दिव्यांग वकीलों के लिए आरक्षित कर सकता है। हालांकि, अध्यक्ष (President) का पद इस आरक्षण व्यवस्था से बाहर रहेगा।
निष्पक्ष चुनाव और भ्रष्टाचार विरोधी उपाय
रिश्वत/प्रलोभन पर आजीवन प्रतिबंध: चुनावों में धनबल और अनुचित साधनों को रोकने के लिए कोर्ट ने सख्त आचार संहिता (Model Code of Conduct) लागू करने का निर्देश दिया है। यदि कोई उम्मीदवार वोट के बदले नकद या किसी भी रूप में प्रलोभन (Inducement) देते हुए पाया गया, तो उसे न केवल मौजूदा चुनाव से बल्कि अगले चुनाव से भी अयोग्य (Disqualified) कर दिया जाएगा।
डिजिटल पारदर्शिता: प्रचार संदेशों की बाढ़ से बचाने के लिए सदस्यों को ‘ऑप्ट-आउट’ (Opt-out) का विकल्प मिलेगा। उम्मीदवारों के घोषणापत्र (Manifestos) SCBA की वेबसाइट पर एक साझा प्लेटफॉर्म पर होस्ट किए जाएंगे।
अयोग्यता: आपराधिक मामलों में दोषी और जेल की सजा पाए व्यक्ति या बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) द्वारा प्रतिबंधित वकील चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। मतदान केंद्रों के भीतर मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
सेल्फ-अप्रैजल रिपोर्ट: चुने गए पदाधिकारियों को अपने कार्यकाल के अंत में एक ‘स्व-मूल्यांकन रिपोर्ट’ सौंपनी होगी, जिसमें वे अपने चुनावी घोषणापत्र के मुकाबले अपनी सफलताओं और विफलताओं का विवरण देंगे।
SCBA चुनावी सुधार 2026: एक नज़र में (Case Matrix)
| पैरामीटर | नया स्वीकृत नियम | क्रियान्वयन का वर्ष |
| कार्यकारी समिति का कार्यकाल | 1 वर्ष से बढ़ाकर 2 वर्ष किया गया | 2027 से प्रभावी |
| कूलिंग-ऑफ पीरियड | कार्यकाल पूरा होने के बाद 1 वर्ष का अनिवार्य ब्रेक | कार्यकाल बढ़ने के बाद प्रभावी |
| मतदान हेतु सामान्य पात्रता | पिछले 2 वर्षों में 50 उपस्थिति (75% भौतिक होना अनिवार्य) | 2026 (इसी वर्ष से) |
| अध्यक्ष पद हेतु पात्रता | 10 वर्षों में 10 लीड जजमेंट या 20 वर्षों में 25 रिपोर्टेड जजमेंट | 2026 (इसी वर्ष से) |
| चुनाव आचार संहिता | प्रलोभन देने पर वर्तमान और अगले चुनाव से अयोग्यता | 2026 (इसी वर्ष से) |
| 2026 चुनाव समयसीमा | सुधारों को लागू करने के लिए पूर्व निर्धारित तिथि (5 अगस्त 2026) से 1 महीना विस्तारित | 2026 |
निष्कर्ष (Takeaway)
सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला बार एसोसिएशनों के भीतर राजनीति और ‘डमी वोटर्स’ (जो नियमित अभ्यास नहीं करते पर वोट बैंक बनते हैं) के प्रभाव को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। योग्यता आधारित (Appearance-based) मानदंड और कड़े भ्रष्टाचार विरोधी नियम यह सुनिश्चित करेंगे कि देश की शीर्ष अदालत की बार का नेतृत्व केवल वही वकील करें जो वास्तव में न्यायालय की कार्यवाही और संस्थागत गरिमा से जुड़े हुए हैं।

